नाहक ही मत ढूँढो खुशबू

ओम अग्रवाल ‘बबुआ’ मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************************************** चाह रहे हैं जग में हमको,मान और सम्मान मिले, बल वैभव हो मान प्रतिष्ठा,और उचित पहचान मिले। किन्तु समर्पण में बोलो कब,हमने जीवन हारा है, कहाँ हृदय से चाहा हमने,भारत जाँ से प्यारा है॥   महज दिखावे की खातिर हम,भारत की जय गाते हैं, और दिखावे की खातिर हम,थोथे गाल … Read more

आओ चलो मतदान करें

ऋषभ तोमर ‘राधे’ मुरैना(मध्यप्रदेश) ****************************************************** प्रेम को आगे रख के हम खुद का सम्मान करें, लोकतंत्र के महापर्व में आओ चलो मतदान करें। गली मोहल्ले गाँव शहर में घूम-घूम कर हम भाई, बूढ़े और जवानों का हम सब मिलकर आह्वान करें। जाति धर्म भाषा प्रांत से कुछ पल मन को दूर रखें, सही बटन पर … Read more

मतदान

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ***************************************************************************  हे भारत के भाग्य विधाता, हम सब भारत के मतदाता। आओ हम सब मतदान करें, लोकतंत्र पर अभिमान करें। हर बार से ज्यादा मत पड़े, इस बात पर हम सब भी अड़ें। निर्णय सोच कर मन से करें, इस दान को हम तन से करें। राष्ट्र निर्माण एक आधार, जनता के … Read more

नदियों को बचाना है

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* आओ मिलकर सोचें सब, नदियों को बचाना है। नदियों के उदगम में जाकर, जब तुम कचरा फैलाते हो। मौज-मस्ती करके सब तुम, जब अपने घर आते हो। एक बात भूल जाते सदा, पुण्य के लिए डुबकी उसी में लगाना है। नदियों को बचाना है….॥ जीव-जंतु जो मर गये, और … Read more

हौंसला

ओमप्रकाश अत्रि सीतापुर(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************************* अब दुर्गम मार्गों पर बढ़ चले हैं पांव मेरे, कठिन है यह राह इतनी थक गए हैं पांव मेरे। इस सूने रास्ते में याद कल की आ रही है, व्यर्थ में जीवन गंवाया पानी-सा मैं धन बहाया, याद जब आती है उसकी कांपते हैं पांव मेरे। दूर है मंज़िल मेरी, पर … Read more

गले मिलो प्रेम संग

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* नई साल आती रहे,मन में हो शुभ भाव, करते शुभकामना,सभी हम प्यार से। भारत धर्म संस्कृति,आए न कोई विकृति, मन में गुमान रख,रहना संस्कार से। बार-बार प्रयास हो,परिश्रम विश्वास हो, लक्ष्य पर हो निगाह,डरो नहीं हार से। शीतल स्वभाव रख,सफलता स्वाद चख, गर्म लोह कट जाए,शीतल प्रहार से। पंख लगते वक्त … Read more

अवध नादां हुआ

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** जब बुरा-सा वक्त मुझ पर दिल से मेहरबांं हुआ, तब सदा मेरा पराया मेरा खानदान हुआ। स्वार्थ की टेढ़ी तुला पर तौलकर फेंका गया, बस सभी के वास्ते बेमोल का सामांं हुआ। दान की बछिया भला पाली गई कब नेह से! छीनकर मत को हमेशा नाम मत का दान हुआ। … Read more

कटुवचन

श्रीमती पुष्पा शर्मा ‘कुसुम’ अजमेर(राजस्थान) **************************************************** मानव को मिला वाणी का वरदान। सधते उसी से संसार के व्यवहार। ज्ञान विज्ञान मनोरंजन, सभी तो जुड़े हैं वाणी के सूक्ष्म तंतु से। मानव मन पर करती राज्य, संतों की अमृतमय वाणी। हरती दुःख-क्लेश देती शाश्वत शान्ति। ठीक उलटा, कटुवचन प्रभाव पल में भरता मन में द्वेष-भाव, पनपता … Read more

सहज बुनियाद हिलती है

अवधेश कुमार ‘आशुतोष’ खगड़िया (बिहार) **************************************************************************** (रचना शिल्प:१२२२ १२२२ १२२२ १२२२) कठिन श्रम से सफलता शीघ्र सबको हाथ लगती है, लगाओ जोर दम भरके,सहज बुनियाद हिलती है। कमाओ लाख धन चाहे,महल मोटर बनाओ तुम, न दे ये काम, जीवन की कभी जब शाम ढलती है। निकट जब बाल बच्चे हों,मजा तब नौकरी में है, अगर … Read more

झूठ-फरेब का दौर

सुषमा मलिक  रोहतक (हरियाणा) ************************************************************************************* खत्म हुआ वक़्त इंसानियत का,झूठ-फरेब का चला दौर है, सच्चाई को दबाने को,झूठी खबरों का सोशल साइट पर शोर है। अपनी गलती ढंकने को लोग,दूसरों पर झूठे इल्जाम लगाते हैं, घर की बहन-बेटियों को,हथियार बनाने से भी नहीं कतराते हैं। जिस थाली में खाया उसी में छेद,फिर दूसरों को साँप … Read more