नाहक ही मत ढूँढो खुशबू
ओम अग्रवाल ‘बबुआ’ मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************************************** चाह रहे हैं जग में हमको,मान और सम्मान मिले, बल वैभव हो मान प्रतिष्ठा,और उचित पहचान मिले। किन्तु समर्पण में बोलो कब,हमने जीवन हारा है, कहाँ हृदय से चाहा हमने,भारत जाँ से प्यारा है॥ महज दिखावे की खातिर हम,भारत की जय गाते हैं, और दिखावे की खातिर हम,थोथे गाल … Read more