लोकतंत्र की हत्या

सुनीता रावत अजमेर(राजस्थान) ******************************************* लोकतंत्र का कत्ल आज़हर चौराहे पर हो रहा,जनता की भावनाओं से आज़हर नेता है खेल रहामंदिर-मस्ज़िद के नामों परजनता को है लुभा रहा,जाति-धर्म की राजनीति सेजीत सुनिश्चित कर रहालोगों की नब्ज़ टटोलकरनित सपने नए दिखा रहा,आश्वासन पर आश्वासन देकरलोंगों को भरमा रहा। भेड़ समान जनता बेचारीका इन पर जो भरोसा रहा,पलक झपकते … Read more

‘द्विज’ की रचनाओं में युग-चेतना प्रखरता के साथ लक्षित

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गीत-गोष्ठी… पटना (बिहार)। ‘भावुक कवि’ के रूप में चर्चित और सम्मानित पं. जनार्दन प्रसाद झा ‘द्विज’ छायावाद काल के अत्यंत महत्वपूर्ण कवि और मूल्यवान कथाकार थे। इनकी रचनाओं में युग-चेतना प्रखरता के साथ लक्षित होती है। महाकवि जयशंकर प्रसाद और कथा-सम्राट मुंशी प्रेमचंद से उनका बहुत निकट का सान्निध्य रहा। उनके साहित्य पर इन दोनों … Read more

सर्वहिताय का भाव समाहित

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* गणतंत्र दिवस:लोकतंत्र की नयी सुबह (२६ जनवरी २०२५ विशेष)… लोकतंत्र की नई सुबह है, गणतंत्र दिवस हमारा।सर्वहिताय का भाव समाहित, है जनहित का नारा॥ सम्प्रभुता का मान हो रहा, सब कुछ मंगलमय है,देश हमारा गतिमय है नित, मधुर-सुहानी लय है।अंधकार को दूर हटाता, फैलाता उजियारा,सर्वहिताय का भाव समाहित, है जनहित का … Read more

अपना फर्ज निभाते जाना

ताराचन्द वर्मा ‘डाबला’अलवर(राजस्थान)*************************************** गणतंत्र दिवस:लोकतंत्र की नयी सुबह (२६ जनवरी २०२५ विशेष)… लोकतंत्र की नयी सुबह पर,भूल न जाना कर्तव्य अपनासबको अपना हक मिल जाए,घर-घर में खुशहाली लाना। विचलित न होना आघातों से,अरमानों को कभी ना खोनाकठिन परिश्रम करते रहना,किस्मत के आगे कभी न रोना। पूर्ण स्वतंत्रता आज मिली है,खुशहाली के बीज बोनाकितनी भी आ … Read more

एक अनोखा बंधन

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* दूर रहकर यह मन अपना, जाने कैसे फिर जुड़ जाता।एक अनोखे बंधन में, यह मन अपना फिर से बँध जाता॥ लगता था मीलों की दूरी, तय नहीं कर पायेगें,थोड़ी दूर तलक ही चलकर, हम थक कर रह जायेगें।किंतु आगे और बढ़े तो, मन थक कर फिर उनको पाता,एक अनोखे बंधन … Read more

भगवान दिलों में

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* भगवान दिलों में रहते हैं, हर दिल से प्रेम करते हैं।इन्सान मगर भगवान का, घर भी ना साफ रखते हैं॥ दुनिया न बिना उनके सजती, रहता है वास कण-कण में,फिर भी न दिखें वो जीवन को, रहकर हर एक ही क्षण में।क्यों सूर्य किरण दिन भर रहती, फिर चन्दा की … Read more

शंखनाद महाकुंभ

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** शंखनाद यह महाकुंभ का,करते सब स्वागत इसकासभी कार्य तज चलो त्रिवेणी,स्वागत करो वहाँ सबका। दूर-दूर से लोग हैं आए,जिज्ञासा मन में है अपारसब कुछ उन्हें जानना कैसा,होता यह पावन त्यौहार। पावन भूमि त्रिवेणी नगरी,इसका नाम रामायण मेंबड़े भाग्य मानुष तन पाया,कर लो स्नान त्रिवेणी में। जहाँ-जहाँ पर बूँद पड़ी है,छलका अमृत-रस प्याराकुंभ … Read more

कविता बनाना और रचना

डॉ. मुकेश ‘असीमित’गंगापुर सिटी (राजस्थान)******************************************** ‘कविता’ बनाना,जैसे मिट्टी को चाक पर घुमाना,देर तक आकार ढूंढते रहनाहर रेखा, हर उभारकिसी और की नजरों को खुश करने का साधन। यहाँ भावनाएँ नहीं,सिर्फ शब्दों का हिसाब हैएक गणितीय समीकरण,जिसमें भावनाओं का योग जरूरी नहीं‘कविता’ रचना,जैसे बारिश में भीगी मिट्टी की गंध।कोई चाक नहीं,कोई ढांचा नहीं, कोई साधते हाथ … Read more

गणतंत्र-वंदना

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************* भारत माँ के अभिनंदन में, आओ हम जयगान करें।नित्य चुनौती का उत्तर दे, रक्षित माँ की आन करें॥ हमने रच डाली नव गाथा, लेकर खडग हाथ अपने,नहीं हटाये बढ़े हुये पग, पूर्ण किये सारे सपने।माटी को निज माथ लगाकर, आओ मंगलगान करें,नित्य चुनौती का प्रत्युत्तर दे, रक्षित माँ की आन … Read more

आया देखो आज नया सबेरा

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* गणतंत्र दिवस:लोकतंत्र की नयी सुबह (२६ जनवरी २०२५ विशेष)… गर्व करें हम जन सदा देश पर,छब्बीस जनवरी का दिनमानआया देखो है आज नया सबेरा,गणतंत्र दिवस का करें सम्मान। स्वतंत्र भारत का उत्तम संविधान,हम भारतीय नागरिक की जानसंस्कृति अमूल्य हमारी विश्व में,स्वतंत्रता शौर्य बलिदानी सम्मान। हम हैं प्रखर गणतंत्र के दिवाने,कोई … Read more