भव्य गणतंत्र हमारा

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** भव्य निरालागणतंत्र हमारागर्व करिए। राष्ट्र से जनसदा देश प्रथमगर्व करिए। नया सबेराछब्बीस जनवरीमन प्रसन्न। है खुशहालीयूँ बनकर शक्तिमिले हैं आज। पावन पर्वगणतंत्र दिवसबजाओ ढोल। स्वतंत्र हमउत्तम संविधानविश्व मानता। प्रतिभावानसभ्य संस्कृति मूल्यख्याति महान। हम दीवानेप्रखर गणतंत्रप्रबल हम। पाकर स्नेहप्रेम हमेशा देतेदोस्ती कीजिए। मन से मनसदा ही की मददपुण्य लीजिए। आदर्श-रक्षानींव है भारत कीहै … Read more

कैसे कह दूँ नयी सुबह!

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* गणतंत्र दिवस:लोकतंत्र की नयी सुबह (२६ जनवरी २०२५ विशेष)… कैसे कह दूँ नयी सुबह जब, स्वाभिमान पर धूल चढ़ी,कैसे कहूँ आजाद सुबह, जब हिन्दू का कोई राष्ट्र नहीं ?? देशभक्ति की सुनहरी चिड़िया, फुर्र हो गई रुकी नहीं,स्वार्थी झूठे नेताओं ने, उसको चहकने दिया नहीं। हो गया गणतंत्र पुराना, संविधान में … Read more

ये जीवन तुम्हारे काम आए

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)****************************** तेजप्रतापिनी, सौंदर्य शालिनी, मानिनी माँ भारती,शब्द केवल असहाय है, माँ करने तुम्हारी आरतीतुम वीरों की जननी हो, सारे जहां की उद्धरिनी हो,दर्शन जो पला गोद में तुम्हारी, संसार की तारिणी होस्तित्व का गंतव्य सिखलाती, ध्यान को धारिनी हो,सारी दुनिया को प्रकाश दिखाती, प्राणमय संसारिणी हो। अष्टांग योग, समाधि ध्यान की तुम … Read more

ब्रम्हांड मेरी सरस्वती

संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )******************************** वंदन, नमन माँ सरस्वती,ज्ञान-विज्ञान मेरी सरस्वतीसमाधान सबकी सरस्वती,अभिमान जय-जय सरस्वती। पूजा करूँ, करूँ मैं तेरी आरती,माँ सरस्वती, जय हो तेरी भारतीमानव में चिंतन, कल्पना तू तारती,जीव जंतु की कल्पना निहारती। तू विद्या धन वरदायिनी,तू संगीत सुर प्रदायिनीवीणा तरंग ध्वनिदायिनी,तू छंद-दोहा शोभिणी। तू अखंड ज्ञान पथ गामिनी,तू कमल पुष्प विराजनीतू वेद … Read more

याद उन्हें हम करते हैं

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** वे परम वीर सेनानी थे,वे निडर और अभिमानी थेवे दृढ़ प्रतिज्ञ तेजस्वी थे,वे देशभक्त ओजस्वी थे। नारा ‘जय हिंद’ का देकर वे,बोले एकसाथ में सब आओतुम रक्त मुझे दो बदले में,आज़ादी तुम मुझसे पाओ। एक नई कली चटकी उस दिन,आज़ाद हिंद की फ़ौज बनीआज़ाद परिंदों की टोली,एक नई दिशा की ओर चली। … Read more

लोकतंत्र की नयी सुबह आई

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)**************************************** गणतंत्र दिवस:लोकतंत्र की नयी सुबह (२६ जनवरी २०२५ विशेष)… लोकतंत्र की नयी सुबह आई,तीन रंगों का महत्व बताने आईबलिदानियों ने खून से की आजादी की सिंचाई,गणतंत्र दिवस के तिरंगे ने ये बात बताई। हरियाली में देखो कैसी मुस्कान आई,अंग्रेजों से गुलामी बंधन मुक्त तब आजादी आईबच्चे-बूढ़े सबके चेहरों पर मुस्कान आई,लोकतंत्र की … Read more

भारत और विरासत

मानसी श्रीवास्तव ‘शिवन्या’मुम्बई (महाराष्ट्र)****************************************** लोकतंत्र से बना यह भारत, गणतंत्र है इसकी विरासत। विश्व का सबसे बड़ा है संविधान,भारतीयों से है जिसकी पहचान।  ‘सोने की चिड़िया’ बोलो या कहो हिंदुस्तान, कण-कण में है यहाँ भारत की शान।  चला है मनाने अपना यह ७६वां गणतंत्र, राजपथ पर दिखेगी देश की भव्य तस्वीर। झांकियाँ दिखेंगी विरासत की,तीन रंगों में रंगेगा … Read more

गणतंत्र का सूरज

डॉ. मुकेश ‘असीमित’गंगापुर सिटी (राजस्थान)******************************************** गणतंत्र दिवस:लोकतंत्र की नयी सुबह (२६ जनवरी २०२५ विशेष)…. सूरज पिछले सात दिनों से कर रहा है काम,सरकारी दफ्तर के मानिंद। खोलता है कभी-कभार रोशनी की फाइलें,देखो न किरणें नदारद है। देशभक्ति गीत अब कौवों के गले में हैं,चिड़िया सत्ता के पिंजरे में कैद है। सोने का अंडा देती है, … Read more

यह नयी सुबह

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ गणतंत्र दिवस:लोकतंत्र की नयी सुबह (२६ जनवरी २०२५ विशेष).. ये है भारत का उज्जवल भविष्य,चलता जा रहा है गणतंत्र ऊँचाइयों की बढ़ती जा रही है ये साख,लोकतंत्र के लिए यह नयी सुबह है। विकसित भारत के बढ़ते कदम,जनमानस के विश्वास के क्षण प्रगति पथ का यह हर एक पल,लोकतंत्र के लिए यह … Read more

परमार्थ जग हो नाम

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) *********************************** नाम बड़ा या काम है, कौन जगत अभिराम। परमारथ जो काम है, उसका जग हो नाम॥ हियतल हो सम्वेदना, पर विपदा आभास। सहयोगी मन भावना, वही कार्य विश्वास॥ सहनशीलता प्रकृति में, संयम धीर स्वभाव। पौरुष संसाधन बने, मिटे उदासी घाव॥ समझो मेहनत तब सफल, हितकर हो समृद्धि। मिले मदद सेवा वतन, राष्ट्र प्रगति हो वृद्धि॥ देश भक्ति सम्प्रीति से, भरा सदा हो काम। निर्माणक नवराष्ट्र यश, कर्मवीर शुभ नाम॥ … Read more