प्रेम मार्ग
संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)**************************************** पलकें जिनकेइंतजार में होती नहीं बंद,ढूंढती चेहरे कोजो दिल में बसा छुपा रखा,मगर प्यार की खुशबूसाँसों में जो बसी अब तक। नदी के तट पर खाली नाव,प्यार की लहरों से बातें करतीजैसे करती तुम मन ही मन में मुझको,‘सनसेट’ की तरह निहारती थीफूलों की दुकान पर। अब पड़े गुलाब के फूल,उतावले हैं … Read more