प्रेम मार्ग

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)**************************************** पलकें जिनकेइंतजार में होती नहीं बंद,ढूंढती चेहरे कोजो दिल में बसा छुपा रखा,मगर प्यार की खुशबूसाँसों में जो बसी अब तक। नदी के तट पर खाली नाव,प्यार की लहरों से बातें करतीजैसे करती तुम मन ही मन में मुझको,‘सनसेट’ की तरह निहारती थीफूलों की दुकान पर। अब पड़े गुलाब के फूल,उतावले हैं … Read more

गले लग जाना

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** प्रिय दोस्त, कभी आना समय निकाल कर,आना तो पहले से मत बताना, बस आ जानाजैसे ठंडी हवा का झोंका आता है, गले लग जाना,कितनी बातें करनी है तुमसे, हर प्रश्न का हिसाब चाहिएइतने दिनों से कोई खोज-ख़बर नहीं ली, सबका जवाब चाहिए। तुमको याद है वो दिन… जब मैम ने हम दोनों … Read more

‘शीत ऋतु’ ध्यान

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* सर्दी,शीत ऋतुठंड चहुँ ओर,कंबल-रजाईसुहाए। कोहरा,भोर काधुंधला खेत राह,ओस मोती,लुभाए। मद्धम,सूर्य किरणेंसुंदर लगे प्रकाश,चाय-कॉफीबढ़ाए। जनवरी,शीत लहरठिठुरन जो बढ़े,अलाव-हीटरजलाए। स्वास्थ्य,ध्यान आवश्यकशीत से बचें।पौष्टिक भोजन,कराएं॥ परिचय- डॉ.आशा गुप्ता का लेखन में उपनाम-श्रेया है। आपकी जन्म तिथि २४ जून तथा जन्म स्थान-अहमदनगर (महाराष्ट्र)है। पितृ स्थान वाशिंदा-वाराणसी(उत्तर प्रदेश) है। वर्तमान में आप जमशेदपुर (झारखण्ड) में निवासरत … Read more

आँसू मत बहाना

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* ऑंसू की बूँदें कभी मत बहाना।इनको सदा अपनी हिम्मत बनाना॥कमजोर करते हैं ऑंसू सभी को,कमजोरियों को भी ताकत बनाना॥ऑंसू की बूंदें… मजबूर हो तुम यही तो बताते,जज्बात गम के जहां को दिखाते।लेकिन इन्हें तुम छलकने न देना,इनसे ही अपनी मुहब्बत जताना।कमजोरियों को भी ताकत बनाना,ऑंसू की बूंदें…॥ हालात गर्दिश दिलों … Read more

अनमोल खज़ाना

सीमा जैन ‘निसर्ग’मेदिनीपुर (प.बंगाल)********************************************* अनमोल खज़ाना खो बैठे,हम छत से हाथ धो बैठेजीवन भर जिसके साथ रहे,वो गुज़रे जमाने के हो बैठे। सूनी दुनिया कर चले गए,बैठक में चुप्पी छोड़ गएजो देख हमें चहकते थे,इस जन्म का साथ छोड़ गए। जाने किस दुनिया में अब होंगे,जीवन कैसा जीते होंगे…?उनकी आँखों का तारा थे,क्या हमसे दूर … Read more

सरस्वती वंदना

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश)****************************************** रचनाशिल्प- २१२२ २१२२ २१२… शारदे यश विद्या बुद्धि ज्ञान दे।माँ तनिक भी मत हमें अभिमान दे॥ श्री कलाधारा सुनासा वरप्रदा।शारदा ब्राह्मी सुभद्रा श्रीप्रदा।भारती त्रिगुणा शिवा वागीश्वरी।गोमती कांता परा भुवनेश्वरी॥पुण्य इस भारत धरा पर ध्यान दे…॥ शारदे यश विद्या बुद्धि ज्ञान दे।माँ तनिक भी मत हमें अभिमान दे॥ ज्ञानमुद्रा पीत … Read more

थे विवेकी

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** मानवता का पाठ पढ़ाया,नर में इन्द्र था जिनका नामबड़े विवेकी महापुरुष थे,ऐसा किया उन्होंने काम। विश्व गुरु कहलाए थे वे,ऐसा कुछ बस बीज बो गएभाषण देने में पारंगत,देश विदेश में नाम कर गए। पकड़ बड़ी थी उनकी अच्छी,दर्शन और धर्म के ज्ञातासत्य की खोज में लगे रहे,मर्म जानना उनको भाता। श्री राम … Read more

गढ़ो जीवन व्यवहार

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* गढ़ो रूप जीवन सुपथ, संकल्पित हो ध्येय।सद्विचार व्यवहार ही, पौरुष सफल सुगेय॥ सदाचरण जीवन चले, अपनापन व्यवहार।मर्यादित मृदुभाष ही, रिश्तों का आधार॥ खिले सुपथ सुरभित चमन, आपस में व्यवहार।कटती बाधाएँ विपद, जीवन हो गुलज़ार॥ सत्य मधुर सम्बन्ध जग, आलोकित व्यवहार।मार्ग सुगम हो लक्ष्य पथ, संस्कार आचार॥ निर्मल अन्तर्मन चरित, … Read more

अब मन नहीं करता

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* अब मन नहीं करता,कुछ सुनने का, कुछ सुनाने काकुछ पाने का, कुछ खोने का,कुछ रोने का, कुछ हँसने का। अब मन नहीं करता,कुछ कहने का, कुछ पूछने काकुछ वादों का, कुछ निभाने का,कुछ मीठी यादों में खो जाने का। अब मन नहीं करता,कुछ मुस्कुराने का, कुछ रोने काकुछ प्रेम के रंग … Read more

आस्था का महापर्व ‘महाकुंभ’

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* अमृत की बूंदों से सिंचित धरा प्रयाग की पावन,पुण्य धरा वह, महाकुंभ शोभित, होता मनभावन। देवभूमि है, मंगलकारी, जो सबके दु:ख हरती है,सबका जीवन जगमग करती, सुखपूरित करती है। महाकुंभ है महान परंपरा, धर्म-कर्म, यशगान है,सोहता नव विहान, मन का नित होता उत्थान है। प्रयागराज सोहता, मन को तो तो नित … Read more