हमारी पहचान ‘भारत महान’

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ भारत भूमि महान,यहाँ वीरों की खान हैनफ़रत नहीं है हम सभी में,हमारी एकता ही हमारी पहचान है…। जात-पांत का नहीं है कोई रंग,भाईचारे का है यहाँ सबका संगयही गंगा-जमुनी संस्कृति को दिखाते हैं हम,हम भारतीय हैं, यही हमारी पहचान है…। गणतंत्र के रक्षक बन कर,देश के लिए आगे आएँ हम।वीरों … Read more

दर्पण झूठ न बोलता

डॉ.एन.के. सेठी ‘नवल’बांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* दर्पण झूठ न बोलता, सदा दिखाता सत्य।जो जैसा वैसा दिखे, होता नहीं असत्य॥होता नहीं असत्य, दोष गुण सब आ जाते।राजा हो या रंक, सभी निज दर्शन पाते॥मन के जो भी दोष, सभी का करो समर्पण।करो सभी को दूर, बोलता झूठ न दर्पण॥ करिए मन दर्पण सखे, देखें अपने दोष।निर्मल तन-मन … Read more

पधारो उमा महेश्वर जी

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)*************************************** बसंत छाया कानन कानन, सजी धजी रूप वल्लरीया हैपर्ण-पर्ण के लिबास बदले, जैसे नयी-नवेली दुल्हनिया हैकलिकाओं की बाढ़ आ रही, मंद गा रही जो पवनिया है,शिव आने वाले हैं कानन में, साथ में पार्वती जी रमणीया हैस्वागत-स्वागत-स्वागत हो शिव-शंभो,रमा-महेश्वर स्वागत वंदन हो शिव-शंभो। सरिताओं ने गीत बदले हैं, कल-कल के नये … Read more

मुहब्बत में इनायत

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* जरूरत क्या गुजारिश की, इबादत- सी मुहब्बत में।इनायत खुद खुदाई की हुआ करती मुहब्बत में। इबारत क्यों फसानों-सी सुनाते लोग उल्फत में।बिना शिद्दत मिटा करती इल्तज़ा भी मुहब्बत में। दिलों के आशियानों में, बड़ी जागीर होती है,तिजारत क्यूँ दिवानों से हुआ करती मुहब्बत में। बहारें फूल खुशबू से रहें महफूज़ … Read more

वरदान मांगती हूँ

ऋचा गिरिदिल्ली******************************** हवाएँ आज सुस्त हैं,प्रभा भी आज लुप्त हैदिशा धूमिल-धूमिल-सी है,निशा शिथिल-शिथिल सी है। अनल नजर न आ रहा,भयप्रद अंधेरा छा रहा। ऐ सूर्य तुम कहाँ हो!तुम्हें पुकारती हूँ मैंतिमिर से अभाव में,प्रकाश चाहती हूँ मैं। लताएँ भी उदास हैं,नीड़ नहीं पास हैखग बेजान लग रहे,न पंख है न पग रहे। राह में घिराव … Read more

हँसती हैं जब आँखें

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** हँसती है जब तेरी आँखें,हँस पड़ते हैं लाखों तारे…सजती है जब हँसी होंठ में,सागर मोती मिले किनारे…। सँवर गए हैं जीवन कितने,हँसते जब-जब हाथ तुम्हारे…हँसते हैं जब गेसू तेरे,आहें भरती मस्त बहारें…। हँसते तन-मन का बाँकपना,खिल उठते हैं फूल न्यारे…हँसता जब माँग का सिंदूर,दहक उठे तब साँझ सकारे…। हँसती है जब तेरी … Read more

काश! ऐसा हो जाता…

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** फूल बोलते पत्ते गाते,पौधे हमसे हाथ मिलातेचिड़िया चलती पैदल-पैदल,हम सब उसको मित्र बनाते। पर्वत पर टापू बन जाते,अम्बर में हम महल बनातेधरती अम्बर जुड़ी सड़क हो,जिस पर हम सायकिल चलाते। पेड़ों पर टॉफ़ी लटकी हो,खेतों में बिस्कुट उग आतेफ़्रूटी की बारिश होती यदि,हम सब बोतल में भर लाते। नानी-दादी लेकर बस्ता,पढ़ने को … Read more

गीता ज्ञान-नित कर्म

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* कहता गीता ज्ञान है, करे मनुज नित कर्म।सदा सत्य पक्ष का पक्ष ले, यही आज हो धर्म॥ कदम न रख पीछे कभी, करता चल संघर्ष।गीता का यह ज्ञान है, चिंतन रख नित वर्ष॥ चलें सतत नव राह पर, कहता गीता ज्ञान।हरें पाप, संताप को, हो जीवन का मान॥ नवल चेतना धारकर, … Read more

देश पर मर मिटने वाला

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ वह भारत का नायक,वीर सपूत वीर सैनानीआजादी का मतवाला,देश पर मर मिटने वाला। जिसने कभी भी नहीं,झुकने दिया भारत का मानगांधी-नेहरू का साथ जिसने दिया,देश के दुश्मनों को सबक सिखायादेश पर मर मिटने वाला…। अपनी युवा फौज का वह नायक,आजाद हिंद का सैनानी बनजिसने युवाओं को हिन्दुस्तान से जोड़ा,देश पर … Read more

अपनों में अकेला

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* अपनों में अकेला आज मैं, अनुभव दिल स्वयं को कोसता,खोया कहीं विश्वास हमने, ज़मीर दिली कहीं मन सोचता। बढ़ते वही बस पथ समुन्नत, जो साहसी संयम आत्मबल,क्या तनिक बाधाओं से विरत गुमराह लक्ष्यपथ भटकता। दूसरों पर यकीं है असम्भव, जिसे खुद पर नहीं हो आस्था,मिथ्या कपट छल घृणा तम, … Read more