आयेगा नहिं काल
अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** दैनिक योग करो सखे,जब भी मिले सुकाल।तन निरोग मन में खुशी,आयेगा नहिं काल॥आयेगा नहिं काल,योग के लाभ निराले।तन का रंग गुलाब,केश काले के काले॥कहे ‘अवध’कविराय,बनो फौलादी सैनिक।जीवन हो खुशहाल,योग अपनाओ दैनिक॥ परिचय-अवधेश कुमार विक्रम शाह का साहित्यिक नाम ‘अवध’ है। आपका स्थाई पता मैढ़ी,चन्दौली(उत्तर प्रदेश) है, परंतु कार्यक्षेत्र की वजह से गुवाहाटी … Read more