हारा
बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* हारा- हारा जो हिम्मत नहीं,जीता उसने युद्ध। त्याग तपस्या साथ ही,बने धैर्य से बुद्ध। बने धैर्य से बुद्ध,तथागत जन दुखहारी। किया प्राप्त बुद्धत्व,जीत कर भाव विकारी। शर्मा बाबू लाल,हार मत,मिले किनारा। पढ़ो विगत संघर्ष,धीर जन कभी न हारा। नारी- नारी है सबला सदा,मानो सत्य सुजान। जीवन दाता सृष्टि में,नारी अरु भगवान। … Read more