बोली

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* बोली- बोली मीठी बोलना,कहते संत सुजान। यही करे अंतर मनुज,कोयल कागा मान। कोयल कागा मान,मनुज सच मीठा बोले। झूठ बोल परिवेश,हलाहल मत तू घोले। शर्मा बाबू लाल,दवा की बनकर गोली। करती भव उपचार,घाव भी देती बोली। पाना- पाना है निर्वाण मन,कर जीवन निर्वाह। सत्य शुभ्र कर्तव्य कर,छोड़ व्यर्थ परवाह। छोड़ व्यर्थ … Read more

माता रानी

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** माता रानी अम्बिके,कर देना शुभ काज। आए तेरे द्वार पर,रखना सबकी लाज॥ रखना सबकी लाज,शरण में आज तिहारे। देखो हाहाकार,मचा है देश हमारे॥ कहे ‘विनायक राज’,करें क्या समझ न आता। तुमसे है अब आस,बचा लो जग को माता॥ कहना मेरा मान लो,हे जगजननी मात। जोत जलाऊँ आपकी,नव दिन … Read more

पूजा

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* पूजा- करना पूजा ज्ञान की,मानस मान सुजान। राष्ट्र गान से वन्दना,संसद वतन विधान। संसद वतन विधान,पूज निज भारत माता। सरिता सागर भानु,धरा शशि प्राकृत नाता। शर्मा बाबू लाल,शीश चंदन रज धरना। गुण मानवता सत्य,न्याय की पूजा करना। थाली- थाली जिसमें खा रहे,करे उसी में छेद। करे परिश्रम बावरे,वृथा बहाए स्वेद। वृथा … Read more

कोरोना से युद्ध चले करने दिलवाले

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** उनकी खातिर प्रार्थना, मिलकर करना आज। जो जनसेवा कर रहे, भूल सभी निज काज। भूल सभी निज काज, प्राण जोखिम में डाले। कोरोना से युद्ध, चले करने दिलवाले। कह ‘डिजेन्द्र’ करजोरि, सुनो उनके भी मन की। बस सेवा की चाह, हृदय में बसती उनकी॥ परिचय-डीजेंद्र कुर्रे का निवास पीपरभौना … Read more

बदला

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* बदला- बदला लिया कलिंग ने,किया मगध का ह्रास! दोनो तरफ विनाश बस,पढ़िए जन इतिहास! पढ़िये जन इतिहास,सत्य जो सीख सिखाए! भूत भावि संबंध,शोध नव पंथ दिखाए! शर्मा बाबू लाल,करो मत मानस गँदला! लेते देते हानि,सखे दु:ख दायक बदला! दुनिया- दुनिया मतलब की हुई,स्वार्थ भरा संसार! धर्म सनातन की सखे,बिकती सीख उधार! … Read more

बदला

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* बदला- बदला लिया कलिंग ने,किया मगध का ह्रास! दोनो तरफ विनाश बस,पढ़िए जन इतिहास! पढ़िये जन इतिहास,सत्य जो सीख सिखाए! भूत भावि संबंध,शोध नव पंथ दिखाए! शर्मा बाबू लाल,करो मत मानस गँदला! लेते देते हानि,सखे दु:ख दायक बदला! दुनिया- दुनिया मतलब की हुई,स्वार्थ भरा संसार! धर्म सनातन की सखे,बिकती सीख उधार! … Read more

दोस्ती

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* दोस्त बनाए वही जो,सही राह दिखलाय। बोले कड़वा वो भले,सदा सत्य बतलाय॥ सदा सत्य बतलाय,कभी भी झूठ न बोले। लेवे सदा उबार,मित्र पर संकट डोले॥ कहता कवि नवनीत,सदा जो आन बचाए। करता सच्ची प्रीत,दोस्त उसे ही बनाए॥ कृष्ण सुदामा की तरह,आपस में हो मित्र। स्वार्थ नहीं जिसमें कहीं,दोनों बड़े विचित्र॥ … Read more

सरिता

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* सरिता- सरिता ये धमनी शिरा,मान भारती शान! गंगा यमुना नर्मदा,चम्बल सोन समान! चम्बल सोन समान,सरित धरती सरसाती! बने नहर बहु बन्ध,फसल धानी लहराती! शर्मा बाबू लाल,सजी सँवरी सम बनिता! चली सिंधु प्रिय पंथ,उमड़ती बहती सरिता! गहरा- मानस मानुष प्रीत से,करे सृष्टि संचार! सागर से गहरा वही,ढाई अक्षर प्यार! ढाई अक्षर प्यार,युगों … Read more

वीणा

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* वीणा- वीणा में स्वर है नहीं,होती निश्चल मौन! होता वादक मौन है,स्वर देता है कौन! स्वर देता है कौन,कहाँ से ध्वनि आ जय भारत जय भारत धरती जाती! अहो शारदा मात, कंठ वीणा में आती! कहे लाल कविराय, सरे लय गीत अम्हीणा! कसें संतुलित तार, गीत लय बजती वीणा! (अम्हीणा~हमारा) नैतिक- … Read more

सभी मिल खेलें होली

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* होली के त्यौहार में,उड़े अबीर गुलाल। रंगों की बौछार से,हुए चेहरे लाल॥ हुए चेहरे लाल,सभी मिल रंग लगाते। खाते हैं पकवान,सभी ये पर्व मनाते॥ कहता कवि नवनीत,करे सब हँसी ठिठोली। तन मन हो रंगीन,सभी मिल खेलें होली॥ दहन करे जब होलिका,दुर्गुण सभी जलाय। अवगुण सारे भस्म हों,अच्छाई बच जाय॥ अच्छाई … Read more