बोली
बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* बोली- बोली मीठी बोलना,कहते संत सुजान। यही करे अंतर मनुज,कोयल कागा मान। कोयल कागा मान,मनुज सच मीठा बोले। झूठ बोल परिवेश,हलाहल मत तू घोले। शर्मा बाबू लाल,दवा की बनकर गोली। करती भव उपचार,घाव भी देती बोली। पाना- पाना है निर्वाण मन,कर जीवन निर्वाह। सत्य शुभ्र कर्तव्य कर,छोड़ व्यर्थ परवाह। छोड़ व्यर्थ … Read more