है मन बावरा

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** क्या शांति गीतहै मन बावराभीतर मीत…। पँख झुलसेप्रीत पाखी व्याकुलबंधे भू रीत…। सुदूर नभदृग छोर तलकरेतीला टिश…। लू जैसे स्वाँसवाह्य दग्ध वायुढूँढते शीत…। शिथिल कायाअहर्निश अनलबुझता दीप…। पल्लव दलनैन रक्त पुष्प केहोते पतित…। नेह मेघ आअनिमेष दृष्टि मेंतृष्णा प्रतीत…। स्मृति कुम्भ मेंरक्षित गंगाजलएक अतीत…॥ परिचय–ममता तिवारी का जन्म १अक्टूबर १९६८ को हुआ … Read more

खिली मुस्कान

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** आई वैसाखीहर्षित कोपल जीखिली मुस्कान। खुशी का पर्वआनंदित ये मनपावन दिन। नव प्रभातकृषक करें कर्मपर्व महान। मिटे आतंकहों सब उल्लासितआएँ खुशियाँ। उपज सुखहो नव परिवेशकिसान मन। रहे एकतालें सब वरदानअखंड देश। हो देशहितपर पीड़ा अपनीनहीं अहित। हरित धरामान-सम्मान मिलेहो अन्न भरा। हो अभिलाषाआए सृमद्धि रंगसुख-वैभव। फैले उजासखुशहाल जीवनसबको आस॥

सहालग का आया शुभमुहूर्त

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* आया वैशाखतापमान बढ़तागर्मी पसीना। भारत देशहर प्रांत मनाएवैशाख पर्व। नूतन वर्षमेष राशि में सूर्यशुभ मुहूर्त। रबी कटाईखुशियाँ जन-मनअन्न पूजन। पंजाबी हँसेभांगड़ा गिद्दा करेंवैशाखी मेला। खालसा पंथहै स्थापना दिवसगुरू आभार। नौवें थे गुरूतेज बहादुर जीहुए शहीद। नहान दानगुरुद्वारा गमनपाठ कीर्तन। पूजा लंगरसुख कामना माँगेंसबके लिए। बंगाली हर्षहै पोईला वैशाखपूजा औ वस्त्र। … Read more

कृपा बरसाओ

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** आओ राम जीकृपा बरसाओ जीदर्श दिखाओ। निराले रामहृदय से स्मरणबनाओ काम। विनम्र राम,हैं अहिल्या तारकबात निभाई। न्यायी राम जी,स्नेह में रोते लोगप्रजा पालक। राम-सा बनोबनो कर्तव्यनिष्ठनिभाओ धर्म। आदर्श बनेमर्यादा पुरुषोत्तमरीत निभाई। अद्भुत रिश्तामाँ का रामलला सेपाई ममता। शांति कारकदुष्टों को दंड दियाहै संहारक। सिया के रामव्याकुल विरह मेंभटके राम। वन गमनराजसी ठाठ … Read more

सत्य अहिंसा मूर्ति

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** नाम सिद्धार्थ,सत्य अहिंसा मूर्ति-देखा सत्यार्थ। अहिंसा वीरआ जाओ महावीर-सदैव धीर। जन्मे वैशालीजटिल साधना सेपा ली मंजिल। ध्यान साधनासहज महावीरसत्य प्रार्थना। सिखाया तपनश्वर तन-मनसमझो मौन। है अवतार,तज दिया शासनहैं महावीर। धीर विनय,पथ दिखा जग को-वीर तनय। गुणों की ख़ान,तीर्थंकर चौबीस-रहे महान। फैलाया धर्म,अपना महाव्रत-सिखाया धर्म। सबको आस,अल्पायु राज त्याग-पथ संन्यास॥

लोकनायक

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** हनुमान जन्मोत्सव विशेष… बुद्धि के दाता,अतुलित चरित्र-हैं हनुमान। सिद्धि सागर,भक्ति-चातुर्य भरे-पवनपुत्र। अनूठे दास,करे सगरे काज-हो समर्पित । वीरों में वीर,असुर हुए चित-अंजनीपुत्र। वीरों में वीर,हर कला निपुण-हैं महावीर। लोकनायक,प्रबल पूजनीय-सच्चे सेवक। जाति से परे,धनी हैं अलौकिक-वचन खरे। सेतु बनाया,हो गई लंका भस्म-पाई जानकी। पूर्ण दिव्यता,हैं महाबलशाली-संकटहर्ता। अटूट भक्ति,कण-कण में राम-है शक्तिपुंज। हृदय … Read more

बड़े मुखौटे

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** बड़े मुखौटे,है बदले मनुज-सच्चे-झूठे से। तोड़े यकीन,कैसे बढ़े समाज-साथ छोड़ के। मत दो धोखा,दो पल की जिंदगी-कैसे चलेगी ? साथ निभा लेआनी-जानी साँसें हैं-हाथ मिला ले। कुछ ना मिले,परिणाम है बुरा-चल प्रगति। बांटें खुशियाँ,ऐसे हाथ न छोड़ो-छोटी दुनिया। रिश्ते दिल के,खींचो बड़ी लकीर-चलो मिल के। रहे एकता,कथनी हो करनी-नीयत साफ। द्वैष जलाओ,अच्छाई … Read more

सहेजो देश

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** हुए शहीद,चाहा देश आजाद-किया संघर्ष। भगत सिंह,दे कर बलिदान-पाई आजादी। देख गुलामी,डटकर लड़े यूँ-अर्पित शीश। हुए अमर,ना भूलो बलिदान-करो स्मरण। वतन प्यारा,हम ऋणी उनके-अमन प्यारा। सहेजो देश,कीमती है आजादी-नहीं भूलना। यह कर्तव्य,अभिमान आजादी-खून बहाया। बनें गंभीरयाद हो राजगुरू-थाती पुरखे। सुखदेव की,याद करो खुद्दारी-गर्व है हमें। लाल भारती,वीरों से जिंदा मान-सदा आरती। थे … Read more

है जिंदगानी

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** बचाएं जल,सोचो जीवन मूल्य-बचेगा कल। बचा पानी तो,जी सकेगा मनुज-है जिंदगानी। यूँ मत ढोलो,बिन पानी कुछ न-इसे संभालो। करो सचेत,हर बूँद अमोल-पड़ेगा रोना। पानी बचाओ,समझो, समझाओ-जीवन पाओ। कीमती पानी,हों सब जागरूक-कोई ना सानी। किया बर्बाद,संकट में पथिक-कैसे आबाद ? धरा व्याकुल,दिखा दिया तांडव-अब विनाश। है नासमझ,पल-पल विनाश-अब संभल। घटता जल,हो बाधित तरक्की-बचाओ … Read more

सृजक नारी

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** सृजक नारी,मुस्कान है सबकी-सबपे भारी। करे पालन,न अपमान करो-वही आँगन। मत डराओ,सम्मान की आकांक्षी-साथ निभाओ। कर्म ही नारी,रब जन्मा इससे-हाय अबला ! करिए पूजा,हर बात अप्रतिम-मिले ना दूजा। चाहती प्यार,कम में रहे खुश-देना सहारा। आँसू मत दो,नहीं दे रब माफी-पूरा मान दो। महिला कृति,नहीं समझो बोझ-नारी संस्कृति। किया त्याग भी,इस स्वार्थी जग … Read more