गुलाल पिया
अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** गुलाल पिया,प्रेम से रंगा मन-धड़के जिया। लगी लगन,रंग से खेलो जरा-जिया अगन। तुमसे रंग,बिन तुम अबीर-जिया में जंग। दे रूह रंगरहे अमिट छाप-खुशी का रंग। मन पलाश,देखो आया फागुन-तेरी तलाश। आ गई होली,खोलो द्वार मन का-छा गई होली। बिन साजन,सूना सारा आँगन-दर्श दिखाओ। रंग रसिया,छूना चाहूँ सजना-मन बसिया। कैसे भुलाऊँ,छूटती नहीं यादें-कैसे … Read more