मेरे प्रियतम

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)**************************************** तू मेरे दिल के आँगन में आया कैसे प्रियतम,मेरे सपनों को साकार किया कैसे प्रियतमतू तो चंचल है, सागर-सा स्थिर हुआ कैसे प्रियतम ?मेरे आँखों के घड़ों में समाया कैसे प्रियतम ? आना कभी मेरे पास, बताऊँ तुमको विरह का समय,मैंने बिताया कैसे मेरे प्रियतमअब तो जीना मेरा दुश्वार हुआ हर … Read more

रिश्तों की अमरता ही सुहाग

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* करवा चौथ विशेष… रिश्ते उम्र से नहीं, एहसासों में जिया करते हैं,प्रेम के दीप विरह में भी चुपचाप जला करते हैंचाँद की छलनी से देखे जब पिया का मुख सुहागिन,उस एक दर्शन में जन्मों के सप्त प्रण खिला करते हैं।  चाँदनी की ओट में प्रिय का सिंदूर  मुस्काया है,सजनी प्यासे नयनों मिलन का चाँद उतर आया हैनिर्जल व्रत की साधना में प्रेम का विश्वास जागा,एक नज़र ने मौन अधरों पर प्रणय-गीत सजाया है।  … Read more

सदा सुहागन रहूँ,  माँगे वरदान

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)****************************** करवा चौथ विशेष… करवा चौथ का पावन त्यौहार है  आया,सोलह श्रंगार कर सजी है हर नारीमाँग में सिंदूर और पैरों में पायल,मेहँदी रची हथेलियों में लिखा है पिया का नामकलाई में चूड़ियाँ सजी हैं कंगना के साथ। पूजा की थाली में सज रहा है करवा,दिल में बज रहा पिया के प्यार का संगीतसदा सुहागन रहूँ … Read more

चाँदनी का मौन निमंत्रण

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)************************************* अमृत की रात (शरद पूर्णिमा विशेष)…. शरद की रात है,आकाश ने आज अपनी सारी निर्मलताचंद्रमा के चेहरे पर रख दी है। धरती के आँगन में दूधिया उजास उतर आया है, पेड़ों की पत्तियाँ चुप हैंहवा के पास भी आज कहने को बहुत कुछ है। पूर्ण चंद्रमा को देखकर मन में एक प्रश्न उठता … Read more

जीते-जी श्राद्ध

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)**************************************** हिंदू धर्म में श्राद्ध का महत्व है बड़ा,श्राद्ध में पितरों को तर्पण दिया जातापुण्य प्राप्त करने के लिए ही तो तर्पण किया जाता,जीते जी अपने माता-पिता को तड़पायामरने पर पूरे शहर को भोज दिया। बहुत अजीब रीत है हमारे यहाँ की,मरने पर गंगा, और जीते जी एक गिलास पानी के लिए … Read more

शरद पूर्णिमा मन का अमृत

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)**************************************** अमृत की रात (शरद पूर्णिमा विशेष)… शरद पूर्णिमा की आई रात,  अमृत बरसाने आई रातचाँद सोलहवीं कला से पूर्ण, सजी हुई रात,  चाँदनी बिखेर रही सारी रातशरद पूर्णिमा कही जाती अमृत की रात,चाँद अमृत बरसाता सारी रात। आज ही का दिन रास की लीला कहलाता,  कृष्ण ने गोपियों से वादा किया थाशरद पूर्णिमा के … Read more

लोगों का स्वभाव

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ********************************************** लोगों का स्वभाव है बड़ा अजीब,तुम्हारे सहयोग पर खुशी मनाएगाअगर अनजाने भी हुई थोड़ी गलती,सारा अच्छाई तुरन्त ही भूल जाएगा। ना जी ना, अब ना हो पाएगा,अच्छा समझदार बनना ठीक हैपर कभी छोटी-सी गलती भी न हो,ऐसा तो सम्भव कभी ना हो पाएगा। अपने जो सहयोग के देखते सपने,कर्तव्य निर्वाहन … Read more

संदेश अनूठा फैलाना

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************* अमृत की रात (शरद पूर्णिमा विशेष)…. धरती पर उतरी ये चाँदनीउत्सव नहीं मनाना,मौन कपाटों पर मनुष्य केदस्तक उसे लगाना। आज चंद्रमा चाँद नहीं वहमन दर्पण बन आया,जिसने अपने भीतर झाँकाउसी ने उसको पाया। छत पर किसी के खीर पक रहीकहीं विरह की रात जगी,कहीं प्रार्थना के दीप जल रहेकहीं स्मृतियों की नदी … Read more

नीलकण्ठ दर्शन जीवन भोर

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* नीलकण्ठ दर्शन स्वस्ति हो  जीवन-भोर है, शंभु-कृपा से मिटे, मन का तिमिर  घनघोर है। शुभ शकुन की लोक-आस्था,  जगाए विश्वास, सच विजयी दीप जले, मिटे चित्त  का द्वेष है। नीलकण्ठ की महिमा शिव का  परम त्याग है, लोक-मंगलार्थ विषपान, दिया जग सुहाग है। विजयादशमी सिखलाती, नित    चलना धर्म-पथ, मन के रावण को जीतें, सत्य-सुधा पान है। राम-विजय का त्यौहार, अधर्म पर प्रहार है, नीलकण्ठ-दर्शन से, मंगलमय संसार है। अहंकार का अंत ही सच्ची विजय का सार, प्रेम, दया, सद्भाव से, जीवन हो गुलज़ार है। शिव का नाम सँभाले, श्रद्धा का संसार है, नीलकण्ठ-दर्शन से, शुभ हो हर … Read more

परंपरा को जिंदा रखता चंद्रमा

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)*************************************** अमृत की रात (शरद पूर्णिमा विशेष)… दूधिया रोशनीशरद की,बना देती दूध को अमृतखिली चाँद की शीतल चाँदनी,प्रदूषण से मुक्त आकाशबन जाता छन्नी। प्राचीन परंपरा को जिंदा रखताशीतल शरद का चंद्रमा,इसलिए सूरज से ज्यादा प्याराचंद्रमाप्यार, सौंदर्य, आस्था का प्रतीकतभी तो शिव के सर परशोभायमान।गरबा होता शरद पर,अमृत की रातमिलेगा प्रसाद सबको॥ परिचय-संजय … Read more