प्रकृति बिलबिला रही
राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** पढ़ा-लिखा मानव है, लेकिन है कितना नादानभीड़ लगी है वहाँ, जहाँ है ए.सी की दुकान।वहीं पास में एक मनुज पौधे लेकर बैठा है,पढ़ा-लिखा मानव तो अहंकार में ही डूबा ऐंठा हैनहीं जानता पौधों से ही वृक्ष बनेंगे,वृक्ष बड़े होंगे तो वे ऑक्सीजन देंगेकार्बन को सोखेंगे और छाया भी देंगे,अपनी कोटर में पंछियों … Read more