एक तेरा साथ

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* एक तेरा तो साथ मुझे ही, सारे जहां से प्यारा है। रूह का रिश्ता हम दोनों का, इसीलिए तो न्यारा है। हर पल-हर क्षण ध्यान में रहते, चलते-फिरते साथ में रहते। कहां अलग तुम मुझसे जानम, दिल की धड़कन में हो रहते। रब ने बनाया है तुझे मेरे लिए, … Read more

छूट जाता है कोई सिरा

डॉ. लखन रघुवंशी बड़नगर(मध्यप्रदेश) ************************************************** छूट जाता है हर बार कोई सिरा, कि छोड़ दिया जाता है जानते हुए भीl शुरू करने के लिए कुछ तो चाहिएगा की उम्मीद लिए हुए, लेकिन कोई बात अपने अर्थ को नहीं पातीl तुम नासमझ हो या समझना ही नहीं है तुम्हें, कि सिरा कोई भी हो,कहीं भी छोड़ा … Read more

सुंदर भविष्य निर्माण करेंगे

ममता बैरागी धार(मध्यप्रदेश) ****************************************************************** आज मुस्कुरा कर चल दिए नन्हें-मुन्ने, हाथों में पानी की बोतल,और कांधे पर बस्ता है। छोटे-छोटे कदम बढ़ाकर,चल पड़े इस जग की राह, आँखों में हैं हसीन सपने,और प्यारी शाला है यह। सुंदर भविष्य निर्माण करेंगे,नेक नागरिक यह बनकर, आज शिक्षक से सीख रहे,कल यह बताएंगें सीखकर। आओ प्यारे इधर आओ,आज … Read more

बारिश का मौसम

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- बारिश का मौसम चेहरों पर खुशियाँ लेकर आया, हर चेहरा खिल उठा रहा था पहले जो मुरझायाl बादल गरजे बिजली चमकी,चली पुरवाई, लगे झूमने तरुवर भी बारिश ने झड़ी लगायीl मोटी-मोटी बूँदों ने धरती को है नहलाया, मुँह से निकल पड़ा-देखो बारिश का मौसम आयाl निकल पड़ी बच्चों की … Read more

बन रही मेरी माफी है

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** मुँह फिरा लेती हो मुझे देखकर ना जाने कितनी नफरत बाकी है, पर मेरी साँसों का फैसला करने तेरी यही एक अदा ही काफी है। तेरा दिल भी धड़केगा मेरे लिए अभी तो फरमाइश कहां की है, आज हटाया है खिड़की से पर्दा और गली में तू चुपके से झांकी … Read more

बारिश

डॉ.सरला सिंह दिल्ली *********************************************** बारिश की बूंदों के मोती, नवजीवन बन बरस रहे। जन-जन की पीड़ा हरते, तप्त धरा हैं शीतल करते। झुक-झुक करते धन्यवाद, वृक्षों के समुदाय समस्त। नदियों की लहरें लहराकर, गाती स्वागत गीत हैं मानों। चमकीली मोती-सी लगती, बारिश की हैं सुन्दर-सी बूंदें। कोयल गीत सुनाती मधुरिम, संग में मयूर के मोहक … Read more

आरती

डॉ.चंद्रदत्त शर्मा ‘चंद्रकवि’ रोहतक (हरियाणा) ******************************************************* आरती श्रद्धा-विश्वास स्रोत है, भक्ति-शक्ति से ओतप्रोत है। जो आरती हृदय समाता है, पत्थर भी पूज्य हो जाता है। आरती शक्ति का मन्त्र है, किन्तु भक्तों में अंतर है। भगवान को प्रिय होती है, ह्रदय मंदिर की ज्योति है। आरती है एक-नाम विश्वास, आरती ऋद्धि-सिद्धि प्रयास। आरती हृदय का … Read more

रिश्ता

कृष्ण कुमार सैनी ‘राज’ दौसा(जयपुर ) *************************************************** पूज्य पिता जी की बाँहों में, जीने का किरदार छिपा हैll ममतामई माँ के ‘रिश्ते’ में, अमर प्रेम संसार छिपा हैll बहिना के राखी धागों में, पूजा पुण्य प्रणाम छिपा हैll नमन वंदना करके देखो, सच में चारों धाम छिपा हैll पिता-पुत्र के ‘रिश्ते’ में, साहस त्याग निदान … Read more

पृथ्वी पर बचे रहें उनके चिन्ह

डाॅ.आशा सिंह सिकरवार अहमदाबाद (गुजरात )  **************************************************************** जब देखती हूँ मैं उगते सूरज को, उनकी बेचैनी उनकी तड़प, उनकी जीने की चाहत और दीनता उनकी अंधेरे से लड़ाई, सबका सब मेरी नसों में उतरता जाता है…। करोड़ों-करोड़ों लोग जो नहीं देख पा रहे हैं सूरज, उनके लिए सूरज को अपनी हथेली पर उगाना चाहती हूँ…। … Read more

पत्ते की व्यथा

दुर्गेश राव ‘विहंगम’  इंदौर(मध्यप्रदेश) ************************************************** तरु से गिरा पत्ता तल में आ गिरा तरु के, समीर के संग, उड़ता चला जाए नहीं चलती कोई सत्ता, राह में धूल से लपेटे हुए राहगीरों के पैरों तले दबता, कभी काँटों में अटकना तो कभी गड्ढों में सड़ना, दिनकर की रोशनी से जल उठता सुख कर चूर-चूर हो … Read more