भारत का किरीट
क्षितिज जैन जयपुर(राजस्थान) ********************************************************** उठ भारत! हो जाग्रत,और किरीट सम्हाल अपना, जो झुका सदियों से,उठा सम्मान से भाल अपना। जो हुआ विगत उसकी परत को मन से त्याग दे, गौरव की वीणा में विजय का पुन: तू अब राग दे। झककोर अपने-आपको,जगा अपने संचित बल को, द्युति ले आँखों में,और हृदय खंड में ला अनल … Read more