एक और अनेक
मनोरमा जोशी ‘मनु’ इंदौर(मध्यप्रदेश) **************************************************** आओ भाई हम सब भाई, माला आज बनायेंगे। मालाओं को पहन गले में, एक रूप बन जायेगें हम मातृभाषा अपनाएंगे। फूल हमारे खुशबू वाले, बागों की सुन्दरता वाले। इसी भांति सुन्दर-सुन्दर से, हम कर्त्तव्य दिखाएगें हम राष्ट्रभाषा अपनाएंगे। सुई-धागे हाथ जुटाकर, अपने-अपने फूल सजाकर नीलेपीले सभी गूंथ कर, मन की … Read more