दहेज़ का अजगर

सौदामिनी खरे दामिनी रायसेन(मध्यप्रदेश) ****************************************************** दहेज़ रूपी अजगर डस रहा है समाज को, विषधर का विष पीना पड़ रहा है बेटियों के बाप को। इस दानव ने न जाने कितनी बेटियों को जला दिया, बेटी का बाप बेटों के बाप से करता गुहार है। जान से लगा के पाला जिन बेटियों को, वही अब दहेज़ रूपी … Read more

जाओ बच्चों तुम स्कूल

सूरज कुमार साहू ‘नील` भोपाल (मध्यप्रदेश) ***************************************************************** बच्चों तुमको अब रूकना नहीं,जाना है स्कूल, बहुत घूम लिए गर्मी में और बहुत खेल लिए धूल। बोलो अब अपनी मम्मी से,करे वह तुम्हें तैयार, जब छोड़ें स्कूल पापा तुम्हें,तभी समझना प्यार। रोना नहीं स्कूल जाने को,पढ़ने पे दो ध्यान, मिलती हो जहाँ देशभक्ति और सेवा-भाव का ग्यान। … Read more

सम्हाल खुद को मोहब्बत में

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** यह दुनिया बनी है जो दुश्मन मेरी, तुम्हीं वह वजह हो,तभी तो हुई है… मेरी मुस्कराहट पर नाराज क्यों हो, मेरी आँखों में भी देखो,भरी हुई है। तोड़ लाऊंगा मैं भी चाँद और सितारे, यह मोहब्बत तो अभी शुरू ही हुई है… सावन-सी भी बरसेगी मोहब्बत मेरी, अभी तो यह … Read more

क्या हुआ है मुझे !

डॉ.पूर्णिमा मंडलोई इंदौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************** आज क्या हो गया है ? समझ नहीं पा रही हूँ, कुछ लिखना चाहती हूँ लिख नहीं पा रही हूँ। शब्द हैं कि बंधते नहीं, बिखर-बिखर जा रहे हैं… पास नहीं है कोई, फिर भी एकान्त नहीं है। गम नहीं है कोई, पर खुश भी नही हूँ… समझाए मुझे कोई, क्या … Read more

आदमी

राजबाला शर्मा ‘दीप’ अजमेर(राजस्थान) ******************************************************************************************** आदमी,आदमी से पलता है, आदमी,आदमी से चलता है। एक नयी चीज और है देखी, आदमी,आदमी निगलता है। सामने तो सौ-सौ बात करते हैं, राह में भी सलाम करते हैं। पीठ फिरते ही लो छुरा घोंपा, आदमी,आदमी से जलता है। आदमी दर्द भी,दवा भी है, आदमी खुदगर्ज भी खुदा भी है। … Read more

चोट

डाॅ.आशा सिंह सिकरवार अहमदाबाद (गुजरात )  **************************************************************** गौर से देखने पर, दिखाई देने लगती हैं अंधेरे अकेले में, उमचकर बाहर आ गिरती हैं चोटें। सिहर उठती हैं ऐसे, जैसे छूने भर से…। और कुछ चोटें, समय की छाती पर बहती है नदी बन कर, कुछ पर्दे के पीछे छिपी रहती हैं, अपनी नियति पहचानते हुए … Read more

सूर्य आराधना

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’  गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** श्रद्धा आराधन वंदन, नमन भावों से सृष्टि को, सूरज की भक्ति की शक्ति का युग सारा। तमस मिटाते युग का जीवन में उजियारा लाते, सबको भाते अवनी अंबर का अभिमान, उत्साह उमंग उल्लास ओज तेज, दिनकर दिवाकर को प्रणाम॥ अस्ताचल, उगता चल चलता चल हँसता चल। भुवन भास्कर, आशा … Read more

उपकार

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** उपकार आपका कैसे भूलें, ईश्वर आपका है आभार। मानव जीवन दिया मुझे, कर सकूँ किसी पर उपकार॥ उपकार आपका कैसे भूलें, माता आपका है आभार। ममता का आँचल दिया, दिए आपने सही संस्कार॥ उपकार आपका कैसे भूलें, पिता आपका है आभार। सीख दिया जीवटता का, नमन आपको है साभार॥ उपकार … Read more

साहसी नारी

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- शादी से पहले ये मौसम सोचो कितना प्यारा था, प्यार बहुत ही था दोनों में जिसका नहीं किनारा था। आज सोचने बैठी हूँ तो आँखें ही भर आती हैं, शादी से पहले की यादें मुझको बहुत सताती है। बीत गया वो वक्त सुहाना साथ कभी जो बीता था, प्यार … Read more

तुम्हारी छतरी

अंतुलता वर्मा ‘अन्नू’  भोपाल (मध्यप्रदेश) ************************************************************ ये तुम्हारी दी छतरी, खोली तो… दिल में यादों के, सागर उमड़ गये मन में तरंगें उठने लगी। ये तुम्हारी छतरी, मुझे याद दिलाती है तुम्हारी… माना कि, रंगहीन और पुरानी हो चुकी है तुम्हारी दी छतरी… कहीं मटमैली, तो कहीं जंग लगी मगर, आज भी यादें रंगीन हैं, … Read more