अगली पीढ़ी का बोझ कौन उठाएगा
सलिल सरोज नौलागढ़ (बिहार) ******************************************************************** आग लगाने वाले आग लगा चुके, पर इल्ज़ाम हवाओं पे ही आएगा। रोशनी भी अब मकाँ देखे आती है, ये शगूफा सूरज को कौन बताएगा। बाज़ाए में कई ‘कॉस्मेटिक’ चाँद घूम रहे, अब आसमाँ के चाँद को आईना कौन दिखाएगा। नदी,नाले,पोखर,झरने सभी खुद ही प्यासे, तड़पती मछलियों की प्यास भला … Read more