ये दुआ है मेरी

रश्मि लता मिश्रा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ****************************************************************** आबाद रहे दुनिया तेरी ये दुआ है मेरी, यूँ हो रब की रहमत मिलें सदा चमन की कलियाँ, न हो काँटो की सहर ये दुआ है मेरी। तेरे जीवन रूपी सियाही के अल्फ़ाज़छीन तुझसे, खुशियों की सौंप दूँ सौगात मैं तुझे, खुदा की इतनी रहे मेहर ये दुआ है … Read more

पानी बिन जग सूना

अनिल कसेर ‘उजाला’  राजनांदगांव(छत्तीसगढ़) ****************************************************************************** ऐ मालिक देख, फिर तेरी बात हो रही। ख़ुद की करनी भोग रहे, और रब से फरियाद कर रहे। पेड़ काट-काट कर, हमने अपनी औकात दिखाई। जब प्राण फंसे संकट में, कहते खुदा तू हरजाई। कहीं पानी से हाहाकार मचा, कहीं बूंद-बूंद में जीवन फंसा। धरती प्यासी-प्राणी प्यासे, देख हाल … Read more

मँहगाई

ओमप्रकाश अत्रि सीतापुर(उत्तरप्रदेश) ******************************************************************************** उसकी पेट और पीठ मिली मुझे चकित करती रही, साथ ही चकित करती रही उसके आगे धरी, थाली में रोटी भी। जो किसी छाल की तरह, सूखकर ऐंठ-सी गयी थी, नमक भी रोटी से रूठकर, उसे छूना भी नागवार समझ बैठा था। मेरा धीर-गम्भीर मन करुणा से भर गया, रोने लगी … Read more

कैसे ऋण चुकाएं वीर तुम्हारा

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* ऊधम सिंह माँ का गौरव था, वो अमर वीर बलिदानी था। गुलामी स्वीकारी न हर्गिज़, वो वीर अति स्वभिमानी था॥ जलियाँ वाले बाग में जिसने, निर्दोषों को मरवाया था। उसी डायर को लंदन जाकर, ऊधम सिंह ने मार गिराया था॥ अंग्रेजों के जुल्मों को यह बालक, उर में सहन नहीं … Read more

सूखा सावन

पंकज भूषण पाठक ‘प्रियम’ बसखारो(झारखंड) *************************************************************************** सावन भी है सूखा साजन,जैसे गुजरा आषाढ़, खेतों में है पपड़ी सूखी,जैसे पसरा सूखाड़। कहीं-कहीं में सूखी नदिया,कहीं पे आयी बाढ़, सूखे में कोई रोता देखो,कोई डूबा रोये दहाड़। आसमान से शोले बरसे,धरती आग उगलती है, बरखा के इस मौसम में भी,धरती भाप उगलती है। सावन में हरियाली कैसे,वसुधा … Read more

मैं स्कूल हूँ

नागेन्द्र सिंह सोमवंशी सतना(मध्यप्रदेश) *********************************************************** आई जुलाई सज गई बगिया नन्हें-नन्हें फूलों से, झूम उठा कोना-कोना खिलखिलाती कलियों सेl चहक उठा शाला का आँगन नन्हें-नन्हें कदमों से, स्कूल बसें जब सज आई मनमोहित देव अंशों सेl रंग-बिरंगे कपड़ों वाली गुड़िया आई पहने यूनिफार्म, टाई जूती सर पे हेअर बैंड गले में लटकाए वाटर टैंकl हृदय … Read more

काँवर का पावर

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** देखो सुहाना सावन आया है, यह सबके मन को भाया है। कैलाश से भोले चले देवघर, यही है काँवर का पावर। बम बम बोलते चले काँवरिया, रिमझिम बरसे श्याम बदरिया बिना थके सब बढ़ते जाते डगर, यही है काँवर का पावर। सावन माह में शिव अवघड़ दानी, हर लेते भक्तों … Read more

किस्मत

कृष्ण कुमार कश्यप गरियाबंद (छत्तीसगढ़) ************************************************************************** हाय री किस्मत ढूँढते हुए, पागल हो गया मैं,पता दे। कहां रहती,कैसी दिखती, जरा हमको भी बता दे। लोग कहते तू मिल जाए, तो जिंदगी संवर जाती है। दूर खड़ी हँस रही मुझ पर, पास मेरे क्यों नहीं आती है। नहीं मिलती हर किसी से, पर हर दिल में … Read more

यादों का महीना

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ मधुर मिलन का है महीना, कहते जिसे सावन का महीना। प्रीत प्यार का है महीना, कहते जिसे सावन का महीना। नई-नवेली दुल्हन को, प्रीत बढ़ाता ये महीना॥ ख्वाबों में डूबी रहती है, दिन-रात सताती याद उन्हें। होती रिमझिम वारिश जब भी, दिल में उठती तरंग अनेक। पिया मिलन को तरस रही … Read more

वन्दना

प्रेमशंकर ‘नूरपुरिया’ मोहाली(पंजाब) **************************************************************************** हमें प्रगति के नये-नये मार्ग दिखाना, न विचलें हम,हमें चलना सिखाना। मानवता न रोए बिलख कर कभी, हे सरस्वती माँ हमको हमीं से मिलाना॥ जीवन के उपवन में न भँवरों का घात हो, न कभी समाज में अंधविश्वास की बात हो। सदैव सुरक्षित रहें मानवता के नीड़ यहां, न हो दु:ख … Read more