सिर्फ एक दिन…? ?

गंगाप्रसाद पांडे ‘भावुक’ भंगवा(उत्तरप्रदेश) **************************************************************** सिर्फ आज का दिन मित्रता के नाम, कल से फिर वही शत्रुता का काम, जैसे सिर्फ महिला दिवस पर महिला सम्मान, बकाया दिन महिला अपमान, जैसे मातृ दिवस पर माँ को प्रणाम, बकाया दिन पत्नी सम्मान, आज हम कितने प्रगतिशील हो गये हैं, सिर्फ विशेष निर्दिष्ट दिवसों पर ही विशेष … Read more

मेरा सारा जीवन माँ तुम

शिवांकित तिवारी’शिवा’ जबलपुर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** तुम मेरे जीवन की नौका की खेवनहार हो, तुम ही मेरा रब हो और जीने का आधार होl तुम ही मेरा जग हो और तुम ही सच्चा प्यार होll माँ तुमने जब भी मुझको अपने सीने से लगाया है, अदभुत,अप्रतिम,वो पल मैंने आज भी नहीं भुलाया हैl उँगली पकड़ के … Read more

माँ तो माँ ही होती

डॉ.रामावतार रैबारी मकवाना ‘आज़ाद पंछी’  भरतपुर(राजस्थान) *************************************************************************** चाहे अच्छी हो चाहे बुरी हो आखिर में माँ तो माँ ही होती है, बच्चे को सुलाती सूखे में, माँ खुद गीले में सोती हैl जब-जब बच्चा रोता है तब-तब माँ अपना दूध पिलाती हैं, भर जाता माँ का आँचल ममता से, अमृत की धारा बहती हैंl चाहे…ll … Read more

माँ अनमोल

डॉ.शैल चन्द्रा धमतरी(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** माँ रोम-रोम में हर मानव के बसती है, उसके बिन नहीं मानव की कोई हस्ती है। जन्मदात्री जननी जग से न्यारी है, हर रूप में माँ सबको प्यारी है। माँ का प्यार-दुलार जीवन का अनुमप उपहार, माँ तेरी हो हर युग में जय-जयकार। माँ सरस्वती-लक्ष्मी-अन्नपूर्णा होती है, खुद विपत्ति सहकर बच्चे … Read more

आओ तो दिल की बात कह दूं

दीपेश पालीवाल ‘गूगल’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************** अक्सर रातों में जो करता हूँ खुद से खुद का वो संवाद कह दूं, तेरे होंठों से मेरे होंठों तक का सफर सर-ए-आम कह दूं। तुम सिर्फ और सिर्फ मेरी हो,जमाने से यह हसीं बात कह दूं, अगर आओ कभी….॥ मेरे दिल की धड़कनों को तेरी साँसों की साँझ … Read more

माँ है गीता

अजय जैन ‘विकल्प इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************************* माँ है गीता,माँ है कुरान, माँ को करिए रोज प्रणाम। ईश्वर भी नमता जहां पर, माँ ही संसार में असली भगवान। जिसने पाला हमको,वो कैसे अनपढ़ ? माँ तो है सच में ज्ञान की खान। कभी मत दुत्कारो उसको, देती दुआ माँ की मुस्कान। अमूल्य है माँ हर जगत में, … Read more

माँ

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… शब्द नहीं है मेरे पास सीखा है एहसास जगाना, तूफानी लहरों पर भी सीखा है दीप जलाना। अक्षर भले न पढ़ पाये सीखा है चेहरों को पढ़ना, आँखों से अधरों का सीखा है संवाद बनाना। सुबह-सुबह उठकर वो सूरज से करती ढेरों बातें, आग भरे दरिया … Read more

एक बात बोलूं

मोनिका गौड़’मोनिका’ बीकानेर (राजस्थान ) ************************************************** मेरी छोटी-छोटी ख्वाहिशें, नन्हें से तुमसे ही जुड़े प्रश्न नाजुक-सी अन्तस की बातें, जब कहती हूँ वो देखो चाँद के पास झिलमिलाता एक सितारा, गौरैया की पंख के रंग का शेड देखा तुमने! तुम्हारी ऐनक की थोड़ी-सी टेढ़ी हुई डंडी, चाय के कप में बुझे सिगरेट के टोटे तुम्हारे … Read more

हमको गढ़ती है माँ

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… ना शब्द है ना कोई बात जो माँ के लिए लिख पाऊं, उसके चरणों में मैं नित-नित शीश झुकाऊं, जग जननी है माँ हमारी भाग्य विधाता माँ। गीली माटी की तरह वो हमको गढ़ती है, संस्कार की रौशनी वो हममें भरती है, कौन करेगा ये सब माँ … Read more

माँ तो बस माँ है…

राजबाला शर्मा ‘दीप’ अजमेर(राजस्थान) ******************************************************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… माँ तो बस माँ है, वंदन करूं सुबह-शाम देवों-सी महान जो, उसके हजार नाम। हिमगिरि सी ऊँची है सागर सी गहरी है, धरती-सी शीतल है पल्लव सी कोमल है, नेह की नदिया-सी बहती अविराम। माँ तो बस माँ है… प्रकृति-सा कर देती सब कुछ वह अर्पण, … Read more