सिर्फ एक दिन…? ?
गंगाप्रसाद पांडे ‘भावुक’ भंगवा(उत्तरप्रदेश) **************************************************************** सिर्फ आज का दिन मित्रता के नाम, कल से फिर वही शत्रुता का काम, जैसे सिर्फ महिला दिवस पर महिला सम्मान, बकाया दिन महिला अपमान, जैसे मातृ दिवस पर माँ को प्रणाम, बकाया दिन पत्नी सम्मान, आज हम कितने प्रगतिशील हो गये हैं, सिर्फ विशेष निर्दिष्ट दिवसों पर ही विशेष … Read more