लोकतंत्र

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) *************************************************************************************** लोकतंत्र की ताकत,नेताओं की है पूजा, यज्ञ हवन में आहुति डाले, मंगलाचार तंत्र-मंत्र रट डालेl साधुओं का लगा जमघट भूखे पेट भजन ना हो गोपाला, यह लो अपनी कंठी माला। मंदिरों में मंजीरे बजते,जो कभी राम ना कहे, वो राम है रटते,नैया कैसे पार लगेगी। दिन-रात भटकते,तपती धूप में भी चलते, … Read more

मुस्कराते रहो

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ जिंदगी में सदा, मुस्कराते रहो। फासले कम करो, दिल मिलाते चलो॥ दर्द कैसा भी हो, आँखें नम न करो। रात काली ही सही, पर गम न करो। एक सितारा बनो, जगमगाते रहो। फासले काम करो, दिल मिलाते चलो॥ जिंदगी में सदा… बाँटना है अगर, बाँट लो हर खुशी। गम न जाहिर … Read more

प्यार भरा खत

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** प्यार भरा तेरा, खत जो मिला झूम उठी रे सजन, बादल के आने से, जैसे नाचें मोर मगन। ओरे सजन… ओरे सजन… तेरे ख़त का है ये असर… प्यार भरा… खत में जो तुमने, लिखी प्यारी बातें सोच-सोच मैं शरमाऊं, तुम जानो या मैं जानूं कैसे सबको बतलाऊं, झुम रही है … Read more

बेनाम रिश्ता

जसवंतलाल खटीक राजसमन्द(राजस्थान) ************************************************************* सब कुछ थी वह पगली,मेरी जिंदगी व मेरा रब, मेरे दिल की थी धड़कन,मेरा प्यार मेरा मजहब। मेरा पहला प्यार थी,किसी की अमानत बन गयी, मेरे बुने सपनों की मंजिल,पलभर में क्यों ढह गयी। जीते-जी क्यूँ मार दिया,ऐसा भी क्या गुनाह किया, दो पंछियों की रूह को,जिस्म से क्यूँ अलग किया। … Read more

तोहफ़ा

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* तोहफ़े में लाया दिल हूँ, जरा कबूल कीजिये। धड़कन तुम्हीं हो इसकी, ये जान लीजिए। जब सीमा पर हो दुश्मन, ललकारता हमें। तोहफ़े में उनको गोलियों, से भून दीजिये। ईश्वर ने जो तोहफ़ा दिया, बच्चों का है हमें। संस्कारों से सदा उन्हें, बस सींचते रहिये। प्रकृति का अनुपम, उपहार … Read more

आजादी की गाथा

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** जीने में मजा नहीं है भैया अब तो हमें मर जाने दो, कितना दुःख झेला है हमने ये तो हमें बताने दो। ये कविता है वीर पुरूष की और हमें बस गाने दो, जीने में मजा नहीं है भैया… अब तो हमें मर जाने दो। कितनी माताओं की कोख उजड़ी ये … Read more

देश का सपूत

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- वीरों की धरती है भारत जिस पर मैंने जन्म लिया, माँ की लाज बचाऊँगा जिसकी छाती से दूध पियाl मेरे रहते बुरी नजर से माँ को देख न पायेगा, ये दुःसाहस जीवनभर को उसको अंध बनायेगाl भारत माँ का भाल हमेशा ऊँचा रहता आया है, पैदा नहीं हुआ है … Read more

बचपन की संगिनी…याद आती है.

दीपक शर्मा जौनपुर(उत्तर प्रदेश) ************************************************* मुझे मेरे बचपन की संगिनी, बहुत याद आती है… बहुत याद आती हैl जो कभी मेरी किताबें चुरा लेती थी, तो कभी बस्ता ही गायब कर देती थी और कभी-कभी कलम से, रिफिल ही निकाल लेती थीl वो पगली,मुझे परेशान कर-करके रुला देती थी, फिर खुद ही बता देती थीl … Read more

आत्मजा

विजयलक्ष्मी विभा  इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश) ********************************************************* आत्मजा’ खंडकाव्य अध्याय-९ विधि को सुखद लगी यह जोड़ी, उसने आँखें चार करायीं यह कैसा संयोग अजब था, नजरें भी तलवार बनायीं। लगीं काटने वे सपनों को, देखा करती थी जो प्रतिपल हमला करतीं आदर्शों पर, जिनसे रहता था मन उज्जवल। कभी कनखियों से वह देखे, कभी देखती उसे प्रभाती ओंठों … Read more

किताब जिंदगी की

वन्दना शर्मा अजमेर (राजस्थान) *********************************************************************** जिंदगी की इस किताब को पढ़ रही हूँ नित्य मैं, पर न अक्षर एक भी मेरी समझ में आ रहा, खो गयी पन्नों में मैं तो ढूँढ न पायी कभीl दे दी कितनी ही परीक्षा आज तक अनुत्तीर्ण हूँ, न मिला कोई गुरु जो सीख इसकी दे मुझे, समझ भी … Read more