संवेदनात्मक बुनावट में पाठक को साथ लेकर चलने वाली कहानियाँ
इंदौर। कहानियों की संवेदनात्मक बुनावट पाठक को साथ लेकर चलती है। इन कहानियों से लगता है कि सम्बन्ध के रिक्त हो जाने के बाद ही आत्मीय क्षण महसूस होते हैं। कथाकार चैतन्य त्रिवेदी ने ‘जलेस’ मासिक रचना पाठ-६७ में इस बात को रेखांकित किया। रविवार को देवी अहिल्या केन्द्रीय पुस्तकालय में जनवादी लेखक संघ कॆ … Read more