महाराणा और अकबर बनाम `महाभारत`

डॉ.पूर्णिमा मंडलोई इंदौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************** ‘महाराणा प्रताप और शौर्य’ स्पर्धा विशेष………. महाराणा प्रताप और मुगल बादशाह अकबर के बीच `हल्दी घाटी` का युद्ध कौरव और पांडवों के बीच `महाभारत` युद्ध की तरह ही विनाशकारी सिद्ध हुआ। इन दोनों ही युद्ध में बहुत सी समानताएं थीं,जैसे-मुगलों के पास कौरव के समान सैन्य शक्ति अधिक थी,तो महाराणा प्रताप … Read more

महाराणा प्रताप और उनकी शौर्य गाथा

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ***************************************************************************** ‘महाराणा प्रताप और शौर्य’ स्पर्धा विशेष………. विषय प्रवेश- मेवाड़ का शेर,जिसे न सोने की हथकड़ियाँ बाँध पायी,न आँधियाँ रोक पायी,न जीवन के संघर्ष झुका पाए,और न ही आपदाओं की बिजलियाँ अपने पथ से डिगा सकी। अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए जिसने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। भारतीय संस्कृति और … Read more

शत्रु भी लोहा मानते थे शौर्य-समर्पण का

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* ‘महाराणा प्रताप और शौर्य’ स्पर्धा विशेष………. ९ मई १५४० ईसवीं को राजस्थान में उदय सिंह व जयवंताबाई के राजमहल में जन्मे महाराणा प्रताप सिंह भारत एवं भारतीयों की शान और मान हैं’जो परमवीर अद्वितीय योद्धा थे। उनकी शौर्य गाथा,उनका नाम सिमरन करते ही शरीर में वीर रस … Read more

महाराणा प्रताप-सा ही दृढ़प्रतिज्ञ बनने की आवश्यकता

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र) पटना (बिहार) ****************************************************************************** ‘महाराणा प्रताप और शौर्य’ स्पर्धा विशेष………. अभी `कोरोना` महामारी से बचने के लिए चौथी `तालाबन्दी` अवधि चल रही है,पर कोरोना का भय लोगों का पीछा नहीं छोड़ रहा है। एक नया नारा लोगों के सामने आया है कि ‘कोरोना संग जीना सीखो!’ शरू-शुरू में जानकारी की कमी … Read more

स्वतंत्रता की वेदी का अंगारा रहे महाराणा

तारा प्रजापत ‘प्रीत’ रातानाड़ा(राजस्थान)  ************************************************* ‘महाराणा प्रताप और शौर्य’ स्पर्धा विशेष………. बप्पा रावल,महाराणा कुम्भा,राणा सांगा जैसे महान सूरमाओं के राजवंश से थे महाराणा उदयसिंह। पन्ना धाय ने अपने पुत्र चन्दन को बलिदान कर दिया युवराज उदयसिंह को बचाने के लिए। इन्हीं शूरवीर राजा उदयसिंह के यहाँ ९ मई १५४० को महाराणा प्रताप का जन्म पाली … Read more

समाज संस्कारक रहे राजा राममोहन राय

गोपाल चन्द्र मुखर्जी बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ************************************************************ २२ मई जयंती विशेष………….. हिन्दीभाषा के विशेष प्रेमी व तत्कालीन अखण्ड भारतवर्ष के सुपुत तथा अनेक भाषाओं में प्रखर विद्वान, निर्भिक मानव दरदी,समाज सुधारक राजा राममोहन राय के जयंती के शुभ अवसर पर श्री चरणों में प्रणाम करते हुए श्रद्धार्घ अर्पण..। आज से हजारों वर्ष पूर्व में भारतवर्ष एक … Read more

भारत में २ हिंदुस्तान…

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** `कोरोना` के इन ५५ दिनों में २ हिंदुस्तान साफ-साफ दिख रहे हैं। एक हिंदुस्तान वह है,जो सचमुच कोरोना का दंश भुगत रहा है और दूसरा वह है,जो कोरोना को घर में छिपकर टी.वी. के पर्दों पर देख रहा है। क्या आपने कभी सुना कि,आपके किसी रिश्तेदार या किसी निकट मित्र … Read more

न्यायमूर्ति चंद्रशेखर धर्माधिकारी से वह मुलाकात…

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’ मुम्बई(महाराष्ट्र) *************************************************************** एक बार मैं मुंबई उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश,गांधीवादी और भारतीय भाषा-प्रेमी न्यायमूर्ति चंद्रशेखर अधिकारी(अब दिवंगत) से उनके आवास पर उनसे मिलने के लिए गया। कुछ औपचारिक बातों के बाद मैंने उनसे कहा,-‘सर,मुझे इस बात पर चर्चा करनी है कि संघ और राज्यों द्वारा बनाए गए विभिन्न कानूनों के … Read more

असली चुनौती अब राज्यों को झेलनी है

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* तमाम विपरीत परिस्थितियों,आशंकाओं और आपत्तियों के बीच भारत में लागू तालाबंदी का चौथा चरण अब अधिक चुनौतीभरा एवं गंभीर है। देश में ‘कोरोना’ संक्रमितों और इससे मरने वालों की संख्या जिस तेजी से बढ़ रही है,वह बहुत चिन्ताजनक है। इस बात के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों … Read more

समझना मुश्किल,जीवन की पूर्णता है ‘प्रेम’

ओमप्रकाश मेरोठा बारां(राजस्थान) ********************************************************************* `प्रेम` का अर्थ आत्मा की संतुष्टि नहीं,बल्कि आत्मा का विस्तार है। भक्ति का मोल प्रेम है। ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग प्रेम है,हर पीड़ा का अंत प्रेम है। हर शुभ का आरंभ प्रेम है। प्रेम ही जीवन की पूर्णता है। प्रेम हृदय का अनुराग और करुणा है। प्रेम हृदय को सरल … Read more