वृक्षों से सीखना चाहिए जल का महत्व

प्रो.स्वप्निल व्यास इंदौर(मध्यप्रदेश) **************************************************** पौधे बोलते नहीं,मगर पानी के महत्व को बहुत अच्छी तरह उजागर करते हैं। वे जल प्राप्त करने के लिए सभी प्रयास करते हैं,मगर पानी का दुरुपयोग नहीं करते। प्राप्त पानी को संभल-संभल कर खर्च करते हैं। पानी बरतने को लेकर पौधों में इतनी प्रवीणता उत्पन्न हो गई है कि हम पौधों … Read more

धर्म-ध्वजियों के आचरण पर कड़ी निगरानी और असाधारण सजा जरुरी

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** पोप फ्रांसिस बधाई के पात्र हैं,जिन्होंने आखिरकार केरल के पादरी राॅबिन वडक्कमचेरी को ईसाई धर्म से निकाल बाहर किया। ‘आखिरकार’ शब्द…?,इसलिए कि इस पादरी को केरल की एक अदालत ने बलात्कार के अपराध में ६० साल की सजा कर दी थी,इसके बावजूद पोप ने सालभर से इस पादरी के खिलाफ … Read more

भारतीयता अपनाएं, ‘कोरोना’ भगाएं

पंकज भूषण पाठक ‘प्रियम’ बसखारो(झारखंड) *************************************************************************** ‘कोरोना’ से बचाव के लिए पूरी दुनिया आज ताली बजाकर जागरण कर रही है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी २२ मार्च को ताली बजाकर सन्देश देने का आह्वान किया है। बीबीसी की एक रिपोर्ट पर कई लोग कह रहे हैं कि,श्री मोदी का यह विचार(तरकीब)पश्चिमी देशों की नकल है। शायद … Read more

अब ‘मित्र’ शब्द की पवित्रता भूले

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* ‘मित्र’ वह जो विपत्ति में काम आए, अर्थात मुसीबत,कष्ट,आपदा,मुश्किल,संकट जैसे क्षणों मे सहभागी बने,सहयोग करे,वह मित्र कहलाता है। दूसरी ओर जो विपत्ति, मुसीबत,कष्ट,आपदा,संकट इत्यादि का कारण बने और असहयोग करे,वह शत्रु से भी धूर्त माना जाता हैl यूँ कहें कि जिसके ऐसे मित्र हों,उन्हें शत्रुओं की आवश्यकता … Read more

खुशहाली लेकर लौटेगी गौरैया

अरशद रसूल, बदायूं (उत्तरप्रदेश) ********************************************************************* नटखट बचपन में तरंगें पैदा करने के लिए गौरैया का नाम जरूर आता है। बच्चा गौरैया या ऐसी ही चिडि़ंयों को देखकर मचलता जरूर है। बात कोई बहुत ज्यादा पुरानी नहीं है। कोई एक-डेढ़ दशक पहले ज्यादातर घरों में गौरैया का घोंसला जरूर होता था। घोंसला न भी हो,तो यह … Read more

कोरोना:आम आदमी और करूणा…

तारकेश कुमार ओझा खड़गपुर(प. बंगाल ) ********************************************************** भयावह रोग `कोरोना` से मैं भी बुरी तरह डरा हुआ हूँ,लेकिन भला कर भी क्या सकता हूँ! क्या घर से निकले बगैर मेरा काम चल सकता है! क्या मैं बवंडर थमने तक घर पर आराम कर सकता हूँ…,जैसा समाज के स्रभांत लोग कर रहे हैं। जीविकोपार्जन की कश्मकश … Read more

खुशी में खुशी देखिए

राजकुमार अरोड़ा ‘गाइड’ बहादुरगढ़(हरियाणा) *********************************************************************** हर कोई खुश रहना चाहता है,पर कुछ अपनी खुशी में ही खुश रहना चाहते हैंl दूसरे की खुशी उन्हें उदास कर देती है,कई बार तो हताश कर देती है,करोड़पति-साधन संपन्न लोग अपनी चैन की नींद ही खो बैठते हैंl एकाएक इसी एहसास में खो जाते हैं कि,मेरे पास तो उसके … Read more

कांग्रेस:झटके पर झटका,भविष्य खतरे में

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** मध्यप्रदेश में लगे झटके से अभी कांग्रेस उबर नहीं पाई है,और अब उसे गुजरात में दूसरा झटका बर्दाश्त करना पड़ रहा है। गुजरात के ५ कांग्रेसी विधायकों ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है। उन्हें भाजपा या किसी अन्य दल ने होटल में घेरकर नहीं बैठा रखा है। वे खुले-आम … Read more

पारिवारिक व सामाजिक मूल्य बोध का जीवंत दर्शन ‘रामचरित मानस’

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरे मंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** “परिवार ही हमारे सामाजिक जीवन की आधारशिला है,जिसमें हमारे जन्म से लेकर मृत्यु तक सारी गतिविधियाँ संचालित होती हैं। हिन्दू परिवार का जीवन-दर्शन पुरूषार्थ पर आधारित है जो विश्व के अन्य समाजों के परिवारों का जीवन दर्शन नहीं है। अतः,परिवार मनुष्य के सभ्य और सुसंस्कृत होने का स्वाभाविक तारतम्य … Read more

वरना,आगे भी ‘सिंधिया’ अलविदा कहते रहेंगे…

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** नवागत भाजपा नेता के रूप में ज्योतिरादित्य सिंधिया का भोपाल में जैसा महा भगवा स्वागत हुआ,वैसा कांग्रेस में रहते हुए भी उनका शायद ही हुआ हो। यह भाजपा की संगठन क्षमता और संसाधन विपुलता का ही कमाल है कि,पार्टी मामूली घटना को भी समारोह में तब्दील कर देती है। फिर ये … Read more