जब बालक थे…
वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** याद करो जब बालक थे हम संशय का यह भाव नहीं था, थीं खुशियाँ भरपूर किसी जन से तब हाय दुराव नहीं था, उम्र बढ़ी मन खिन्न रहे उर कष्ट भरा यह घाव नहीं था, खेल व कूद रहे मन में तब जीवन का उलझाव नहीं था। परिचय-वकील कुशवाहा … Read more