जब बालक थे…

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** याद करो जब बालक थे हम संशय का यह भाव नहीं था, थीं खुशियाँ भरपूर किसी जन से तब हाय दुराव नहीं था, उम्र बढ़ी मन खिन्न रहे उर कष्ट भरा यह घाव नहीं था, खेल व कूद रहे मन में तब जीवन का उलझाव नहीं था। परिचय-वकील कुशवाहा … Read more

हंसवाहिनी

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* हंसवाहिनी मात शारदे, कर दो तुम उजियारा। ज्ञानज्योति जला दो जग में, मिट जायअंधियारा॥ वीणापाणि पद्मासना माँ, हमको राह दिखाओ। विद्यादायिनी माँ शारदा, तम अज्ञान हटाओ॥ पुस्तकधारिणी माँ भारती, करु प्रार्थना तेरी। हे धवलवस्त्रधारिणी मात, हरो दुर्बुद्धि मेरी॥ शिवा अम्बा वागीश्वरी माँ, हम मानव अज्ञानी। रूपसौभाग्यदायिनी अम्ब, वरदान दो भवानी॥ … Read more

संघर्ष

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* ये जीवन एक संघर्ष है, हार कभी न मानिए। लड़ो लड़ाई अंत समय तक, स्वयं को पहचानिए॥ तैयारी तुम रखो हमेशा, इसे चुनौती मानिए। जीवन के इन संघर्षों में, हार न स्वीकारिए॥ जीवन की कठिन परीक्षा में, निराशा को त्यागिये। हिम्मत और हौंसला रखकर, अपना कद बढ़ाइए॥ संघर्ष हमारे शिक्षक … Read more

जीवन इसका नाम

महेन्द्र देवांगन ‘माटी’ पंडरिया (कवर्धा )छत्तीसगढ़  ************************************************** जीवन को तुम जीना सीखो,किस्मत को मत कोस। खुद बढ़ कर तुम आगे आओ,और दिलाओ जोश॥ सुख-दु:ख दोनों रहते जीवन,हिम्मत कभी न हार। आगे आओ अपने दम पर,होगी जय जयकार॥ सिक्के के दो पहलू होते,सुख-दु:ख दोनों साथ। कभी गमों के आँसू बहते,कभी खुशी हैं हाथ॥ राह कठिन पर … Read more

देश हमारा

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** युगों-युगों से कहते आये, हिन्दुस्तान हमारा है। देश हमारा सबसे प्यारा, विश्व गगन का तारा है॥ ज्ञान और विज्ञान यहीं से, सब देशों ने पाये हैं। इसकी महिमा ऋषि-मुनियों ने, वेद शास्त्र में गाये हैं॥ गंगा यमुना और नर्मदा, बहती सुन्दर धारा है। देश हमारा सबसे प्यारा… आज … Read more

करें गाँव की सैर-बहारें

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** ‘बड़े दिन की छुट्टी’ स्पर्धा  विशेष……… (रचनाशिल्प:१६/१४-पदांत २२२) आई गर्मी की छुट्टी है, चलो मनाएं मस्ती में। दूर कहीं जा कर सागर में, घूमें-नाचें कश्ती में॥ सैर-सपाटा करें साथ में, मिलकर के सारे बच्चे। नहीं किसी से बैर हमारा, हम तो हैं मन के सच्चे॥ आम बौर खिल … Read more

शहर की ओर घूम आऊँ…

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** ‘बड़े दिन की छुट्टी’ स्पर्धा  विशेष……… ‘बड़े दिन की छुट्टी’ है, शहर की ओर घूम आऊँ। ऊंचे-ऊंचे मकान है, लंबी सड़कें देख आऊँ। बड़े दिन की छुट्टी है, शहर की ओर घूम आऊँ। रंग-बिरंगी चुनरियाँ है, कपड़ा मार्केट देख आऊँ। बड़े दिन की छुट्टी है, शहर की ओर घूम … Read more

अपना विश्वास जगाना है

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ***************************************************************************** जगना होगा आज स्वयं, नारी को भी निज शौर्य लिये। हिम्मत से जीना होगा निज, स्वाभिमान का अस्त्र लिएll यह इतिहास है भारत का, नारी ने ही संकल्प लिया। माँ दुर्गा ने काली बनकर, सब चंड-मुंड संहार कियाll रानी लक्ष्मीबाई ने भी, फिरंगियों के कत्ल किए। हाहाकार मचा डाला चुन- … Read more

रोज रोज घटती घटनाएँ

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ****************************************** रोज रोज घटती घटनाएँ,                    कैसी ये मानवता है। नरपिशाच बन बैठा मानव,               करता वह दानवता हैll      जिस पावन धरती पर नारी,                  देवी सम पूजी … Read more

मीरा उवाच

ओम अग्रवाल ‘बबुआ’ मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************************************** प्रीत प्रतीत परम प्रिय पावन,प्रिय पुनीत पुनि प्राण पखेरू। केहि विधि नेह जतावहु कान्हा,मैं पदरज तुम विकट सुमेरूll धरी अधर मुस्कान पिया हित,छलकत नीर नयन मम माहीं। सांवरि सूरत मोहनि मूरत,रूप अनूप बरन नहि जाहींll यहि उपकार करौ तुम कान्हा,हिय मा नेेह निवेदन लीजो। कोटि जनम सुख तुम पर वारौं,मोको … Read more