साँवला कान्हा
प्रभावती श.शाखापुरे दांडेली(कर्नाटक) ************************************************ बैरी साँवलिया ना छोड़े। फागुन बहार आज॥ मधुर तान सुन मुरली की,रे! लागे मोहे लाज॥ श्याम साँवला,राधा गोरी। जैसे चाँद-चकोर॥ संग कन्हैया,नाचे राधा। होकर प्रेम विभोर॥ प्रेम पियूष पिला कर कान्हा। जता प्रेम की रीत॥ मोर मुकुट गिरिवरधारी ने। सिखा दी प्रेम प्रीत॥ परिचय-प्रभावति श.शाखापुरे की जन्म तारीख २१ जनवरी एवं जन्म … Read more