नारी तू नारायणी
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* नारी: मर्यादा, बलिदान व हौसले की मूरत… नारी तू नारायणी, है दुर्गा का रूप।रमा,उमा,माँ शारदे, में तेरी ही धूप॥ नारी तू नारायणी, ज्ञान,चेतना,मान।जिस गृह रहती तू वहाँ, पलता नित उत्थान॥ नारी जब तू खुश रहे, तब ख़ुश हो परिवार।तुझसे ही बरकत पले, महक उठे संसार॥ नारी तू खुश हो सदा, बांटे … Read more