मुखौटा
डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* लगा ‘मुखौटा’ संत का,घूमे पापी नीच।मिल जाएंगे हर जगह,इस दुनिया के बीच॥ बदल ‘मुखौटा’ सृष्टि में,करता जो व्यवहार।कभी न पाता मान वह,सहता सभी प्रहार॥ त्याग ‘मुखौटा’ झूठ का,सदा सत्य को धार।दम्भ कपट सब छोड़कर,धर्म करें स्वीकार॥ पहन ‘मुखौटा’ सत्य का,छोड़ दम्भ पाखंड।अंतर्मन को शुद्ध कर,बने नहीं उद्दंड॥ जैसे हैं वैसे रहें,रखें … Read more