`प्रदूषण` गायब रहा चुनाव से

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* राजधानी दिल्ली में अक्सर वायु एवं जल प्रदूषण एक गंभीर समस्या के रूप में खड़ा रहता है,लेकिन इस गंभीर समस्या का दिल्ली विधानसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा न बनना विडम्बनापूर्ण है। असल में देखें तो संकट वायु प्रदूषण का हो या फिर स्वच्छ जल का,इनके मूल में विकास की अवधारणा के … Read more

वाह! क्या उम्मीदवार हैं हमारे ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** दिल्ली के आम चुनाव की चर्चा देशभर में है। कई कारणों से है लेकिन कुछ कारण ऐसे भी हैं,जिनकी वजह से दिल्लीवाले अपना माथा ऊंचा नहीं कर सकते। दिल्ली में शिक्षा-संस्थाओं की भरमार है लेकिन दिल्ली प्रदेश के चुनाव में ५१ प्रतिशत उम्मीदवार ऐसे हैं,जो १२ वीं कक्षा या उससे … Read more

आम बजट,सत्यनारायण की कथा व एलआईसी का खत्म होता बीमा…

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** यूँ लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के कुलदीपक पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव को कोई गंभीरता से नहीं लेता,लेकिन कल आम बजट पर तेजप्रताप की प्रतिक्रिया सबसे हटकर थी। तेजप्रताप का कहना था कि इस बजट से ज्यादा अच्छी तो भगवान सत्यनारायण की व्रत कथा है,जिसे सुनकर मन को संतुष्टि और पुण्य … Read more

मुसलमानों की देशभक्ति

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन शांतिपूर्ण आंदोलनों की तारीफ की है,जो नए नागरिकता कानून के विरोध में चल रहे हैं। उनका कहना है कि इससे भारत का लोकतंत्र मजबूत हो रहा है। मैं तो इस कथन से भी थोड़ा आगे जाता हूँ। मेरा कहना है कि यह आंदोलन चाहे … Read more

दिल्ली चुनाव:हिंसक एवं अराजक बयानों की उग्रता

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* दिल्ली में विधानसभा के चुनाव जैसे-जैसे निकट आता जा रहा है,अपने राजनीति भाग्य की संभावनाओं की तलाश में आरोप-प्रत्यारोप,हिंसक बयानों-वचनों और छींटाकशी का वातावरण उग्र होता जा रहा है। आम आदमी पार्टी,भारतीय जनता पार्टी एवं कांग्रेस तीनों ही दलों के नेता अपने चुनाव प्रचार में जिस तरह की उग्र भाषा का … Read more

सुदीर्घ राजनीतिज्ञ:भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा

हेमेन्द्र क्षीरसागर बालाघाट(मध्यप्रदेश) *************************************************************** राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ‘गठ’ से निकला एक स्वयंसेवक भाजपा का विस्तारित ‘गठन’ भी करेगा और सरकार के मुख्य दल का अध्यक्ष होने के नाते ‘गठबंधन’ धर्म का पालन भी करेगा। इस बात का साक्षी आने वाला समय बनेगा। यह भविष्यवाणी अब चरितार्थ हो गई,जब जगत प्रकाश नड्डा विश्व की सबसे … Read more

कै. अमरेन्द्र: राजधर्म पर हावी राजनीति धर्म

राकेश सैन जालंधर(पंजाब) ***************************************************************** राजधर्म पर अगर स्वार्थपरक राजनीति का धर्म हावी हो जाए तो,वही होता है जो पंजाब विधानसभा में हुआ। कांग्रेस के नेतृत्व वाली कैप्टन अमरेन्द्र सिंह की सरकार ने विधानसभा में ‘नागरिकता संशोधन विधेयक’ के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है और इसे संविधान के खिलाफ बता कर इसे वापिस लेने की मांग … Read more

भाजपा पीछे नहीं हटेगी

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** आज तीन-चार खबरों को एक साथ रखकर मैं सोचता रहा कि आशा की किरण भी उभर रही है और साथ ही घनेरे बादल भी छाते चले जा रहे हैं। एक तरफ डोनाल्ड ट्रम्प और इमरान दावोस में मिल रहे हैं और ट्रम्प कह रहे हैं कि आप चाहें तो मैं … Read more

बहुत जरुरी है जनसँख्या नियंत्रण कानून बनाना

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** आबादी नियंत्रण करना नामुमकिन है, चाहे नियम,कानून,सामाजिक,पारिवारिक स्तर पर कितने भी प्रयास किये जाएंl इसको इस प्रकार समझाना-समझना होगा कि, वर्तमान में देश की आबादी १३० करोड़ हैंl हम पूरी आबादी को वर्षवार बाँट लें,यानी एक वर्ष से लेकर १३० वर्ष की आयु वर्ग के १ करोड़ लोग हैं,अब आप २० … Read more

युद्ध का अंधेरा नहीं चाहता कोई भी राष्ट्र

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* अमेरिका एवं ईरान के बीच बढ़ते तनाव से बनती विश्व युद्ध की स्थितियों ने समूची दुनिया को संकट में डाल दिया है। इन वैश्विक तनावों के बीच व्यापार और तकनीकी संघर्ष के चलते वैश्विक बाजार अस्थिर हो रहे हैं,विकास की गति मंद हो रही है,महंगाई बढ़ती जा रही है,मानव जीवन जटिल … Read more