चुनाव सुधार हेतु नया `सूरज` आवश्यक

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* लोकसभा चुनाव २०१९ की सरगर्मियां उग्र से उग्र होती जा रही है,राष्ट्र में आज ईमानदारी एवं निष्पक्षता हर क्षेत्र में अपेक्षित हैl चूँकि,अनेक गलत बातों की जड़ चुनाव है इसलिए वहां इसकी शुरूआत इस समय सर्वाधिक अपेक्षित है। बीते कुछ महीनों में चुनाव सुधार को लेकर देशभर में तमाम तरह की … Read more

हिंसक सत्ता की नाकामी

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** महावीर जयंती के अवसर पर हार्वर्ड कैनेडी स्कूल की एक रपट दुनिया के आंदोलनों पर छपी है। यह खोजपूर्ण रपट इस मुद्दे पर छपी है कि पिछले १०० वर्षों में कितने हिंसक आंदोलन सफल हुए हैं और कितने अहिंसक ? इसके मुताबिक ३६ प्रतिशत हिंसक आंदोलन सफल हुए हैं जबकि … Read more

कांग्रेस पर बांस की बोराई

राकेश सैन जालंधर(पंजाब) ***************************************************************** राजस्थानी में कहावत है-‘केला,बिच्छी,केकड़ा वनस्पतियों में बांस,अपने जन्मे आप मरे या फिर सत्यानाश।’ यानि केला व बांस जिन्दगी में एक ही बार फल-फूल देते हैं और बांस के फूल अकाल या विपत्ति का संकेत हैं। चैत्र और वैशाख में वनस्पति जगत में बोराई यौवन पर है और देश की सबसे पुरानी … Read more

गैर राजनीतिक पकौड़ा

अशोक कुमार सेन ‘कुमार’ पाली(राजस्थान) ******************************************************************************** आज पकौड़े बनाना सीखा है,पर अब आप लोग यह मत बोल देना कि किसी दल विशेष का प्रचार कर रहा है। यह विशुद्ध गैर राजनीतिक पकौड़े हैं,जिनका एक मात्र उद्देश्य पेट की भूख शांत करना है। आजकल सरकार स्वरोजगार के नाम पर राजनीतिक सियासी आँच पर पकौड़े तलना,पंक्चर निकलना,मवेशी … Read more

हिन्दी की उपेक्षा को चुनावी मुद्दा बनाएं

ललित गर्ग दिल्ली ************************************************************** देश के लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे चर्चित होने वाला आसन्न आम चुनाव क्या मुद्दाविहीनता,फूहड़ता,भाषाई अशिष्टता,निजी अपमान के लिये ही याद किया जायेगा ? सवाल है कि क्या हमारी राजनीतिक बिरादरी राष्ट्रीयता एवं राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े किसी मुद्दे पर कोई सार्थक या गंभीर बहस छेड़ेंगी ? क्या लोकतंत्र का यह महापर्व … Read more

बेरोजगारी,मंहगाई की प्रगति बताएं प्रधानमंत्री

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** चुनाव २०१९ अपनी चरम सीमा पर है,और इस समय सब जगह भाषा की नीचता बहुत उच्चता पर हैl भाषा का स्तर इतना अधिक इतना गिर चुका है कि यह चुनाव विकास और योजनाओं पर न होकर गाली-गुफ़्ता पर होना चाहिएl गाली से मूल समस्याओं से ध्यान भटकाया जा सकता है,वैसे सब … Read more

चुनावों में युवाओं की महती भूमिका

शम्भूप्रसाद भट्ट `स्नेहिल’ पौड़ी(उत्तराखंड) ************************************************************** युवा देश का स्वर्णिम भविष्य होता है। सबसे बड़ी प्रसन्नता इस बात की है कि हाल में लिए गये आंकड़ों के अनुसार भारत विश्वभर में युवाओं की दृष्टि से सबसे समृद्ध देश है। युवाओं का प्रभाव तथा उनकी देश में बाहुल्यता समृद्ध भविष्य की ओर संकेत है,लेकिन यह युवाओं के … Read more

गरीबों को गुमराह करने का षड़यंत्र

ललित गर्ग दिल्ली ************************************************************** सत्तर साल से गरीबी एवं गरीबों को मजबूत करने वाली पार्टी कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने दुनिया की सबसे बड़ी न्यूनतम आय गारंटी योजना से गरीबों के हित की बात करके देश की गरीबी का भद्दा मजाक उड़ाया है। इस चुनावी घोषणा एवं आश्वासन का चुनाव परिणामों पर क्या असर … Read more

शिवाजी,जनरल स्कीन और मोदी

राकेश सैन जालंधर(पंजाब) ***************************************************************** २७ मार्च की सुबह ११.१६ बजे का समय उस समय इतिहास में दर्ज हो गया,जब भारत ने अंतरिक्ष युद्ध के क्षेत्र में पदार्पण किया। यह गौरवशाली कारनामा करके देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इतिहास के उन महापुरुषों की श्रेणी में शामिल हो गए,जिन्होंने अपने-अपने समय में देश की रक्षा के समक्ष … Read more

लोकसभा चुनाव:सभी दलों और उम्मीदवारों के नाम मतदाताओं की अपील

निर्मलकुमार पाटोदी इन्दौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************** भारत,भारतीय भाषाओं और भारतीयता के लिए मंथन का आव्हान भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्रीय राष्ट्र है। देश के ९० करोड़ मतदाता ११ अप्रैल से १९ मई के बीच लोकसभा की ५४३ सीटों के लिए मतदान करेंगे। इसमें ५४३ सदस्य विजयी होंगे, उनसे और उनके दलों से ९० करोड़ मतदाताओं की … Read more