क्या गारंटी कि,अनाज-वितरण में धांधली नहीं होगी !

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* केंद्र सरकार और दिल्ली की सरकार के बीच आजकल अजीब-सा विवाद चला हुआ है। दिल्ली की केजरीवाल-सरकार दिल्ली के लगभग ७२ लाख लोगों को अनाज उनके घरों पर पहुंचाना चाहती है लेकिन मोदी सरकार ने उस पर रोक लगा दी है। इन गरीबी की रेखा के नीचे वाले लोगों को ‘प्रधानमंत्री गरीब … Read more

बात करें सरकार और किसान

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* किसान आंदोलन को चलते-चलते ६ महीने पूरे हो गए हैं। ऐसा लगता था कि शाहीन बाग आंदोलन की तरह यह भी ‘कोरोना’ के रेले में बह जाएगा लेकिन पंजाब,हरियाणा और पश्चिम उत्तरप्रदेश के किसानों का हौंसला है कि अब तक वे अपनी टेक पर टिके हुए हैं। उन्होंने आंदोलन के ६ महीने … Read more

नेपाली राजनीति अधर में

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* नेपाल की सरकार और संसद एक बार फिर अधर में लटक गई है। राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी ने अब वही किया है,जो उन्होंने पहले २० दिसंबर को किया था,याने संसद भंग कर दी है और ६ माह बाद नवंबर में चुनावों की घोषणा कर दी है। याने प्रधानमंत्री के.पी. ओली को कुर्सी में … Read more

भारत-रूसःहमें हुआ क्या,भूमिका अदा करें ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* रूसी विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव और भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर के बीच हुई बातचीत के जो अंश प्रकाशित हुए हैं,और उन दोनों ने अपनी पत्रकार-परिषद में जो कुछ कहा है,अगर उसकी गहराई में उतरें तो थोड़ा-बहुत आनंद जरुर होगा लेकिन दुखी हुए बिना भी नहीं रहेंगे। आनंद इस बात से होगा कि … Read more

प्रशासन को आचार संहिता से बांधना होगा

ललित गर्गदिल्ली ************************************** प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भले ही प्राथमिकता से सरकारी कामकाज की शैली में पारदर्शिता,तत्परता और ईमानदारी की वकालत की हो,लेकिन आज भी सरकारी कार्यशैली लापरवाह,अनुशासनहीन,भ्रष्ट एवं उदासीन बनी हुई है। आजादी के बहतर सालों के बाद भी आम आदमी शासन-तंत्र की उपेक्षा एवं बेपरवाही के कारण अनेक संकट का सामने करने को … Read more

बजट अच्छा,लेकिन क्रांतिकारी नहीं

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* देश का वह बजट आदर्श बजट होगा,जो देश के सभी १४० करोड़ लोगों के लिए रोटी,कपड़ा,मकान,शिक्षा और चिकित्सा की न्यूनतम व्यवस्था तो करे। राष्ट्र को परिवार बना दे। इस कसौटी पर किसी भी बजट का खरा उतरना तभी संभव है,जबकि देश के शीर्ष नेताओं के दिल में ऐसा प्रबल संकल्प हो और … Read more

मन जीतने में कामयाब हुई सरकार

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** अंकीय भारत (डिजिटल) के पहले अंकीय बजट में जो भी घोषणाएं हुई हैं,उसके चलते शेयर बाजार में बम-बम, सेंसेक्स-निफ्टी में पहले कभी बजट के दिन इतनी महा तेजी नहीं दिखी। आम जनता को इस बजट में पसन्द आने वाले प्रावधान ज्यादा और निराश करने वाले बहुत कम हैं।अब चर्चा कर लेते … Read more

सरकार को ईमानदार समझौता करना चाहिए

प्रियंका सौरभहिसार(हरियाणा) ************************************************** जयपुर और आगरा के लिए दिल्ली के राजमार्गों की नाकाबंदी के लिए किसान संगठनों के आह्वान के बाद पूरे भारत में तनाव बढ़ गया है। ३ विवादास्पद कृषि विधेयकों के सवाल पर नरेंद्र मोदी सरकार और आंदोलनकारी किसानों के बीच समझौता मायावी प्रतीत होता है। राष्ट्रीय राजधानी में कई दौर की बातचीत … Read more

संयम से काम लें भाजपा और ममता

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** पश्चिम बंगाल में भाजपा अध्यक्ष जगत नड्डा और भाजपा प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय के काफिले पर जो हमला हुआ,उसमें ऐसा कुछ भी हो सकता था,जिसके कारण ममता बनर्जी की सरकार को भंग करने की नौबत भी आ सकती थी। यदि श्री नड्डा की कार सुरक्षित नहीं होती,तो यह हमला जानलेवा ही सिद्ध होता। … Read more

नेता और नौकरशाह: भ्रष्टाचार ही शिष्टाचार

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** ‘ट्रांसपेरेन्सी इन्टरनेशनल’ की ताजा रपट के अनुसार एशिया में सबसे अधिक भ्रष्टाचार यदि कहीं है तो वह भारत में है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को इससे गंदा प्रमाण-पत्र क्या मिल सकता है ? इसका अर्थ क्या हुआ ? क्या यह नहीं कि भारत में लोकतंत्र या लोकशाही नहीं,नेताशाही और नौकरशाही है … Read more