अर्थ-संकट के बादल

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ********************************************************** भारत की अर्थ-व्यवस्था अब अनर्थ-व्यवस्था बनती जा रही है। इससे बड़ा अनर्थ क्या होगा कि,सारी दुनिया में सबसे ज्यादा गिरावट भारत की अर्थ-व्यवस्था में हुई है। कोरोना की महामारी से दुनिया के महाशक्ति राष्ट्रों के भी होश ठिकाने लगा दिए हैं,लेकिन उनके सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में १०-१५ प्रतिशत से ज्यादा की … Read more

गुरु-शिष्य की अनवरत प्रक्रिया

निशा गुप्ता देहरादून (उत्तराखंड) ********************************************************* “गुरु तो हमेशा ही हर युग में पूज्य रहे हैं, इसमें कोई अपवाद नही है। वो ही पथ प्रदर्शक बन कर समाज का निर्माण करते हैं।”गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वराय हो या गुरु गोविंद दोनों खड़े काके लागूं पाँय,हर युग में गुरु पूजनीय रहे हैं।अक्षर ज्ञान और जीवन में जीविकोपार्जन का रास्ता … Read more

हिरण पर क्यों लादें घास ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ********************************************************** आंध्र प्रदेश की सरकार ने पिछले साल अपने सारे विद्यालयों में पढ़ाई का माध्यम अंग्रेजी कर देने का फैसला किया और विधानसभा ने उस पर मुहर लगा दी। भाजपा ने इसका विरोध किया और उसके २ नेताओं ने उच्च न्यायालय में याचिका लगा दी। उच्च न्या. ने इस अंग्रेजी को थोपने के … Read more

शिक्षक-शिक्षा पर मंथन आवश्यक

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* शिक्षक दिवस विशेष……….. जैसे पांचों उंगलियां एक समान नहीं होतीं,उसी प्रकार प्रत्येक शिक्षक पूजनीय या निंदनीय नहीं होता। आज अधिकांश शिक्षक अपना महत्व खो रहे हैं,क्योंकि भारी-भरकम ट्यूशन शुल्क और धन के बल पर परीक्षा उत्तीर्ण करवाने वाले शिक्षकों का सम्मान आखिर विद्यार्थी कब तक करेंगे ?यह सत्य … Read more

उत्तम ब्रह्मचर्य:महत्व और अर्थ समझाना होगा

श्रीमती अर्चना जैनदिल्ली(भारत)**************************** ब्रह्म का अर्थ आत्मा है जो शुद्ध है,बुद्ध है, शाश्वत आनंद स्वरूप है। स्वयं की आत्मा में रमण करना ब्रह्मचर्य धर्म है, संयम की जड़ सदाचार है और यह दोनों ब्रह्मचर्य पर आधारित हैं। जो लोग ब्रह्मचर्य की महिमा को समझते हैं,वे संयम और सदाचार के महत्व को भली-भांति जान लेते हैं। … Read more

रामकथा के प्रथम अन्वेषक फादर कामिल बुल्के

प्रो. अमरनाथकलकत्ता (पश्चिम बंगाल)****************************************** हिन्दी योद्धा………….. बेल्जियम से भारत आकर यहां की नागरिकता स्वीकार करने वाले,हिन्दी को अपनी माँ,राम को अपना आदर्श और तुलसी के प्रति अटूट श्रद्धा रखने वाले डॉ. फादर कामिल बुल्के रामकथा पर गंभीर शोध करने वाले पहले अनुसंधित्सु हैं। ‘रामकथा–उत्पत्ति और विकास’ आज भी रामकथा पर सर्वश्रेष्ठ शोध कार्य माना जाता … Read more

‘तानाशाही’ की बासी कढ़ी और सोनिया गांधी

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ********************************************************** कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अब फिर देश को बासी कढ़ी परोस दी। माँ ने बेटे को भी मात कर दिया। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के भूमिपूजन समारोह में बोलते हुए वे कह गईं कि देश में ‘गरीब-विरोधी’ और ‘देश-विरोधी’ शक्तियों का बोलबाला बढ़ गया है। ये शक्तियां देश में तानाशाही … Read more

भारत के आर्थिक मामलों में अग्रणी रहे प्रणव मुखर्जी

संदीप सृजनउज्जैन (मध्यप्रदेश) ****************************************************** समन्वय और समरसता की मिसाल रहे भारत के १३वें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अपने जीवन के ८४ वर्ष पूरे कर अनन्त की यात्रा पर निकल गए। २१०२ से २०१८ तक इस पद पर रहे प्रणब दा भारत के राष्ट्रपति बनने से पहले भारत सरकार के वित्त मंत्री भी रहे। भारत के आर्थिक मामलों,संसदीय … Read more

मादक पदार्थ और ‘सोम’ में कोई एकरूपता नहीं

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)******************************************************** आज के सनसनीखेज समाचारों में ड्रग्स (नशीले-मादक पदार्थ)का नाम अवतरित हो जाता है। मादक पदार्थ का सेवन समाज के पैसे वाले लोगों में करने की बात सुनी जाती है। वर्तमान समय में मादक पदार्थ ने अपना नाम समाज को खूब बाँटा है। जिसके लिए मादक पदार्थ आकाश-कुसुम की तरह … Read more

मीडिया में रिया चालीसा का ही जाप क्यों ?

ललित गर्गदिल्ली ******************************************************* भारत में एक नई आर्थिक सभ्यता और एक नई जीवन संस्कृति करवट ले रही है,तब उसके निर्माण में प्रभावी एवं सशक्त भूमिका के लिए जिम्मेदार दोनों मीडिया शायद दिशाहीन है। १३० करोड़ की आबादी का यह देश कोरोना एवं अन्य जटिल समस्याओं से जूझ रहा है,इन समस्याओं एवं अन्य समस्याओं से लड़ते … Read more