चैत्र शुक्ल प्रतिपदा जगत का ‘उत्पत्ति दिवस’

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** वर्ष प्रतिपदा-२५ मार्च विशेष…………….. `चैत्रे मासि जगद्ब्रह्मा ससर्ज प्रथमेऽहनि।                                           शुक्लपक्षे समग्रं तु तदा सूर्योदय सति॥`  हेमाद्रि के ब्रह्मपुराण के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष के प्रथम दिन सूर्य उदय के … Read more

भारत जीतेगा ही `कोरोना` युद्ध

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** `जनता-कर्फ्यू` की सफलता अभूतपूर्व और एतिहासिक रही है। पिछले ६०-७० साल में कई भारत बंद देखे हैं,लेकिन ऐसा भारतबंद पहले कभी नहीं देखा। इस पहल का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तो है ही,इस जनता-कर्फ्यू ने यह भी सिद्ध कर दिया है कि श्री मोदी से बड़ा प्रचार मंत्री पूरी … Read more

हिन्दी के योद्धा:डॉ. राम मनोहर लोहिया

डॉ. अमरनाथ ***************************************************************** डॉ. राम मनोहर लोहिया (१९१०-१९६७) आजाद भारत के अकेले राजनेता हैं,जिन्होंने अपनी भाषा के मुद्दे पर राष्ट्रीय संदर्भ में विचार किया और आंदोलन भी चलाए, क्योंकि वे मानते थे कि बिना भाषा के लोकतंत्र गूंगा-बहरा है। डॉ. लोहिया के भाषा संबंधी चिंतन में वर्णमाला से लेकर उसकी शिक्षा और शोध तथा भारतीय … Read more

क्या `मेडिकल क्वारेंटाइन` भी वास्तव में ‘सूतक’ ही ?

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** जिस देश ने दुनिया को ‘क्वारेंटाइन’ जैसा शब्द दिया,उसने शायद ही सोचा होगा कि `कोरोना` वायरस जैसी वैश्विक महामारी से उसी देश में चीन के बाद सबसे ज्यादा लोगों की मौतें होंगी और लगभग पूरे देश को क्वारेंटाइन में जाना पड़ेगा। यूरोप में इटली,कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित है। विश्व स्वास्थ्य संगठन … Read more

‘कोरोना’ से ध्वस्त होती अर्थ-व्यवस्थाएं

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* विकसित एवं शक्तिसम्पन्न राष्ट्रों ने दुनिया में अपना आधिपत्य स्थापित करने के लिए नए तरह के युद्धों को इजाद किया है,उनके भीतर नयी तरह की क्रूरता जागी है,उन्होंने दुनिया को विनाश देने के नए साधन विकसित किए हैं,जिससे अनेक बुराइयां एवं संकट बिन बुलाए दुनिया में व्याप्त हो गई। इसी विकृत … Read more

धर्म-ध्वजियों के आचरण पर कड़ी निगरानी और असाधारण सजा जरुरी

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** पोप फ्रांसिस बधाई के पात्र हैं,जिन्होंने आखिरकार केरल के पादरी राॅबिन वडक्कमचेरी को ईसाई धर्म से निकाल बाहर किया। ‘आखिरकार’ शब्द…?,इसलिए कि इस पादरी को केरल की एक अदालत ने बलात्कार के अपराध में ६० साल की सजा कर दी थी,इसके बावजूद पोप ने सालभर से इस पादरी के खिलाफ … Read more

भारतीयता अपनाएं, ‘कोरोना’ भगाएं

पंकज भूषण पाठक ‘प्रियम’ बसखारो(झारखंड) *************************************************************************** ‘कोरोना’ से बचाव के लिए पूरी दुनिया आज ताली बजाकर जागरण कर रही है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी २२ मार्च को ताली बजाकर सन्देश देने का आह्वान किया है। बीबीसी की एक रिपोर्ट पर कई लोग कह रहे हैं कि,श्री मोदी का यह विचार(तरकीब)पश्चिमी देशों की नकल है। शायद … Read more

अब ‘मित्र’ शब्द की पवित्रता भूले

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* ‘मित्र’ वह जो विपत्ति में काम आए, अर्थात मुसीबत,कष्ट,आपदा,मुश्किल,संकट जैसे क्षणों मे सहभागी बने,सहयोग करे,वह मित्र कहलाता है। दूसरी ओर जो विपत्ति, मुसीबत,कष्ट,आपदा,संकट इत्यादि का कारण बने और असहयोग करे,वह शत्रु से भी धूर्त माना जाता हैl यूँ कहें कि जिसके ऐसे मित्र हों,उन्हें शत्रुओं की आवश्यकता … Read more

खुशहाली लेकर लौटेगी गौरैया

अरशद रसूल, बदायूं (उत्तरप्रदेश) ********************************************************************* नटखट बचपन में तरंगें पैदा करने के लिए गौरैया का नाम जरूर आता है। बच्चा गौरैया या ऐसी ही चिडि़ंयों को देखकर मचलता जरूर है। बात कोई बहुत ज्यादा पुरानी नहीं है। कोई एक-डेढ़ दशक पहले ज्यादातर घरों में गौरैया का घोंसला जरूर होता था। घोंसला न भी हो,तो यह … Read more

खुशी में खुशी देखिए

राजकुमार अरोड़ा ‘गाइड’ बहादुरगढ़(हरियाणा) *********************************************************************** हर कोई खुश रहना चाहता है,पर कुछ अपनी खुशी में ही खुश रहना चाहते हैंl दूसरे की खुशी उन्हें उदास कर देती है,कई बार तो हताश कर देती है,करोड़पति-साधन संपन्न लोग अपनी चैन की नींद ही खो बैठते हैंl एकाएक इसी एहसास में खो जाते हैं कि,मेरे पास तो उसके … Read more