सम्मान की शॉल

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* वह सर्दी की एक रात थी। शहर के समीप के कस्बे में कवि सम्मेलन का आयोजन था। शरद के जीवन का वह पहला कवि सम्मेलन था। शरद ट्रेन पकड़कर भाग लेने पहुंचा था। काव्यपाठ भी अच्छा ही रहा था।शरद बड़ा खुश था, उसे भी अन्य कवियों के साथ शॉल ओढ़ाकर सम्मानित … Read more

चुन्नू की अच्छी सोच

ताराचन्द वर्मा ‘डाबला’अलवर(राजस्थान)*************************************** एक बार चुन्नू पड़ोसी के घर में रखे दहेज के सामान को देख रहा था।;फ्रीज, कूलर, कुर्सी, टेबल, सोफ़ा सेट, अलमारी सभी सामान अभी बाहर ही रखे थे।पड़ोसी ने प्यार से चुन्नू को अपने पास बुलाया और कहा,-“बैठोगे सोफे पर, आओ बैठो। जानते हो ये सब सामान मुझे कहाँ से मिला है … Read more

नई शुरुआत

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* ‘चलो,जैसे साल बीता,वैसे गिले-शिकवे की बीती बातें भूल जाओ! क्यों हठ करती हो बच्चों जैसी ? इतने साल बीत गए हैं साथ रहते,हम दोनों उन्हीं किनारों को पकड़े खड़े हैं,देखो,क्यों न नए साल में एक नई शुरुआत करते हैं। ‘“कौन-सी नई शुरुआत..!”“यही दिनभर चुप रहते हैं,एक-दूसरे का ख्याल रखते हुए दिन … Read more

बैसाखी

मधु मिश्रानुआपाड़ा(ओडिशा)******************************** “अब खा भी लो सुलभा,कल से तुमने कुछ भी नहीं खाया है.. तुम्हें इस तरह ख़ामोश देखकर मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता..क्या हुआ कल वेद का कॉल नहीं आया तो… आज आ जाएगा…! हो सकता है उसे ऑफ़िस में काम ज़्यादा होने के कारण समय ही न मिला हो… पर तुम हो … Read more

ममता का आँचल

डॉ.मधु आंधीवालअलीगढ़(उत्तर प्रदेश)**************************************** दीपावली पर्व स्पर्धा विशेष …… बुजुर्ग दया बहुत गरीब थी। अकेली रहती थी, बस मिट्टी से घड़े,दीपक आदि बना कर कैसे भी गुजर-बसर करती थी। पिछले साल ‘कोरोना’ की आपदा क्या आई,पड़ोस में रहने वाली विधवा शीला ३ बच्चों को छोड़ कर ‘कोरोना’ के गाल में समा गई। तीनों बच्चे अनाथ हो … Read more

पश्चाताप

मधु मिश्रानुआपाड़ा(ओडिशा)******************************** रक्षाबंधन विशेष…….. “राधा…सुन..! ये मोर पंख वाली राखी तुझे अच्छी लग रही थी न..! ले…लेजा इसे अपने भाई को बांधना… I” वेदिका ने पिछले साल की राखी अपनी काम वाली बाई को देते हुए कहा।“राखी तो मैं..ख़रीद ली हूँ दीदी! ” राधा ने कपड़ा सुखाते हुए कहा।“जानती भी है ये राखी कितने की … Read more

मैं जीत गई

डॉ.मधु आंधीवालअलीगढ़(उत्तर प्रदेश)**************************************** आज मिश्रा जी के घर में फिर हलचल दिखाई दे रही थी । हर चार-पांच महीन बाद ऐसा माहौल रहता,फिर शान्त हो जाता । मेरे पड़ोसी थे। अच्छे व्यवहारिक लोग थे। उनकी बड़ी बेटी सलोनी बहुत ही होशियार व समझदार बच्ची थी। मेरी अच्छी छोटी दोस्त भी,बस उसमें एक ही कमी थी … Read more

मेरी भगवान

डॉ. वंदना मिश्र ‘मोहिनी’इन्दौर(मध्यप्रदेश)************************************ मेरा विद्यार्थी जीवन स्पर्धा विशेष …….. आज नीरा अपनी बालकनी में बैठी-बैठी अपने विद्यालय के दिन याद कर रही थी,क्योंकि आज उसकी बहुत पुरानी सहेली प्रीति का फोन आया जो उसे अपने बचपन में ले गया। यह उन दिनों की बात है,जब मासूमियत से भरे बचपन के दिन,गाँव की कच्ची सड़कें … Read more

पैसे पेड़ पर नहीं उगते

डॉ.मधु आंधीवालअलीगढ़(उत्तर प्रदेश)**************************************** आज शर्मा जी बहुत खुश थे। वह जल्दी घर पहुँचना चाहते थे,जिससे घर जाकर खुश खबरी सुना सकें। उनकी अकेली लाड़ली बेटी शुचि का सम्बन्ध इतने बड़े घर में होने जा रहा था। सचिन इंजीनियर था और अगले महीने विदेश जा रहा था। सचिन के माँ-बाप उसकी शादी करने की जल्दी में … Read more

घोंसले

डॉ.मधु आंधीवालअलीगढ़(उत्तर प्रदेश)**************************************** पर्यावरण दिवस विशेष….. नमिता खिड़की में बहुत देर से उदास खड़ी हुई थी। आज के बाद अब सुबह का चिड़ियाओं का चहकना,कबूतरों की गुटरगूं और काम वाली काकी की झुंझलाहट-अरे कितनी भी सफाई करूं,ये चिड़िया और कबूतर कितनी गन्दगी करते हैं। अब सब पेड़ और हरियाली चली जाएगी। कल से यहाँ दीवार … Read more