अनमोल वक्त
डोली शाहहैलाकंदी (असम)************************************** नेहा के माता-पिता दफ्तर की व्यस्तता के कारण बेटी को बिल्कुल समय ना दे पाते, जिससे उसकी देख-रेख की जिम्मेदारी उन्होंने आया (रिया) को सौंप रखी थी, लेकिन वह जैसे-जैसे बड़ी हुई; अकेलापन महसूस करने लगी।एक दिन नेहा अपनी माँ से बोली-“माँ, आप लोगों के पास तो मेरे लिए बिल्कुल वक्त ही … Read more