रोमांच से भरी पहली यादगार यात्रा

सुश्री नमिता दुबे इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************** २७ सितम्बर विश्व पर्यटन दिवस विशेष………. उन दिनों समाज,देश विकास की ओर था,लोगों की सोच में अब बदलाव भी आने लगा था,किन्तु कहीं न कहीं अभी भी लोगों की सोच में लड़कियों के साथ पक्षपातपूर्ण रवैया विद्यमान थाl लड़कियों का अकेले बाहर निकलना बदसलूकी माना जाता था। यद्धपि,मेरे घर में … Read more

हर दिल अज़ीज थे कवि `सनन`

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** सादर श्रद्धांजलि…………. “मैंने प्यार पाया है महफिलों में लोगों से। वरना मेरी जिंदगी तो जिंदगी नहीं होतीll” इन पंक्तियों के लेखक उज्जैन(मध्यप्रदेश) शहर में पिछले तीन दशक से साहित्यिक गोष्ठियों और कवि सम्मेलनों में अपनी एक अलग पहचान वाले पं. अरविंद त्रिवेदी सनन ७ सितम्बर रविवार को अचानक हृदयाघात के … Read more

बाल मन का कौतूहल

विनोद वर्मा आज़ाद देपालपुर (मध्य प्रदेश)  ************************************************ पिताजी एक सन्दूक नुमा यंत्र लाये,उसे घर लाकर उन्होंने ऊंचे स्थान पर टांग दिया तथा एक लंबी-सी चमकदार डंडी खींची तो वह लम्बी हो गयी। फिर एक तारों वाली जाली घर के बाहर दो खूंटियों पर बांध उसमें एक तार बांधकर उसे लम्बी डंडी के ऊपरी छोर पर लपेट … Read more

राजनीतिक आदर्शों की ऊंची मीनार थेअरूण जेटली

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* लंबे समय से ऊतक कैंसर से जूझ रहे राजनीति के पुरोधा पुरुष,उत्कृष्ट राष्ट्रवादी, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली अब हमारे बीच नहीं रहे। वह ९ अगस्त से दिल्ली में अस्पताल में जिन्दगी एवं मौत के बीच जूझ रहे थे,आखिर मौत जीत गयी। एक संभावनाओं भरा … Read more

मोदी जी का कवच मन्त्र थे अरुण जेटली

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** मृत्यु एक ऐसा परम सत्य है,जिसका होना निश्चित है,पर कब-कहाँ कैसे होना है,यह अनिश्चित होता हैl मृत्यु अत्यंत दुखदायी होती है,जिस प्रकार मनुष्य का जन्म बताता है कि,होनहार विरवान के होत चिकने पात उसी प्रकार मृत्यु बताती है कि,इस व्यक्ति का जीवन कैसा बीता ? कारण जीवन और कर्मों का मिलन … Read more

टीस-सी भर गई उनके ना होने की…

विजयलक्ष्मी ********************************************************* आज जब वे नहीं हैं उनकी बच्चों-सी कोमल और छोटी-छोटी हथेलियों की नाजुक छुअन रह-रह कर अनुभव हो रही है। फर्क बस इतना है कि आज उस नाजुक छुअन में एक टीस-सी भर गई है उनके ना होने की। शासकीय सेवा के दौरान होशंगाबाद में स्वागत सेवा करते हुए मुझे माँ नर्मदा के … Read more

जब यादगार बन जाए अनचाही यात्राएं..

तारकेश कुमार ओझा खड़गपुर(प. बंगाल ) ********************************************************** जीवन के खेल वाकई निराले होते हैं। कई बार ऐसा होता है कि ना-ना करते हुए भी आप वहां पहुंच जाते हैं,जहां जाने को आपका जी नहीं चाहता जबकि अनायास की गई ऐसी यात्राएं न सिर्फ सार्थक सिद्ध होती हैं,बल्कि यादगार भी। जीवन की अनगिनत घटनाओं में ऐसी … Read more

अपनी प्रतिभा-विद्वता से सराबोर किया सुषमा जी ने

डॉ.स्नेह ठाकुर टोरंटो(कनाडा) ************************************************************************** भारतीयता की प्रतिमूर्ति,भारतीय बगिया की अनुपम सुषमा अपने भारत देश पर अपनी व्यक्तिगत,सामाजिक और राजनीतिक सुषमा बिखेरती हुई अनंत प्रकाश में विलीन हो गईं। भारत की विदुषी बेटी,प्रखर वक्ता,जिसने न केवल भारत माँ की अनगिनत संतानों को अपनी प्रतिभा,विद्वता से सराबोर किया, वरन इस भारत-पुत्री ने विदेशियों को भी अपनी विद्वता,लौहवर्णी … Read more

योग,केला और भाला…

जितेन्द्र वेद  इंदौर(मध्यप्रदेश) ************************************************************* निशांत बार-बार सोच रहा था,पर उसे समझ नहीं आ रहा था कि एक केले से देश का कौन-सा बड़ा नुकसान हो गया कि बात को इतना तूल दिया रहा था। एक अदद केला कुछ समय के लिए भूख मिटा सकता है। खड़े रहने की क्षमता दे सकता…और..कुछ पल के लिए ही … Read more

अपनी बात दबंगता और सलीके से रखती थी सुषमाजी

  संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** “एक समय था जब अटलबिहारी वाजपेयी की भाषण शैली के कारण मैं उनके सामने बोलने में संकोच करता था,और आज सुषमा स्वराज भी मेरे अंदर वाजपेयी की तरह ही ‘कॉम्प्लेक्स’ पैदा करती हैं।” यह बात भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने २०१२ में पार्टी के राष्ट्रीय … Read more