…तो ज्ञान दीपक न जलता

आदर्श पाण्डेयमुम्बई (महाराष्ट्र)******************************** मेरा विद्यार्थी जीवन स्पर्धा विशेष ……. मैं जब पहली कक्षा में था तो दोस्तों को बहुत गालियाँ देता था,सिर्फ इसलिए कि वो मुझे परीक्षा में नकल नहीं कराते थे। उस समय हमारे विद्यालय में ‘चूरन’ मिलता था। जब परीक्षा का समय आता था तो मैं उन्हीं लड़कों को चूरन खिलाता था जो … Read more

स्मृतियों के झरोखे में अनमोल विद्यार्थी जीवन

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* मेरा विद्यार्थी जीवन….. विद्यार्थी जीवन होता है अनुपम अनमोल,खेल-कूद सखी मित्र संग नटखट बेमोलशिक्षा संग होये उत्तम व्यक्तित्व निर्माण,कच्चे घडे़ संवारते मात-पिता-गुरु बोल। सुमधुर स्मृतियाँ बचपन हृदय हँसे डोल,हँसी-ठिठोली संग बनते हमजोली बेमोल।बालक-बालिका भविष्य हों उत्तम नागरिक,लौटकर ना आये विद्यार्थी जीवन अनमोल॥यूँ तो विद्यार्थी जीवन बालकाल से जब तक आप … Read more

मेरा विद्यार्थी जीवन और रचना धर्मिता

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’अल्मोड़ा(उत्तराखंड) *************************************** मेरा विद्यार्थी जीवन स्पर्धा विशेष …….. पिताजी यद्यपि अपने समय के कक्षा ४ उत्तीर्ण थे,फिर भी उनकी गणित बहुत अच्छा था।विद्यालय घर से दूर होने के कारण मेरी प्रारंभिक शिक्षा घर पर ही हुई। कक्षा ३ से प्राथमिक विद्यालय हऊली (चौनलिया) में प्रवेश लिया। गुरुजी श्री भैरवदत्त एवं श्री दयाकृष्ण जोशी … Read more

मौज-मस्ती की,नाम भी खूब कमाया

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** मेरा विद्यार्थी जीवन स्पर्धा विशेष …….. मेरा विद्यार्थी जीवन गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ था। जैसा धुंधला-सा याद आता है उस दिन माताजी,जो बालक कि प्रथम गुरु होती है,ने सर्वप्रथम प्रभु श्री गणेशजी की पूजा कराई और उसके बाद मेरी पाटी (स्लेट) की पूजा ही नहीं करवाई,बल्कि बरते (जिससे स्लेट पर … Read more

संघर्षमय मेरा विद्यार्थी जीवन

डॉ.पूर्णिमा मंडलोईइंदौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************** मेरा विद्यार्थी जीवन स्पर्धा विशेष …….. विद्यार्थी जीवन जितना मस्ती भरा और बेफिक्री का होता हैैैै,वहीं कभी-कभी संघर्ष से भरा हुआ भी होता है। बचपन से लेकर युवावस्था तक निरन्तर चलता रहता है। बल्कि,कहूंगी जीवन पर्यंत चलने वाला होता है विद्यार्थी जीवन। जो विद्यार्थी संघर्ष करता है,वह निश्चित ही अपने लक्ष्य को … Read more

अपना-पराया

श्रीमती चांदनी अग्रवालदिल्ली***************************** हम सबने परिवारों की बातचीत में अक्सर सुना है कि अपना तो अपना ही होता है। पराया अपना नहीं हो सकता। मुझे तो ऐसा लगता है कि जिस व्यक्ति से हमारा मन मिल जाता है,वह अपना-सा लगने लगता है। दूसरी ओर कोई अपना निकट का होकर भी पराया लगता है।अभी पिछले महीने … Read more

प्यारा बेटा

रेणू अग्रवालहैदराबाद(तेलंगाना)************************************ हम ३ बहनें और १ भाई थे। माँ-बाप ने हमें बड़े प्यार और दुलार से पाला-पोसा और बड़ा किया। ये १९८० के दशक की बातें हैं। मुझे इतनी समझ तो ,(जब मैं छठी कक्षा में थी) आ चुकी थी कि माँ मेरे भाई को हम सब बहनों से ज़्यादा प्यार करती है।हम सरकारी … Read more

काश! वो बचपन वापिस आ जाए

डाॅ. पूनम अरोराऊधम सिंह नगर(उत्तराखण्ड)************************************* ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम’ स्पर्धा विशेष….. गरिमामय,प्रभावशाली,अति शानदार व्यक्तित्व के धनी मेरे पिता राम प्रकाश भल्ला-समाजसेवी, स्पष्टवादी,स्वावलम्बी,अथक परिश्रमी,सत्यवादी, निर्भीक,अनुशासन प्रिय,शालीन,दार्शनिक,विनम्रता, परोपकार आदि गुणों से सदैव सभी के प्रिय रहे।छोटा हो या बड़ा,निर्धन हो या धनवान,सभी से समभाव स्नेह करते व सम्मान करते थे। पिता जी, किशोरावस्था से ही … Read more

गंभीर मामलों में भी धैर्य नहीं खोते थे पिताजी

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम’ स्पर्धा विशेष….. आज वाले कोलकात्ता के व्यस्तम इलाके में स्थित एक मकान के तीसरे माले में मेरा बचपन बीता। पिताजी के आँगन में पाँव रखने के साथ हम भाई- बहन सम्भल जाते थे। मेरे अपने बड़े ‘माँ जाये भाई’ व मेरे बीच २० साल का … Read more

सुखद अनुभव

उमेशचन्द यादवबलिया (उत्तरप्रदेश) ***************************************** ‘कोरोना’ महामारी की वजह से पूरी दुनिया में तबाही मची हुई है। अधिकांश लोग बेरोजगार हो गए हैं,मैं भी इसी श्रेणी में हूँ। मैं अपने गाँव में परिवार और मित्रों के साथ जीवन व्यतीत कर रहा हूँ। एक दिन की बात है। घर बैठे-बैठे ऊब रहा था तो सोचा कि चलो खेतों … Read more