हाय! गरमी प्रचंड

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** गरमी तेज़ प्रचंड हुई,किल्लत पय चहुं हुईपसीने से तर-बतर हो,ज़िंदगी दुश्वार हुई। लू बैरिन प्रचंड दहाड़,गर्मी विकट सताए हुएपसीना उभर-टपक रहा,धरती हाय! तौबा हुए। बड़ी मुश्किल आन पड़ी,होती है गुल बिजलीचल रही पंखी अहरनिश,ऋतु हठी तीक्ष्ण चली। शीतल पेय सदा भाता,रहती तकरार सदातृप्तिदायक हैं ये सभी,त्राण-प्राण पुष्ट सदा। ये गर्मी … Read more

मेरे अस्तित्व का रूप

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* इस अनिश्चित जग में,मैं ठहर जाती हूँकुछ अनजान भय से। निरंतर काम करने,के बाद मैं दौड़ जाती हूँसुनसान पड़े खाली घर में। उस भरी महफ़िल में,रिश्तेदारों और दोस्तों से भरीअपने-आपको अकेला पाती हूँ। खूबसूरत-सी जगह पर,हँसी-मजाक के बीचखुशी को ढूंढती हूँ आस-पास। कठिन परिश्रम, निष्ठा और त्याग,के बावजूद मेरी परछाई हैमेरे … Read more

अहंकार को नष्ट करना होगा

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* हर चीज़ जल रही है,आग की लपटें उठ रही हैये लपटें कहाँ से आ रही हैं ?मन के अंदर से शायद…! मन एक ज्वलनशील यंत्र है,यह उन सभी चीजों कोजला देता है, झुलसा देता है,जिन्हें हम देखते हैंजिसे हम सुनते हैं,जो हम सूंघते हैंजो हम चखते हैं,जिसे हम छूते हैंऔर जिस … Read more

जंग और सिंदूर की कीमत

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* रीना की कल ही शादी हुई, पति से साथ एक ही रात गुज़री कि सैनिक पति राकेश को आर्मी हेड क्वार्टर से छुट्टियाँ रद्द होने और ड्यूटी जवॉइन करने का बुलावा आ गया।इस पर राकेश उदास हो गया, पर नवविवाहिता रीना ने उसका हौसला बढ़ाते हुए उसे उसका फ़र्ज़ याद कराया, … Read more

काश! कोई पूछता..

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* काश कोई पूछता मुझसे,पीड़ा व्यथित हृदय कीलगाता जो मरहम प्यार का,कुछ पीड़ा कम हो जाती। काश! कोई समझ पाता,मेरे दिल में उठता तूफानफिर हौले से दिखला जाता,राह मुझे खुशियों की। काश! कोई देख पाता,मेरे दिल के सूनेपन कोचुपके से बस जाता दिल में,दूर कर देता तन्हाइयों को। काश! कोई कर पाता महसूस,मेरे … Read more

संकट आया

डॉ.एन.के. सेठी ‘नवल’बांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* मिलकर किया विचार, संकट आया राष्ट्र पर।किया वार पर वार, छक्के छूटे शत्रु के॥ फैलाना है काम, दुनिया में आतंक को।मिला दुखद परिणाम, घाव दिया ऐसा उसे॥ दुश्मन है चालाक, रहना अभी सतर्क है।करे काम नापाक, संकट का करता सृजन॥ संकट ये घनघोर, मातृ भूमि पर आ गया।दिखा दिया है … Read more

भाग्य है बेटी

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ बेटी खुशी है,सुख है समृद्धि हैबेटी आशा है,बेटी भाग्य है, विधाता है। नन्हें कदमों में वह लक्ष्मी,कर्म में वह सरस्वतीमाँ-बाप का आधार है,बेटी भाग्य है, विधाता है। बेटी घर का मान है, मर्यादा है,दो परिवारों का मजबूत नाता हैरिश्तों की डोर है, वह मजबूती में सिरमौर है,बेटी भाग्य है, विधाता … Read more

नीम हकीम खतरा-ए-जान

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* ऐ हकीम तू उधर न जा,वहाँ तेरी जान को ख़तरा है।वैसे हकीम का अधकचरा ज्ञान,तो ख़ुद ही उसके लिए ख़तरा है। हकीम कभी नीम से इलाज करता है,तो कभी निबौली से करता हैवैसे भी नीम हकीम के सामनेबड़े-बड़े डाक्टर फेल हैंऔर बड़ी-बड़ी डिग्रियाँ पानी माँगती हैं,नीम हकीम की करतूतें देखबड़ी-बड़ी अंग्रेजी … Read more

देख हार विस्मित पाक

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* एस-४०० करता विफल, पाक द्रोण की मार।वायुवीर ‘ब्रह्मोस’ से, दहशत किया प्रहार॥ बने रफालें काल नभ, झुलसे नगरों पाक।देख हार विस्मित हुआ, सैन्य शक्ति रण ख़ाक॥ आतंकी संकट विकट, घुसा राष्ट्र परिवेश।देशद्रोहियों से सबल, दे हिंसा संदेश॥ सेना चहुँ सीमा वतन, रखे लाज इस देश।पर दे लांछन सैन्य पर, … Read more

दिखते नहीं ख़्वाब भी

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* दिखते नहीं थे ख्वाब भी, इक रात प्यार के,मिटते न दिल से अब कभी जज्बात प्यार के। हालात भी मुमकिन दिखे, बनते करार के,महबूब बिन हैं फालतू हालात प्यार के। दिल के लिए हैं खार से, शिकवे बहार के,दिल में इन्हीं से तो सजें लम्हात प्यार के। मसले हमारे बेअदब … Read more