प्रेम सुरभि सुरभित जगत

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* अभिलाषी जो प्रेम का, समझ प्रेम अनमोल,निर्मल निश्छल प्रेम ले, दे समरसता घोल।रिश्तों की जिसको समझ, वही निभाता प्रेम-अन्तर्मन चिन्तन विमल, प्रेम करे दिल खोल॥ प्रेम सुरभि सुरभित जगत,मिले शान्ति सुख चैन,खिले फूल अपनत्व का, समरस प्रकृति उदार।काम क्रोध मद मोह से, ग्रसित मूढ़ इन्सान-माने क्या अपमान का, कलह … Read more

चाय वरदान

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* चाहत सबको चाय की, पीने का अरमान।चाय आज तो हो गई, हर जन को वरदान॥ चाय मिले तो ताज़गी, वरना सब बेकार।चाय मनुज को दे रही, तम में भी उजियार॥ चाय हर जगह चल रही, सभी जगह है चाह।बिना चाय के काम की, नहीं निकलती राह॥ सुबह जगो तो चाय है, … Read more

यादों के पन्ने

मंजू अशोक राजाभोजभंडारा (महाराष्ट्र)******************************************* आज ज़िंदगी की किताब के पन्नों को जब दिल ने पलटाया,बहुत कुछ भूला-बिसरा याद आयाकुछ यादों के पन्नों ने मुझे गुदगुदाया,किसी ने मुझे रुलाया, किसी ने मुझे खूब हँसायाज़िंदगी कहाँ से कहाँ पहुँच गई, यह भी समझ आया,यादों ने आज अपने बचपन से दुबारा मिलवायाकितना प्यारा था वह बचपन सोच के … Read more

परोपकार की मूरत लोक माता

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ एक साधारण परिवार में जन्म, लेकर वह बनीं महारानीकभी भी उन्हें कोई भूलेगा नहीं,वह परोपकार की मूरत लोक माता। होलकर राजवंश की बहू बनकर,मालवा की महारानी बनींइन्दौर का नाम रोशन किया,शिव की भक्ति में लीनवह परोपकार की मूरत लोक माता। संकट में उन्होंने अपने राज्य को बचाया,दुश्मनों को सबक सिखायान्याय … Read more

दीवारें ही दीवारें

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* दीवारें ही दीवारें बढ़ती जा रही है आसपास,जहां भी नजर डालो उठ रही है दीवारें पास-पासयहाँ कभी खुली हवाओं की आवा-जाही थी,हवाएँ कभी आया करती थी, कभी जाया करती थीमस्तीभरे अंदाज में विहराया करती थी,कभी खुशबू के झोंके लाया करती थी तोकभी तिनके उड़ाके लाया करती थी,कभी मिटटी की गंध कभी … Read more

नए भारत के नए स्वप्न

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* सहनशीलता की एक सीमा, तय करनी होगी,नंगो को मिल रही छूट अब, नहीं सहनी होगीभीरू से मर्दानगी की, उम्मीद नहीं करते,अब निर्दोषों को अग्नि परीक्षा, नहीं देनी होगी। आँखें सूरज, चाल शेर की, अब करनी होगी,संभा जैसी हिम्मत कर, हुंकार भरनी होगीहे भारत के जांबाजों, राणा के वंशज हो तुम,आगे बढ़ … Read more

सन्नाटा

रश्मि लहरलखनऊ (उत्तर प्रदेश)************************************************** समय सुन रहा है,निर्जीव सेअवसादी कदमों की आहट। राजनीतिक उलटबासियाॅं,भविष्यत् भूमि की उर्वरता कोबंजर बना रही हैं। समाज,आत्ममुग्धता के रोग से ग्रस्त है।देशउन्नति के नारे सुनकर मस्त है॥

दीदार हो जाए

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** आओ न उनका एक दीदार हो जाए,बेचैन दिल फिर एक बार मौन हो जाए। आओ तस्वीर दिखाऊँ एक महबूब की,दिल में बसी यादें वो भी पुरजोर हो जाए। मेरा गम बड़ा गमगीन है जिसने गम,दिया वही काश! मरहम भी लगा जाए। हम तो बेकशी के तसव्वुर में आए हैं,हजारों दिलो … Read more

सपनों की लाशों के बीच

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* भरी ग्रीष्म में जब बेमौसम वर्षा ने उत्पात मचाया,बारिश पहले किसानों की आँखों में दर्द उतर आयाबड़ी मेहनत से उगाया था धरा की गोद में प्याज का लाल सोना,रातों-रात हुई बेमौसम वर्षा ने बरस-बरसकर ला दिया रोना। अब किसान भीगे हुए प्याज के ढेरों बीच बैठकर,ढा रहा है आँसुओं की बारिश … Read more

बेड़ियाँ तोड़ी

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)****************************************** राजा राममोहन राय जन्म जयन्ती (२२ मई) विशेष.. राजा निराले,राममोहन रायबेड़ियाँ तोड़ी। सती प्रथा थी,जलती थी महिलाकुरीति तोड़ी। अमर हुए,समाज का संबलमुक्ति दिलाई। अद्भुत राजा,सदा प्रजा हितैषीबने आवाज़। किया प्रहार,जकड़ी थी प्रथाएँतोड़ी दासता। बने मसीहा,किए बड़े सुधारमहामानव। सोची भलाई,ये बुराई से लड़ेथे अवतार। कभी न झुके,योद्धा थे क्रांतिकारीदिखे सुधार। जान लगा … Read more