दैत्यों! प्रतिकार चुकाएंगे
सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** आतंक, विनाश, ज़िन्दगी (पहलगाम हमला विशेष)… नंदनवन मन-डोल रिझाने,कल्प-द्रुम वादियाँ ताकनेसुशोभित चमन लुत्फ उठाने,चले, अनजान मन बहलाने। तक्षण, धुआँ, बौछारें धावा,जन निष्ठुर, निंदनीय धावासहज, पल छलनी कर्म कैसा ?निहत्थे विवश निशाना, कैसा ? मुकुट, रक्त रंजित, रिपु घाती,शिव-शंभु आँगन तिमिर छायाचीख, दृग-नीर, क्यों ? रिपु घाती,हाय! बलि-चढ़े, तांडव छाया। कांक्षा, … Read more