एक पल में पतझड़ आ गया…

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* आतंक, विनाश और ज़िंदगी (पहलगाम हमला विशेष)… हनीमून का ऐसा दिवास्वप्न, दिखाया था तुमने…तुम संग यहाँ आकर, उल्लासित थी कश्मीर घूमने। स्वर्ग-सी धरा पर फैली, हरी-भरी वादियाँ होंगी…गगनचुंबी देवदार के पेड़ों की, सुंदर कतारें होंगी। जहां तक नजरें जाएगी, वहीं पर ठहर जाएंगी…कश्मीर की खूबसूरती कण-कण से बयां होगी। चारों ओर … Read more

धर्म-संरक्षक देव

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* परशुराम जयंती (३० अप्रैल) विशेष… विष्णुदेव के दिव्यतम, थे छठवें अवतार।परशुराम जी को नमन्, रचा धर्म का सार॥ मातु रेणुका लाल थे, जमदग्नि मुनि के ताप।संहारा नित पाप को, हरा सकल अभिशाप॥ भग्न हुआ शिव का धनुष, परशुराम जी क्लांत।पर प्रभु रघुवर का विनय, देव हुए तब शांत॥ मार अधर्मी यह … Read more

खून बहाकर पियोगे सिंधु का पानी ?

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** आतंक, विनाश और ज़िंदगी (पहलगाम हमला विशेष)… कायर राक्षस बुज़दिल पाकिस्तानी,सब दिन हरकत करते हो बचकानी। निहत्थे मासूमों का खून बहाकर,दरिन्दे बेशर्म पियोगे सिंधु का पानी ? बेदर्दी से मारा सबको धर्म पूछकर,कर डाली बेहया जानवर तूने मनमानी। आँखें भारत की आक्रोश में रक्ततप्त हैं,जी ले थोड़ा-सा ही, अब तेरे पास … Read more

अनगिनत सपनों का अम्बर

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* उन अनगिनत मुसीबतों का,हिसाब लगाना मुमकिन नहींउन अनगिनत उलझनों से,जूझना जोखिम से कम नहीं। उन अनगिनत राहों का,एक बिंदु पर मिलना संभव नहींउन अनगिनत सितारों का,चमकना किसी चमत्कार से कम नहीं। उन अनगिनत लोगों की भीड़ में,एक नेक इंसान मिलना बेशकीमती नहीं।मेरे अनगिनत सपनों का अम्बर,मेरी खुशियों के समंदर से कम … Read more

बता दो भारत का दम

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )****************************** इन्होंने मानवता को बेच दिया,सौदागर बन यह दुश्मन आतंकवादीदया नहीं है इनमें, यह दिलों के हैं काले,जो कफ़न को बेच कर तोड़ रहे हमारे भारत को। इनसे नहीं कुछ रखो उम्मीद,आतंक के नाम पर हिंसा फ़ैला रहेअपने एक भाई को मारकर क्या फ़र्ज़ निभा रहे,जो कफ़न को बेच कर तोड़ … Read more

फिर साँप बाहर निकला

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** आतंक, विनाश और ज़िंदगी (पहलगाम हमला विशेष)… कर दिया चालीस को धराशायीतो बहुत ऊपर उड़ने लगे थे,पर तेरी क्या बिसात जो तुम…थाह भारत की लेने चले थे। उधार के थे पंख ले बहुतऊपर उड़ने लगे थे,छल-छद्म के सहारे हमें…कमजोर समझ डराने चले थे। पर तेरी क्या मजाल जो तू उड़ सके मुक्त … Read more

प्रभु जी तोसे नेह लगाऊँ

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************** प्रभु जी तोसे नेह लगाऊँ जी,करुणा निधि हो खान गुणों की,गुण नित गाऊँ जी। मान अपमान से ध्यान हटाओ,तुमको ध्याऊं जी,तुम ही गुरु हो, तुम ही सखा हो,तुम को मनाऊँ जी। मेरे शीश पे हाथ धरो अब, भव तर जाऊँ जी,माया विष पी नित्य-निरंतर,अगन बुझाऊँ जी। शेष आस ना … Read more

हर पल साथ निभाती

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* क्या सबसे अच्छी दोस्त…? (‘विश्व पुस्तक दिवस’ विशेष)… सबसे अच्छी दोस्त पुस्तकें, हर पल साथ निभाती हैं।अँधियारे में दीप जलातीं, हमको राह दिखाती हैं॥ वाहक पुस्तक साँच की, पुस्तक है सौगात।पुस्तक ने इस लोक से, की है हितकर बात॥पुस्तक देती चेतना, नया सोच दे नित्य।पुस्तक को मानें सभी, जैसे हो आदित्य॥अनुशासन … Read more

सपनों का संसार सजाती

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* क्या सबसे अच्छी दोस्त…? (‘विश्व पुस्तक दिवस’ विशेष)… पुस्तक हमको ज्ञान सिखाती,पुस्तक जीना हमें बताती।यदि भटकें अनजान राह पर,पुस्तक हमको मार्ग दिखाती। जीवन की बगिया के अंदर,रंग-बिरंगे फूल खिलाती।राष्ट्र प्रेम को मन में लेकर ,देशभक्ति का भाव जगाती। मानवता का पाठ पढाकर,सेवा का इक धर्म बताती।खुश होकर त्यौहार मनाते,यह संस्कारी … Read more

किताबों संग रंग जाते थे…

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* क्या सबसे अच्छी दोस्त…? (‘विश्व पुस्तक दिवस’ विशेष)… खोए-खोए से ख्वाबों में,हम दो दुनिया में जीते थेसुंदर पल, प्यारे बचपन में,पुस्तकों से चुराया करते थे। चम्पक, बिल्लू, चाचा चौधरी,ज़िंदगी का हिस्सा लगती थीसरिता, मुक्ता, मनोहर कहानियाँ,मनभावन किस्सा लगती थी। दिनचर्या से समय चुराकर,पुस्तकालय घूम आते थेबचपन के कोरे से दिन,किताबों संग … Read more