फूल खिलाएं दीप जलाएं

ओम अग्रवाल ‘बबुआ’ मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************************************** पुण्य धरा की पावन माटी,आओ हम सम्मान करें, कंचन जैसे संस्कार पर,आओ हम अभिमान करें। मात-पिता के श्रीचरणों पर,श्रृद्धा सुमन चढ़ाओ तो, श्रीगुरुवर के उपकारों पर,अपना नेह जताओ तो। नेह स्नेह के भावों को यूँ,मन में आज सजाएं, दीन-दु:खी की सेवा के हम, ‘फूल खिलाएं दीप जलाएं॥’ आतंकवाद पर कहो … Read more

दिल से जो प्यार करते हैं…

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ दिल के झरोखों से, सब कुछ दिखता है। तभी तो दिल हमारा, एकदम साफ रहता है। तभी तो प्यार के लिए, दिल मेरा उमड़ता हैll दूर होकर भी आप मेरे, बहुत करीब जो रहते हो। लगती है चोट तुमको, दर्द हमें महसूस होता है। क्या इसे ही दो दिलों का, लोग … Read more

प्रार्थना

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** हमको चरणों में लगा दो, हे माँ तेरी शरण आये। खुशी के तुम दीप जला दो, श्रद्धा के हम फूल लाये। हम बालक तेरे पुजारी, करें हम तन-मन से वन्दन। अम्बर से ज्ञान बरसा दो, सबका महक जाए जीवन। जीवन में रौशनी भर दो, दे दो प्यार का तुम सागर। प्रकाश … Read more

तुम्हें पाने की आस

सारिका त्रिपाठी लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* तुम हो मेरा वो क्षितिज, जो दूर होकर भी मुझसे कहता…मेरा है। तुम मानो ठहरे हो, इस उम्मीद में कि यूँ ही रोज चलते-चलते, मैं पहुँच सकूँ किसी रोज तुम तक, और पा सकूँ तुम्हें अपने पास,अपने साथ फिर भर उठूँ मैं तुम्हें अपने दामन में, जैसे भर उठते हैं अंधेरे … Read more

पिता

ममता बनर्जी मंजरी दुर्गापुर(पश्चिम बंगाल) ****************************************************************************** आज नीलकंठ बाबू का अवकाश ग्रहण करने का आखिरी दिन है। सुबह जल्दी-जल्दी नहा धोकर पूजा-पाठ निपटाने के बाद एक-एक कर अपने बीबी और बच्चों की शुभकामनाएं लेते हुए रोज की तरह आफिस की ओर रवाना हुए। दिसम्बर की कड़कती ठण्ड में एक-एक कदम भारी पड़ रहा था उन्हें,मगर बगैर … Read more

जीवन दर्शन

तारा प्रजापत ‘प्रीत’ रातानाड़ा(राजस्थान)  ************************************************* प्रकृति का अदभुत दृश्य, वृक्ष डाल पे लगे दो पत्ते, एक सूखा मुरझाया पत्ता, टूट गया डाली सेl एक ने पाया जीवन स्पंदन, हरा हो गया एक अंत की ओर चला हैl एक तरफ़ आरंभ हो रहा, एक काल के मुख में जाता, एक जीवन संचार हो रहाl समय की … Read more

बसंत आया

प्रभावती श.शाखापुरे दांडेली(कर्नाटक) ************************************************ काले बादल, झूम-झूम बरसे- धरती परl वर्षा की मस्ती, ले कागज की कश्ती- चल घूमें रेl रंग-बिरंगे, छाते जो काले नीले- लागे सुंदरl ओस की बूँदें, छाये पंखुड़ियों पे- मानो मोती होl बसंत आया, महकाई बगिया- खिले कुसुमl छह ऋतुएँ, जीना सिखाए हमें- विविध रँगl परिचय-प्रभावति श.शाखापुरे की जन्म तारीख २१ जनवरी … Read more

वो मुझसे ऊब जायेगा

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) ****************************************************************** मुझे ऐसा क्यूँ लगता है वो मुझसे ऊब जायेगा, मुकम्मल शायरी में जब मेरा दिल डूब जायेगा, जिसे मैं ढालता रहता हूँ गीतों और ग़ज़लों में- मुझे तन्हा बनाकर के वही महबूब जायेगाl परिचय-वकील कुशवाहा का साहित्यिक उपनाम आकाश महेशपुरी है। इनकी जन्म तारीख २० अप्रैल १९८० एवं जन्म … Read more

जन्मदात्री

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** आठों याम जो जीती-मरती दिवा हो या रात्रि, महिमा का जिसकी वर्णन ना हो,वो है जन्मदात्री। हरदम दु:ख ले,सुख ही देती धैर्य में जैसे धारित्री, खुद भूखे रह भोग लगाती,जय हो तेरी जन्मदात्री। गीला हो जाए जब बिस्तर माघ में हो अँधियारी रात्रि, शिशु को सूखे खुद गीले पर सो … Read more

ख़त मेरा खोला उसने सबके जाने के बाद

सलिल सरोज नौलागढ़ (बिहार) ******************************************************************** खत मेरा खोला उसने सबके जाने के बाद। दिल हुआ रोशन,शमा बुझाने के बाद। महफ़िल चुप थी मेरी चुप्पी के साथ, हुआ हंगामा मेरे हलफ उठाने के बाद। जो अब तक देखा वो कुछ भी नहीं था, कयामत हुई उनके दुपट्टा गिराने के बाद। माँ को समझाया,मैं जरूर आऊँगा, पर … Read more