नफ़रत की दीवार
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* नफ़रत की दीवार से, गिरा प्रेम का गेह।मन की कटुता छोड़कर, बरसाओ बस नेह॥ नफ़रत की दीवार अब मत रखन परिवार।मिल-जुलकर सुख बाँटिए, प्रेम रहे आधार॥ नफ़रत की दीवार जब, बढ़ती बारम्बार।क्षमा-दीपिका फिर जलें, मन का मिटे विकार॥ नफ़रत की दीवार को, प्रेम करे बेकार।मीठी वाणी से सदा, जीतो सबका प्यार॥ नफ़रत की दीवार बिन, जागे नव संसार।मानवता के फूल से, महके खुशी बयार॥ नफ़रत की दीवार से, टूटे सारे … Read more