सवर्ण देश के नागरिक नहीं ?

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** छत्तीसगढ़ सरकार ने एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए अलग-अलग संचालनालय की स्थापना करने का प्रस्ताव पारित किया है और प्रत्येक के लिए सलाहकार परिषद बनाई जा रही है, जो इन वर्ग विशेष के लिए कल्याणकारी योजनाएं बनाएगी।अब प्रश्न यह उठता है कि, क्या इस देश के संसाधनों, योजनाओं में सवर्ण … Read more

आत्महत्याओं का बढ़ना बदनुमा दाग

ललित गर्गदिल्ली************************************** विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस (१० सितंबर) विशेष…. बढ़ती आत्महत्या की घटनाएं एक ऐसा बदनुमा दाग है, जो हमारे तमाम विकास एवं शिक्षित होने के दावों को खोखला करता है। आत्महत्या शब्द जीवन से पलायन का डरावना सत्य है जो दिल को दहलाता है। इसका दंश वे झेलते हैं जिनका कोई अपना आत्महत्या कर … Read more

गणेश विसर्जन

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** गली में जोर-शोर से गणपति विसर्जन की तैयारी हो रही थी। ढोल बज रहे थे। रथ में शोभित गणपति जी की प्रतिमा और पीछे पुरुष-स्त्री व बच्चों की फौज। बच्चे उल्लसित होकर जयकारा बोल रहे थे-‘गणपति बप्पा मोरया,अगले बरस तू जल्दी आबप्पा मोरया रे,बप्पा मोरया रे।’बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। … Read more

मेधावी बन सकें

डाॅ. पूनम अरोराऊधम सिंह नगर(उत्तराखण्ड)************************************* जीवन बेहद अद्भुत है, असीम है, अगाध है। यह अनन्त रहस्यों को संजोए एक विशाल साम्राज्य है, जहाँ मानव कर्म करते हैं। कुछ परीक्षाएं उत्तीर्ण कर लेने अथवा किन्ही विषयों में प्रवीणता हासिल कर लेने की अपेक्षा जीवन को समझना कहीं अधिक कठिन है।निश्चित रूप से हमारी शिक्षा पूर्णतः व्यर्थ … Read more

उसके तो ४-४ है…

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* एक दिन हमेशा की तरह दोस्त के साथ हमारे आफिस के बगलवाली चाय-समोसे की दुकान पर खड़ा होकर चाय और समोसे का आर्डर दे ही रहा था कि वो आ गई। न जाने कैसे उसे पता चलता है कि, हम वहाँ चाय पीने आते हैं…। उसका वही अंदाज, मैले-कुचैले कपड़ों में … Read more

भारतीयों के लिए गर्व की बात

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री लिज ट्रस तीसरी महिला प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने कंजर्वेटिव पार्टी के उम्मीदवार ऋषि सुनक को हराकर यह सर्वोच्च पद पाया है। वे पिछली बोरिस जाॅनसन सरकार में विदेश मंत्री रही हैं। ऋषि सुनक हारे जरुर हैंं, लेकिन उन्हें ४३ प्रतिशत मत मिल गए, जबकि ट्रस को ५७ प्रतिशत मिले। … Read more

दिशाभ्रमित होने से रोकना होगा नई पीढ़ी को

सुरेन्द्र सिंह राजपूत ‘हमसफ़र’देवास (मध्यप्रदेश)****************************************** यदि आप नहीं होते, तो…(शिक्षक दिवस विशेष)… सिर्फ आप कल्पना कीजिए कि यदि सूर्य न होता तो क्या होता…? सारा जग अंधकार में डूबा होता, और सब ओर अंधेरा होता, क्या होता… हम दो कदम भी नहीं चल पाते। दोस्तों इसी प्रकार यदि शिक्षक या गुरुजन नहीं होते तो हम … Read more

दायित्व बोध होना चाहिए गुरु को

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** यदि आप नहीं होते तो…(शिक्षक दिवस विशेष)… ‘गुरु’ शब्द अपने आप में एक पूर्ण शब्द है जो मानवता के कल्याण एवं उत्थान के लिए एक सर्वोपरि दायित्व है। भारतीय शिक्षा जगत में जहां गुरु पद की महिमा को विभिन्न उपाधियों से अलंकृत किया गया है, वहीं अंतरराष्ट्रीय फलक पर भी गुरु … Read more

ये क्या कम है !

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)**************************************** यदि आप नहीं होते तो…(शिक्षक दिवस विशेष)…. यदि आप नहीं होते तो आदर-सम्मान की परिभाषा कहाँ से सीख पाते एवं ज्ञानार्जन में वृद्धि भी नहीं हो पाती। जो सीखा गया है, उसका पालन करना चाहिए। बच्चों ने अपने शिक्षक का आदर-सम्मान भी करना चाहिए। ज्ञान में ही आदर-सम्मान जुड़ा होता है, जिसे … Read more

हिंदी का सवाल:चरित्र का संकट

डॉ. धर्मवीर भारती******************************************** भाषा और उसके बोलने वाले मनुष्य का संबंध अविच्छिन्न है। सच तो यह है कि, इतिहास के किसी विशिष्ट क्षण में किसी भाषा की प्रतिष्ठा के स्तर पर केवल इसलिए नहीं होती कि वह व्याकरण, लिपि, साहित्य- संपदा, दृष्टि से कितनी संपन्न है, इसलिए भी नहीं होती कि वह संख्या में कितने … Read more