पश्चिम एशिया में नया चौगुटा

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन अगले माह सउदी अरब की यात्रा पर जा रहे हैं। उस दौरान इस्राइल और फलस्तीन भी जाएंगे लेकिन इन यात्राओं से भी एक बड़ी चीज जो वहां होने जा रही है, वह है- एक नए चौगुटे की धमाकेदार शुरुआत! इस नए चौगुटे में अमेरिका, भारत, इस्राइल और संयुक्त … Read more

साँच को कभी भी आँच नहीं

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** हम सभी को हमेशा सत्य ही बोलना चाहिए, क्योंकि सत्य वचन का वजन स्वतः ही बढ़ जाता है। आपको अपने वचन को सिद्ध करने के लिए किसी भी प्रकार की कसम खाने की आवश्यकता ही नहीं। याद रखें सत्य बोलने वाले की कभी भी हार नहीं होती। हाँ, कुछ समय के … Read more

हँसना सर्वश्रेष्ठ औषधि

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************** संसार की प्रत्येक वास्तु औषधि है, इसके सिवाय कुछ नहीं। जी हाँ, जैसे संसार में हजारों पौधे-फूल हैं, पर हम उनके बारे में नहीं जानते तो हमारे लिए अनुपयोगी हैं, किन्तु जो जानकार होते हैं वे उसका उपयोग करते हैं। रोग के स्थान २ होते हैं-शरीर और मन। दोनों एक-दूसरे के पूरक होते … Read more

इंसान से इंसान को जोड़ने के लिए योग

ललित गर्गदिल्ली ************************************** अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस २१ जून विशेष…. योग दिवस का अर्थ है मानवता के लिए योग। इंसान से इंसान को जोड़ने के लिए योग को माध्यम बनाया जा रहा है। योग के महत्व को लेकर भारत के प्रयासों के चलते दुनियाभर के देशों ने विश्व स्तर पर योग दिवस मनाना शुरु किया। भारतीय … Read more

रोजगार में बड़ा सुधार

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथसिंह ने रोजगार के बारे में जो घोषणाएं की हैं, यदि उन्हें वास्तव में अमलीजामा पहनाया जा सके तो लोगों को काफी राहत मिलेगी। श्री मोदी ने कहा है कि अगले डेढ़ साल में १० लाख लोगों को सरकारी नौकरियां मिलेगी और राजनाथ सिंह ने तो … Read more

भविष्य सुरक्षित बनाने की पहल जरुरी

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** चिंतन…. १५ अगस्त १९४७ को इंडिया गुलामी की जंजीरों से मुक्त हुआ और हमने अमन- चैन की सांस ली। उस समय सभी कौम ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। कुछ फिरक़ापरस्तियों के कारण बंटवारा हुआ और उसके पहले से ही नफरत के बीज अंकुरित होना शुरू हो गए थे। शुरूआती दौर में जातिय हिंसा, … Read more

पर्यावरण बचाओ

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** वैश्विक ताप के कारण पिछला दशक बीते सवा लाख वर्षों के किसी भी दौर से ज्यादा गर्म रहा है। बाढ़, भारी बारिश और सूखे जैसी विनाशकारी घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। हमारा वजूद खतरे में है। हम प्रकृति को नष्ट कर रहे हैं, इसलिए प्रकृति हमें खत्म कर रही है।वैश्विक तापमान का … Read more

दिशाहीन विपक्ष

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही लगभग हमेशा ही यही लगा कि विपक्ष पूरी तरह से दिशाहीन है। ऐसे कई छोटे-बड़े मुद्दे थे,जहाँ विपक्ष को अपनी ऊर्जा और समय खर्च नहीं करना था लेकिन किया गया और जहाँ खर्च करना चाहिए था वहाँ नहीं किया गया। वजह … Read more

नेतृत्व और कांग्रेस के जिंदा होने का अचूक मौका है, बशर्ते…!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व सांसद राहुल गांधी की ‘नेशनल हेराल्ड’ प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पूछताछ में क्या कुछ ठोस निकलेगा, निकलेगा भी या नहीं, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी लेकिन यह समय जरूर बन रहा है कि इस पूरे प्रकरण में कांग्रेस जिस तरह अपने नेता के साथ खड़ी दिख … Read more

हिंदी के लिए खुला विश्व द्वार

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* संयुक्तराष्ट्र संघ में अभी भी दुनिया की सिर्फ ६ भाषाएं आधिकारिक रूप से मान्य हैं। अंग्रेजी, फ्रांसीसी, चीनी, रूसी, हिस्पानी और अरबी! इन सभी भाषाओं में से १ भी ऐसी नहीं है, जो बोलने वालों की संख्या, लिपि, व्याकरण, उच्चारण और शब्द-संख्या की दृष्टि से हिंदी का मुकाबला कर सकती हो। यहां … Read more