बंधुत्व ही हिंदुत्व

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** हर विजयदशमी को याने दशहरे के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया नागपुर में विशेष व्याख्यान देते हैं,क्योंकि इस दिन संघ का जन्म-दिवस मनाया जाता है। इस बार संघ-प्रमुख मोहन भागवत से मैं इस बात से प्रभावित हुआ कि उनकी भाषा याने हिंदी इतनी शुद्ध और सारगर्भित थी कि,दिल्ली में तो ऐसी … Read more

पहले प्रति-माँ की सेवा जरुरी

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) ****************************************************** नवरात्रि लगते ही सब भक्त माँ अम्बे की प्रतिमा के नव रूपों का अलग-अलग दिन विधि-विधान से अपनी सामर्थ्य के अनुसार पूजा-पाठ और माँ को मिठाई,फल का भोग लगाते हैं,पर उस प्रति-माँ का क्या ? जो आज अपने ही घर में बेबस और लाचार पड़ी है। आज भी कई … Read more

जनता के घावों पर नमक महंगे होते चुनाव

ललित गर्गदिल्ली ****************************************************** चुनाव जनतंत्र की जीवनी शक्ति है। यह राष्ट्रीय चरित्र का प्रतिबिम्ब होता है। जनतंत्र के स्वस्थ मूल्यों को बनाए रखने के लिए चुनाव की स्वस्थता, पारदर्शिता और उसकी शुद्धि अनिवार्य है। चुनाव की प्रक्रिया गलत होने पर लोकतंत्र की जड़ें खोखली होती चली जाती हैं। चुनाव प्रक्रिया महंगी एवं धन के वर्चस्व … Read more

संतुलन-संयम से ही जीवन सुखद

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)********************************************* आजकल मानसिक संतुलन न होने के कारण लोग छोटी-छोटी बातों में बहुत बड़ी घटनाओं को अंजाम दे देते हैं,अब लोगों में सहनशीलता का अभाव होने से हत्या-आत्महत्या करना आम बात होती जा रही है। गत दिनों एक घटना सामने आई,जिसमें एक युवा ने प्रेम विवाह ३ माह पूर्व किया और अपने परिवार से … Read more

इंदिरा गाँधी:मौत की असली वजह अब भी रहस्य

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)********************************************* पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान रखने वाली भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी समय से पहले इस दुनिया को अलविदा कह गई। इस ३१ अक्टूबर को इंदिरा गाँधी की हत्या को ३६ साल हो जाएंगे। ३६ सालों से इनकी हत्या और उसके बाद हुए सिख-विरोधी दंगों की छाया गाहे-बगाहे चुनावों … Read more

केवल नक़ल की भाषा से आगे नहीं बढ़ा जा सकता

ई-संगोष्ठी:’भारतीय भाषाओं को रौंदता अंग्रेजी का साम्राज्यवाद’ मुंबई(महाराष्ट्र)। ‘वैश्विक हिंदी सम्मेलन’ के तत्वावधान में २४ अक्तूबर को ‘भारतीय भाषाओं को रौंदता अंग्रेजी का साम्राज्यवाद’ विषय पर ‘वैश्विक ई-संगोष्ठी’ का आयोजन किया गया। वरिष्ठ पत्रकार और भारतीय भाषा चिंतक राहुल देव ने कहा कि,केवल नक़ल की भाषा से आगे नहीं बढ़ा जा सकता। हिंदी बचाओ मंच … Read more

शरद पूर्णिमा:अमृत वर्षा की रात्रि

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)************************************************** शरद पूर्णिमा स्पर्धा विशेष….. पूर्णिमा तो हर माह में आती है,पर आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि का मान अनमोल होता है। इस दिन लक्ष्मी की पूजा होती है, क्योंकि माना जाता है कि इस दिन लक्ष्मी जी का जन्म हुआ था। इसे ‘शरद पूर्णिमा’ के नाम से जाना जाता … Read more

मजहब चलें मध्यम मार्ग पर

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** भारतीय विदेश मंत्रालय ने विशेष कूटनीतिक साहस और स्पष्टवादिता का परिचय दिया है। उसने एक बयान जारी करके तुर्की के राष्ट्रपति तय्यब एरदोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को आड़े हाथों लिया है। भारत सरकार ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुअल मेक्रो का खुलकर समर्थन किया है। मेक्रो ने इधर इस्लामी अतिवाद … Read more

संप्रदाय-पंथ के नाम से अलगाव कब तक ?

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** घुमा-फिरा कर सभी लोग यह स्वीकार करते हैं कि,इस दुनिया को बनाने वाली एक ही शक्ति है।इसके आरंभ की कहानी सभी धर्मों की जो भी हो, सृष्टि का प्रारम्भ जैसे भी हुआ हो,लेकिन सत्य यह है कि सृष्टि का अंत मनुष्य की दुर्बुद्धि और स्वार्थ के कारण फैले प्रदूषण (वैचारिक,पर्यावरण, वातावरण आदि) … Read more

माधवी,अब तो बता दे…

अंशु प्रजापतिपौड़ी गढ़वाल(उत्तराखण्ड)************************************************** मेरा अज्ञान कई बार मुझे शर्मिंदा करता है, कुछ किस्से हैं जिनके अंत आज तक समझ नहीं पाती..क्या हर भाव को सिर्फ एक ही कसौटी पर कसा जा सकता है ? क्यों इतनी स्वच्छंदता मानव स्वभाव में नहीं है कि बिना न्यायोचित ठहराए,बिना सही-गलत का मूल्यांकन किए हम हृदय में उमड़ते भावों … Read more