जिंदगी की जंग
ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** मंजिल उस पार है जंग इक उधार है,डरना ही तो हार है जितना जहान है। कामयाबी लेने चले दिलदार दिलजले,मुसीबत मिल गले,आसमां मचान है। रास्तों की ज़द्दोज़हद,करती जिंदगी हद,हौसलें ले के महज साँसों की उड़ान है। दिल में भर ले जोश,गुनाह से पर्दापोश,जाग रूह रख होश,नेकी की कमान है। ज़ायका अजीब बड़ी,पेट … Read more