अब पूरा आसमां मेरा है

डॉ. रचना पांडेभिलाई(छत्तीसगढ़)*********************************************** जिस घर में मेरी किलकारियां गूंजती थी,जिस छत के नीचे मैं खेली-बड़ी हुईउसी आँगगन की यादें मुझमें बसती हैकमरे के कोने में शीशा-बिंदी अभी भी सजी हुई हैं। अग्नि के सात फेरे से बिछड़ गई मैं,बाबा जबसे तुमसे विदा हुई हूँतुम्हारी यादों के सहारे जिंदा हूँ,आज भी मैं अपनी चमक तुम्हारी आँखों … Read more

हिंदी हिंदुस्तान

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)************************************** भारत की आत्मा ‘हिंदी’ व हमारी दिनचर्या…. रचना शिल्प:मात्रा भार १६/१३/ हिन्द देश के हैं हम वासी,हिंदी मेरी जान है।तन-मन सब-कुछ वार दिया है,इस पर जां कुर्बान है॥ नमः मातरम् नमः मातरम्,धरती का यह राग है।भारतवासी बेटे हैं हम,सबकी यही जुबान है॥हिन्द देश के हैं हम… अंग्रेजी पढ़ लेना तुम … Read more

हिंदी है तो हम हैं

गोपाल चन्द्र मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)************************************** भारत की आत्मा ‘हिंदी’ व हमारी दिनचर्या…. हिंदी मेरे देश की भाषा हैजिसमें निहित है परिचय मेरा,सुंदर सुगम मिलनसार है वह-सरलता से भरे आत्मीयता। हिंदुस्तान यदि मिलनसार हैयह सीख सिखाई वह हिंदी ही है,जैसे वह जोड़े है एकता के तार-दरिया किनार से पर्वत के पार। लफ़्जों में खिलती है वह मधुरता … Read more

आत्मा में बसी हिंदी

मनोरमा जोशी ‘मनु’ इंदौर(मध्यप्रदेश)  ***************************************** भारत की आत्मा ‘हिंदी’ व हमारी दिनचर्या…. वंदे मातरम की शान है हिंंदी,भारत की आत्मा में बसी हिंदीदेश का मान है हिंदी,हमारा अभिमान है हिंदी। सब भाषा से सहज हिंदी,संविधान का गौरव हिंदीभारत की चेतना हिंदी,भारत की पहचान हिंदी। आदर्शों की मिसाल हिंदी,सूर और मीरा की तान है हिंदीवक्ताओं की शक्ति … Read more

हिंदी मेरी पहचान,अस्मिता

नमिता घोषबिलासपुर (छत्तीसगढ़)**************************************** भारत की आत्मा ‘हिंदी’ व हमारी दिनचर्या…. हर एक देश की पहचान उस देश की भाषा और संस्कृति से ही होती है। किसी भी देश की एकता और स्थायित्व में उस देश की राष्ट्रभाषा की अहम व महत्वपूर्ण भूमिका होती है।कवि ने कहा है -‘निज भाषा उन्नति अहै,सब उन्नति को मूल,बिन निज … Read more

हिंदी हिन्द की पहचान

एस.के.कपूर ‘श्री हंस’बरेली(उत्तरप्रदेश)********************************* भारत की आत्मा ‘हिंदी’ व हमारी दिनचर्या…. सरल सहज सुगम भाषा,वो बोली हिंदी है,सौम्य और सुबोध आशा,वो बोली हिंदी है।आत्मीय अभिव्यक्ति है उसका प्राण-सुंदर और सभ्य परिभाषा,वो बोली हिंदी है॥ संस्कृति संस्कार की वो एक फुलवारी है,हिंदी बहुत मधुर भाषा,वो तो जग से न्यारी है।भारत लाड़ली वीरता की है गौरवगाथा-हिंदी हृदय की … Read more

हिंदी भाषा मधुर मुस्कान है़

जबरा राम कंडाराजालौर (राजस्थान)**************************** भारत की आत्मा ‘हिंदी’ व हमारी दिनचर्या…. हिंदी भाषा महान है,आन-बान औ शान है। हिंदी गौरव-गान है,हिंदी ही पहचान है। हिंदी ही राष्ट्र-गान है,हिंदी धर्म अधिष्ठान है। हिंदी सरल-आसान है,हिंदी मधुर मुस्कान है। हिंदी में वेद-पुराण है,हिंदी ही गीता-ज्ञान है। हिंदी ही नौ रस-पान है,छंद-अलंकार विधान है। कबीर,तुलसी,रसखान है,मीरा का भक्ति-गान … Read more

पढ़ाई अंग्रेजी में, लेकिन बात हिन्दी में ही

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** भारत की आत्मा ‘हिंदी’ व हमारी दिनचर्या…. हमारे समय में हिन्दी का ही बोलबाला था। अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय बड़े शहरों में ही होते थे,वो भी गिनती के,जिसमें प्रवेश पाना भी आसान नहीं होता था। इसके अलावा अभिभावकगण भी हिन्दी माध्यम से ही शिक्षा दिलाने को मर्यादित मानते थे यानि हिन्दी … Read more

थोड़ी फ़िकर,थोड़ी कदर

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ******************************************** थोड़ी फिकर,थोड़ी कदर कर ले,जज्बात अहसास-ए-मोहब्बतकशिश दिल्लगी ऐतबार कर ले,छोड़ा जग लुटा हुस्ने कयामत। गम जख़्मों को सहा,कदर कर ले,हमदम जिंदगी की कुछ फ़िकर करमाना कुदरत रुख्सारे तरन्नुम तुझे,पलें खूबसूरत वफ़ा याद कर। इबादत इश्क़ इनायत समझ ले,नूर हो दिली तू कयामत समझइन्तज़ार-ए-वफ़ा हम लुट गए,गुलशन ख्वाहिशें की कुछ … Read more

यह संभव नहीं है

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)******************************************* मान लें कठिनाइयों से हार यह संभव नहीं है।रोग ‘कोरोना’ करे लाचार यह संभव नहीं है॥ मौत देखो आँख से काजल चुराती घूमती है,नित नई कोशिश हमारी जिंदगी को चूमती है।साँस अब भी चल रही है,दीपकों-सी बल रही है,छोड़ दें हम हाथ से तलवार यह संभव नहीं है॥मान लें कठिनाइयों से … Read more