लक्ष्मण शक्ति प्रसंग

डॉ. अनिल कुमार बाजपेयीजबलपुर (मध्यप्रदेश)*********************************** मेघ-सा वो नाद करके,हँस पड़ा था जोर से,तू बचेगा अब कहाँ से,भाग जा रण छोड़ केदर्प से सीना फुलाकर,बुदबुदाने वो लगा,छोड़कर वो बाण अपना,मुस्कुराने था लगा। तीर खाकर शक्ति का थे,गिर गए नीचे लखन,राम विचलित हो गए थे,क्या करूँगा मैं जतनचीरकर सीना पवन का,उड़ गए हनुमान जी,क्रोध में थे सोच … Read more

तेरे बिना ओ सनम

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ************************************** सोचा नहीं था कि जीना पड़ेगा,तेरे बिना ओ सनम,तेरे बिना हम जिये जा रहे हैं,इस जिन्दगी को सनम। हालात ऐसे बने जिन्दगी के,तुझसे जुदा हो गये,तेरे बिना किस तरह जी सकेंगे,ये जिन्दगी ऐ सनम। मुझको मुहब्बत रही सिर्फ़ तुझसे,तू भी चली छोड़ के,तेरे बिना टूट कर रह गया मैं,रुक … Read more

उत्साह भक्ति भारत प्रियतम

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ******************************************** प्रेरणा उषा शुभ काल अरुण,नव भारत रचना प्रगति तरुणबलिदान प्राण निज विनत वतन,निर्वाण क्षणिक भू जन्म रहे। जननी जन्मभूमि श्रेष्ठ युगल,हम ऋणी युगों तक जीवन भरवात्सल्य प्रेम ममतांचल जग,प्रेरणा अश्क़ नैन माँ सदा बने। अरुणिम प्रभात नव प्रीति मिलन,चहुँ प्रगति राष्ट्र उत्थान यतननव शान्ति सुरभि सुरभित भारत,गुलज़ार सुखद पिकगान … Read more

बदला जाता है जग सारा

दिनेश कुमार प्रजापत ‘तूफानी’दौसा(राजस्थान)***************************************** गुजर गया वह समय पुराना,यह भी गुजरा जाता है,बदला जाता है जग सारा,नया रूप झलकाता है। बैठे तरुवर की छाया में,संगत करते थे बातें,अपनी-अपनी सब कहते थे,कथा सुनाती थी रातें। किस्से व कहानी सुनने को,हृदय बहुत मचलाता है,बदला जाता है जग सारा,नया रूप झलकाता है। डिजिटल हो गया अब आदमी,मोबाइल की … Read more

‘बिछड़े कई बारी-बारी’ का विमोचन २० को

ग्वालियर (मप्र)। ‘बिछड़े कई बारी बारी’ पुस्तक का विमोचन २० दिसंबर को मुख्य अतिथि शिवराज सिंह चौहान (मुख्यमंत्री,मप्र शासन) द्वारा किया जाएगा। इसका संपादन देव श्रीमाली(ग्वालियर) ने किया है।आपके अनुसार कार्यक्रम की अध्यक्षता गिरीश गौतम (अध्यक्ष,मप्र विधानसभा) करेंगे,जबकि विशिष्ट अतिथि कमल नाथ(नेता प्रतिपक्ष) एवं डॉ. नरोत्तम मिश्रा(मंत्री, गृह एवं संसदीय कार्य) हैं।सोमवार को दोपहर १२ … Read more

कवि गोष्ठी व सम्मान समारोह १९ को

वाराणसी(उप्र) ‘उद्गार’ साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक संगठन द्वारा १९ दिसंबर को कवि गोष्ठी व सम्मान समारोह रखा गया है। उद्गार शिविर सभागार(स्याही प्रकाशन परिसर)भेजूवीर सिन्धोरा रोड (वाराणसी) पर आयोजित इस गोष्ठी में पुस्तक लोकार्पण भी दोपहर २ बजे होगा।

इंसानियत

संजय जैन मुम्बई(महाराष्ट्र) **************************************** जहाँ पर मिलता है अपनापन,वही पर सुकून मिलता हैऔर हृदय में खुशी का,बहुत आनंद बना रहता हैदीए की रोशनी से जिस तरह,प्रकाश चारों तरफ होता हैवैसे ही अपनेपन से जीवन में,सदा ही कमल खिलते हैं। उदास चेहरे पर भी,खुशी की लहर आ जाती हैमिले जब अपनों का साथ,तो दिल कमल-सा खिल जाता … Read more

यात्रा

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)******************************************* अनजानी गर हो डगर,यात्रा क्या आसान।सोच-समझ पग धारिए,मंजिल को पहचान॥मंजिल को पहचान,भटकना नहीं पड़ेगा।साथी मेरे यार,जमाना साथ चलेगा॥कहे ‘विनायक राज’,नहीं करना मनमानी।एक नहीं तुम साथ,चलो जग है अनजानी॥

मेरी सेना के योद्धा

मदन गोपाल शाक्य ‘प्रकाश’फर्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश)************************************** मेरी सेना के योद्धा(केंद्र-जनरल बिपिन रावत)… वीरों का हम वंदन करते,भगवान की तरहा,मेरे देश का परचम लहरे,गुलशन की तरहा। वीर वही होता है जो,मातृभूमि पर बलि जाए,देश की आन पर जो,न्योछावर खुद हो जाए। देश सलोना वीरों का जो,है आँगन की तरहा,मेरे देश का परचम लहरे,गुलशन की तरहा। देश … Read more

रिश्तों की बुनावट…

एम.एल. नत्थानीरायपुर(छत्तीसगढ़)*************************************** परिवार के ताने-बाने से,रिश्तों में बुनावट होती हैअपनों की उपेक्षा पर ही,मन में थकावट होती है। रिश्तों को समझने में ही,जिंदगी निकल जाती हैअपनों को सहेजने में ही,मुश्किलें संभल जाती है। रिश्तों का प्रत्येक रेशा ही,जीवन की डोर से बंधा हैसुख-दु:ख की निजता में,आत्मीय पलों से गुंथा है। रिश्तों की सृजन शीलता,में प्रेम … Read more