मेरा हिंदुस्तान

आचार्य गोपाल जी ‘आजाद अकेला बरबीघा वाले’शेखपुरा(बिहार)********************************************* स्वर्ग-सा सुंदर सबसे प्यारा,न्यारा है मेरा हिंदुस्तान,गंगा यमुना कृष्णा कावेरी,नित करती है जय गान। नित करती है जय गान,सदा-ही ये खेतों को सींचे,रत्न और खनिज भरे हैं,इस अनुपम धरा के नीचे। मुकुट हिमाला-से शोभित सिर,सागर धोए नित पांँव,हरियाली है लहंगा इसका,हृदय है इसका का गाँव। हर बाला में … Read more

सकारात्मक भावना को बढ़ावा देती है फेरी

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** सभी जानते हैं कि प्रभात फेरी में प्रभात से मतलब सुबह ४ बजे के बाद वाला समय, जबकि फेरी का तात्पर्य आसपास घूमना… । इसलिए प्रभात फेरी वह है जब सुबह के समय कुछ लोग एकत्रित होकर अपने आसपास के इलाके में घूमते हुए थोड़ी ऊँची आवाज में कुछ सकारात्मक संदेश … Read more

नमन देश की माटी चंदन

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’अल्मोड़ा(उत्तराखंड) *************************************** ७५ बरस की आजादी का अमृत और हम सपर्धा विशेष…. नमन देश की माटी चंदन,हे माँ,तुझे प्रणाम।स्वर्ग-सी पावन निर्मल आभा,मंगलमय अभिराम॥ विश्व बंदिनी मातृभूमि जय,भारत देश महान।वीर शहीदों की धरती माँ,शक्ति-भक्ति वरदान॥जय-जय कोटि कोटि देवों की, ऋषि-मुनियों की धाम।स्वर्ग-सी पावन निर्मल आभा,मंगलमय अभिराम॥ बहु भाषा-भाषी जन इसका,करते मंगल गान।बहु संस्कृति धर्मों … Read more

जयतु हिन्दी

शकुन्तला बहादुर कैलिफ़ोर्निया(अमेरिका) ********************************************************* हिन्द की हिन्दी अमर रहे,जय हिन्द कहो और जय हिन्दी,भारतमाता के मस्तक की,ये तो है प्यारी सी बिन्दी। भारतवासी इसे समझते,और बोलते हैं दिन-रात,माँ की गोद से इसे सीखते,इसमें क्या अचरज की बात। सहज,सरल है और सुरीली,ये वैज्ञानिक भाषा है,भारत की राज भाषा है ये,और जन-जन की भाषा है। सत्साहित्य सुलभ है … Read more

उफ! सर्दी

डॉ. आशा मिश्रा ‘आस’मुंबई (महाराष्ट्र)******************************************* उफ़्फ़ ए सर्दी फिर से आई,गर्मी ने अब छुट्टी पाई,पतले कपड़े चद्दर फेंके,ओढ़ बैठे कंबल औ रज़ाई। सूरज दादा छुप कर बैठे,कोहरे का साया गहराया,स्वेटर,मफ़लर,कोट पहना तब जाके इंसां गरमाया। ठिठुर रहे बच्चे बूढ़े सब,दिन छोटा और लम्बी रातें,ठंडी हवा चुभे तीरों सम,सभी कर रहे धूप की बातें। पशु-पक्षी हैं … Read more

ये बेटियाँ…

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड)********************************** भोर की प्रथम किरण-सी बेटियाँ,देवियों के शुभ चरण-सी बेटियाँसुख असीमित दें सदा ही गेह में,हास के पावन वरण-सी बेटियाँ। कुहू के सुमधुर भाष-सी बेटियाँ,रमा की मृदुल हास-सी बेटियाँशोक का करतीं सदा ही नाश ये,उर के कुसुमित उछास-सी बेटियाँ। गंग के पावन सलिल-सी बेटियाँ,संपदा से नित कलिल-सी बेटियाँहिमशिखर पर हैं विजय का गान … Read more

दिखाये उजाले क्यूँ !

डॉ. अनिल कुमार बाजपेयीजबलपुर (मध्यप्रदेश)*********************************** अंधेरे ही मिले हमको,दिखाये फिर उजाले क्यूँ,लुटाना था सभी कुछ तो,लगाते फिर ताले क्यूँ। लगी है भूख जोरों की,नहीं है पास खाने को,नहीं दोगे हमें रोटी,बनाते फिर निवाले क्यूँ। भरे थे राह में काँटे,तुम्हें था शौक चलने का,रिसे जब खून पैरों से,दिखाते दर्द छाले क्यूँ। कभी खाई कसम थी रखोगे … Read more

किसे सुनाऊँ मन की बात

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ किसे सुनाऊँ मन की बात,दिन से कहती तो आ जातीसुनने को पीछे से रात। लगा हुआ है सबके पीछे,एक गुप्तचर जाना मानायदि मैं निशि को ही बतलाऊँ,नहीं प्रभात छोड़ता आना।सभी चाहते मन की सुनना,सभी लगाए बैठे घात। मन की बात सुना देने से,मन की बात नहीं रह जातीहो जाती वह दुनिया की जो,कभी … Read more

क़दम हैं वर्तमान के

संदीप धीमान चमोली (उत्तराखंड)********************************** कदम हैं वर्तमान के,भविष्य की डगर पर,भूत का ज्ञान धर,चलना मगर सफर पर। काल तीनों ही अहमएकाग्र और ध्यान को,तू ध्यान मत देनावर्तमान की खबर पर। ठोकरें भूत कीवर्तमान का ज्ञान है,ध्यान रख भविष्य परमंजिल तेरे सबर पर। बालपन काल भूतयुवा वर्तमान है अगर,भविष्य वृद्ध ज्ञान कोअनुभव है नजर पर। क़दम बढ … Read more

आजादी से विकास की ओर !

प्रीति शर्मा `असीम`नालागढ़(हिमाचल प्रदेश)******************************************** ७५ बरस की आजादी का अमृत और हम सपर्धा विशेष…. गुलामी के अनगिनत सालों के बाद,कितने लड़े-कितने मरे उन वीर जवानों के बाद। आज देश स्वतंत्रता की आबोहवा में,७५ वर्ष की आजादी का अमृत उत्सव मना रहा हैएक बार अपने गिरेबान में झांक कर देखें,हमारा देश आजादी से विकास की ओर … Read more