हर इक लम्हा याद आया
शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** साथ तुम्हारे जो गुज़रा वो वक्त पुराना याद आया,जीवन के दुष्कर लम्हों में साथ निभाना याद आया। देख रहा धुँधली आँखों से गये समय की तस्वीरें,वो घूँघट की आड़ लिये तेरा मुस्काना याद आया। सोच में डूबे-डूबे जब भी आँख मेरी भर आती थी,चुहल भरी बातों से वो मुझको बहलाना याद … Read more