खिली-खिली तबीयत है

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ***************************************** दिनकर ने शोले बरसाए पर अब तो राहत है।बहुत दिनों के बाद सभी की खिली-खिली तबियत है॥ ताल-तलैयां रीत गए थे,नदियां भी थीं सूखीबुझा-बुझा मन रहता था,और काया भी थी रूखी। बारिश की बूँदों से पर अब हर उर आनंदित है,बहुत दिनों के बाद सभी की खिली-खिली तबियत है…॥ कंठ … Read more

हमेशा नहीं रहने वाली

संदीप धीमान चमोली (उत्तराखंड)********************************** हमेशा नहीं रहने वालीये देह कमरा किराए का,आँसू भी तेरे खुद कहां-अपना ही कोई रुलाएगा। माटी की देह को मेरीख़ाक अपना ही मिलाएगा,चिंता करूं मैं किसकी यहां,जो मुझको ही आग लगाएगा! है ख़ुदा की रहमत हम परजो गहरी नींद सुलाएगा,मोजों की रवानी जन्नत के-ख्वाब हकीकत बनाएगा। दर्द दिए जो जमाने भर नेगर्त … Read more

नया सवेरा आएगा

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’अल्मोड़ा(उत्तराखंड) *************************************** रचना शिल्प:मात्राभार-३०,यति-१६-१४,पदांत-२२२ कोरोना की बीमारी का,शीघ्र अंत हो जाएगा।दु:ख की काली घटा छँटेगी,नया सवेरा आएगा॥ भुगता है बीते वर्षों से,इसने डेरा डाला है।अब भी इसके रूप निराले,समग्र जग को घेरा है॥प्रभावशाली टीके से अब,यह कोरोना हारेगा।दु:ख की काली घटा छँटेगी,नया सवेरा आएगा॥ कोरोना की बीमारी का,शीघ्र अंत हो जाएगा।दु:ख की काली … Read more

सच्चे अच्छे हैं

संजय जैन मुम्बई(महाराष्ट्र) **************************************** दिलके आँगन मेंकुछ तो बातें हैं,जिसमें कभी खुशीतो कभी गम है,इन गमों को दूरकरने को दोस्त होते हैं,जो स्नेह-प्यार सेदु:ख-दर्द हर लेते हैं। कुछ तो है तुम्हारीबेचैनी का राज,जो तुम्हारे चेहरेपर झलक रहा है,हम से कहो तुमअपने दिल की बात,ताकि तुम्हारे चेहरे कीउदासी को मिटा सकें। अपने दिल पर तुमपरते मत जमाओ,दिल … Read more

भविष्य निर्माता उत्पीड़न व शोषण के शिकार

वन्दना शर्मा’वृन्दा’अजमेर (राजस्थान) ***************************************** निजी विद्यालयों में भारतवर्ष का ७० फीसदी से अधिक भविष्य तैयार हो रहा है और उसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है निजी शिक्षक। निजी विद्यालय खोलने वाले भी अच्छे पूंजीपति वर्ग होते हैं,और उसमें पढ़ने वाले बच्चे भी मोटे पूंजीपतियों के होते हैं और मोटी मोटी होती है इन शालाओं की फीस,मगर … Read more

नरसिंहराव के प्रति कांग्रेस की कृतघ्नता

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* भारत के प्रधानमंत्री रहे पामुलपर्ती वेंकट नरसिंहरावजी का इस २८ जून को सौवां जन्मदिन था। प्रधानमंत्री बनने के पहले वे विदेश मंत्री, गृहमंत्री,रक्षा मंत्री और मानव संसाधन मंत्री रह चुके थे। १९९१ में जब वे प्रधानमंत्री बने तो तीन पड़ौसी देशों के प्रधानमंत्रियों ने पूछा कि क्या राव साहब इस पद को … Read more

पारिवारिक प्रेम-प्यार

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ************************************** ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम’ स्पर्धा विशेष….. पिता का प्रेम-पसीना और हम भाई,बहन,माता।दिलों में प्यार सजा रखते तो परिवार भी निखर जाता॥पिता का प्रेम… मिली तकदीर भली जिससे लगे हर जिन्दगी न्यारी,करें भगवान दया हम पर लगे सबको बड़ी प्यारी।घड़ी होती अगर मुश्किल तो सबका साथ बन जातासभी … Read more

पिता हैं तो हम हैं

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम’ स्पर्धा विशेष….. परम पूज्य पिता की महानता जितनी बताऊँगी है कम,याद आती है बचपन से ले के सभी बातें,आँखें होती हैं नम। पिता,मेरी माँ की लाल-लाल चूड़ी सिन्दूर बिंदी सुहाग है,माता-पिता के प्रेमभरे जीवन से,धरा पर हम आज हैं। पिता हैं मित्र,जो हमें दुनिया में … Read more

पिता के ऋण से कभी उऋण नहीं हो सकते

सुरेन्द्र सिंह राजपूत हमसफ़रदेवास (मध्यप्रदेश)****************************************** ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम’ स्पर्धा विशेष….. पिता के ऋण से हम कभी उऋण नहीं हो सकते,क्योंकि संसार में एक पिता ही वह शख़्स है जो चाहता है कि मेरे बच्चे मुझसे भी ज़्यादा तरक़्क़ी करें। पिता अपने बच्चों की ख़्वाहिशें पूरी करने के लिए जो कड़ी मेहनत और संघर्ष … Read more

पिता का प्रेम जैसा हमने पाया

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम’ स्पर्धा विशेष….. नमन करूँ हे पिता तुम्हें,मुझसे मुँह कैसे मोड़ लियास्वार्थ भरी इस दुनिया में,क्यों मुझे अकेला छोड़ दिया। कैसे जाऊँगा तुम बिन मैं,बस इतना तो सोचा होताहो गया अकेला दुनिया में,तुम छोड़ गऐ मुझको रोता। लाड़प्यार से बेटे को जब,तुमने गोद खिलाया थाघुटनों पर … Read more